Jagdeep Dhankhar's sharp Attitude: किस बात पर हुई थी इस्तीफे की चर्चा क्या संसद की मर्यादा पर उठा था सवाल
News India Live, Digital Desk: Jagdeep Dhankhar's sharp Attitude: भारत के उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ अपनी बेबाकी और संसदीय मर्यादा के पालन पर जोर देने के लिए जाने जाते हैं। कई मौकों पर उन्होंने सदन में विपक्ष के व्यवधान और अनियमित व्यवहार पर कड़ा रुख अपनाया है। ऐसे ही एक अवसर पर, उनका एक बयान आया था जिसने पूरे देश का ध्यान खींचा, जब उन्होंने लगभग 'इस्तीफे' तक की बात कह दी थी। यह स्थिति तब बनी थी जब संसद के भीतर कुछ सदस्यों द्वारा अस्वीकार्य आचरण देखा गया था।
घटना उस वक्त हुई थी जब सदन में कार्यवाही चल रही थी और विपक्षी सदस्य लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, जिससे बार-बार सदन की कार्यवाही बाधित हो रही थी। उपराष्ट्रपति धनखड़ ने लगातार सदस्यों से अपील की कि वे शांत रहें, अपनी सीटों पर वापस लौटें और नियमों का पालन करते हुए अपनी बात रखें। उन्होंने लोकतंत्र के मंदिर की गरिमा बनाए रखने पर जोर दिया।
लेकिन जब उनका आग्रह और अपील भी काम नहीं आई, और सदन में अनुशासनहीनता जारी रही, तो जगदीप धनखड़ बेहद हताश और व्यथित हो गए। इसी व्यथा में उन्होंने सख्त लहजे में अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि यदि सदन इसी तरह चलता रहेगा, और सदस्य संसदीय नियमों का सम्मान नहीं करेंगे, तो उनके लिए इस पद पर बने रहना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने लगभग इस ओर इशारा किया कि अगर स्थिति नहीं सुधरी तो वह इस्तीफा देने के बारे में भी सोच सकते हैं। यह उनके गहरे दुख और संसदीय परंपराओं के प्रति उनके सम्मान को दर्शाता था।
उनके इस बयान को गंभीरता से लिया गया, और यह पूरे राजनीतिक वर्ग के लिए एक कड़ा संदेश था कि संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्ति किस हद तक असहज महसूस कर सकते हैं जब संसदीय कार्यवाही में मर्यादा भंग होती है। जगदीप धनखड़, जो पहले पश्चिम बंगाल के राज्यपाल भी रह चुके हैं, हमेशा नियमों के पालन और बहस की स्वस्थ परंपराओं को प्रोत्साहित करते रहे हैं। उनका यह बयान एक याद दिलाना था कि लोकतंत्र केवल नियमों का सेट नहीं, बल्कि सम्मान और गरिमा की भावना पर आधारित है।
यह घटना यह भी बताती है कि उपराष्ट्रपति और राज्यसभा सभापति का पद कितना चुनौतीपूर्ण होता है, जब उन्हें विपक्षी सदस्यों के आक्रामक विरोध प्रदर्शन के बीच सदन की कार्यवाही को सुचारु रूप से चलाना होता है।