जैसलमेर बस अग्निकांड ,दिल दहलाने वाली दास्तां जो सुन आप सिहर जाएंगे, जिंदा बचे लोगों ने बताई

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News India Live, Digital Desk: राजस्थान के जैसलमेर में रविवार, 13 अक्टूबर, 2025 को हुई भयानक बस दुर्घटना, जिसमें 20 लोगों की जलकर दुखद मौत हो गई थी, उस त्रासदी की कहानियां अब सामने आने लगी हैं. जिन कुछ खुशनसीब लोगों ने अपनी जान बचाई, उन्होंने उस भयावह मंजर को बयां किया है, जिसे सुनकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे. 'जैसलमेर बस अग्निकांड' की यह रोंगटे खड़ी करने वाली दास्तान बताती है कि उस बस में मौत से बचने का सिर्फ एक ही रास्ता था!

जिंदा बचे लोगों की आपबीती: 'बाहर निकलने का सिर्फ एक दरवाजा!'

दुर्भाग्यपूर्ण 'राजस्थान बस अग्निकांड' के एकमात्र बचे हुए, चालक के दोस्त चोदाराम, जो किसी तरह खुद को जलती बस से बाहर निकालने में कामयाब रहे, ने पुलिस और मीडिया को जो जानकारी दी, वह इस त्रासदी की गंभीरता को बढ़ाती है. चोदाराम के अनुसार, बस के अंदर 'आग लगने के बाद धुआं और गर्मी' इतनी तेजी से बढ़ी कि किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला. बस के पीछे के गेट तक लोग चाहकर भी नहीं पहुंच पाए. उनका दावा है कि बस में पीछे एक गेट था, लेकिन वहां तक पहुंचने का कोई रास्ता ही नहीं था, या वह जाम हो गया था. 'जैसलमेर त्रासदी के बचे हुए व्यक्ति' के रूप में उन्होंने दिल दहला देने वाला मंजर बताया.

इसी बात को अग्निशमन अधिकारियों और जांच टीम ने भी कुछ हद तक सही पाया. अग्निशमन अधिकारी प्रवीण सिंह ने मीडिया को बताया कि आग लगने के कुछ मिनटों के भीतर ही सीटों से 'भयानक जहरीला धुआं' निकलने लगा था, जिसने बस में फंसे लोगों को लगभग बेहोश कर दिया होगा. बस में एक के बाद एक कई छोटे 'ब्लास्ट' भी हुए, संभवतः एसी कंप्रेसर या डीजल टैंक के कारण, जिसने आग की गति को और तेज कर दिया. ऐसे में यात्रियों के पास 'बच निकलने का रास्ता' बेहद कम बचा था.

लाशें पहचानना भी हुआ मुश्किल (Jaisalmer Bus Accident Identities):

इस भयानक अग्निकांड की गंभीरता का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि मरने वालों में से ज्यादातर शव पूरी तरह से जल गए थे और उन्हें 'पहचान पाना मुश्किल' हो रहा था. कई लोग बस में लगी सीट के स्प्रिंग पर गिरकर दम घुटने से या जलकर मारे गए थे. अग्निशमन विभाग के अधिकारी और मौके पर मौजूद पुलिस ने भी इस बात की पुष्टि की है. 'जलकर मरे यात्रियों की पहचान' अभी भी एक चुनौती है.

बस में हुए थे 'अवैध' बदलाव: दुर्घटना की असल जड़

पुलिस जांच में पता चला है कि इस भयावह दुर्घटना की असल वजह 'बस में हुए अवैध बदलाव' थे. जिस बस में 20 लोगों की जान गई, उसे मूल रूप से बस कम सामान ढोने वाले वाहन के रूप में प्रमाणित किया गया था. लेकिन बस मालिक ने 'गैर-कानूनी तरीके से' यात्रियों को बैठाने के लिए इसमें अतिरिक्त सीटें लगवा दी थीं और एक 'स्थानीय गैर-अधिकृत एजेंसी' से एसी फिट कराया था. अधिकारियों का मानना है कि 'दोषपूर्ण एसी कनेक्शन' या शॉर्ट सर्किट से निकली चिंगारी से निकली आग ही त्रासदी का कारण बनी. इस गैर-कानूनी रूपांतरण ने बस में सुरक्षा नियमों को ताक पर रख दिया था. यह 'बस सुरक्षा नियमों की अनदेखी' एक गंभीर चिंता का विषय है.

यह जैसलमेर त्रासदी सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि गंभीर 'सरकारी लापरवाही और ऑपरेटरों की गैर-जिम्मेदारी' का एक उदाहरण है. यह हमें सिखाती है कि सुरक्षा नियमों का पालन और जागरूकता कितनी जरूरी है.

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