Jaipur Controversy : चांदपोल दरगाह की मरम्मत पर क्यों मचा है बवाल? हेरिटेज लुक और अतिक्रमण के दावों के बीच आमने-सामने आए नेता

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News India Live, Digital Desk :  पिंक सिटी के चांदपोल इलाके में स्थित एक पुरानी दरगाह की मरम्मत के कार्य ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। जहाँ एक पक्ष इसे जर्जर ढांचे को सुरक्षित करने की कोशिश बता रहा है, वहीं स्थानीय लोगों और कुछ राजनीतिक संगठनों ने इसे 'अतिक्रमण' और 'हेरिटेज से छेड़छाड़' का नाम देकर विरोध शुरू कर दिया है।

विवाद की मुख्य जड़ (The Core Issue)

मामला तब शुरू हुआ जब चांदपोल गेट के पास स्थित दरगाह परिसर में निर्माण सामग्री पहुँची और मरम्मत का काम शुरू किया गया। विरोध करने वाले पक्ष का आरोप है कि:

हेरिटेज का उल्लंघन: पुरानी दीवारों के पास नया निर्माण किया जा रहा है, जिससे जयपुर की ऐतिहासिक विरासत के मूल स्वरूप को खतरा है।

अतिक्रमण का दावा: आरोप लगाया जा रहा है कि मरम्मत की आड़ में सार्वजनिक जमीन को घेरने की कोशिश की जा रही है।

अनुमति का अभाव: प्रदर्शनकारियों का दावा है कि नगर निगम या हेरिटेज विभाग से इसके लिए जरूरी परमिशन नहीं ली गई है।

सियासी घमासान (Political Reaction)

इस मुद्दे पर जयपुर के स्थानीय नेताओं के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। बीजेपी और अन्य हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर नारेबाजी की और काम रोकने की मांग की। वहीं, दूसरे पक्ष का कहना है कि यह केवल पुरानी और गिरती हुई दीवारों की मरम्मत है ताकि कोई दुर्घटना न हो। प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है।

प्रशासन का रुख

नगर निगम हेरिटेज और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने मौके का मुआयना किया है। फिलहाल निर्माण कार्य पर रोक लगा दी गई है और दस्तावेजों की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जयपुर एक UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज साइट है, इसलिए यहाँ किसी भी पुराने ढांचे में बिना अनुमति के बदलाव या नया निर्माण गैरकानूनी है।