Invest in Gold : सोना खरीदने का सुनहरा मौका, सरकार बेच रही है सस्ता सोना, जानें कौन, कैसे और कितना खरीद सकता है
News India Live, Digital Desk: त्योहारों का मौसम शुरू होते ही सोना खरीदने वालों की भीड़ बाज़ारों में उमड़ पड़ती है. लेकिन इस बार आपको दुकान तक जाने की भी ज़रूरत नहीं है, क्योंकि भारत सरकार खुद आपको सस्ता सोना खरीदने का एक शानदार मौका दे रही है. जी हां, रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (Sovereign Gold Bond - SGB) की नई किश्त जारी कर दी है.
इस स्कीम के तहत, सरकार कुल 32,000 करोड़ रुपये के बॉन्ड जारी कर रही है. यह न सिर्फ सोना खरीदने का एक सुरक्षित तरीका है, बल्कि इसमें आपको बाज़ार भाव से सस्ता सोना और ऊपर से ब्याज भी मिलता है.
तो चलिए, आसान भाषा में समझते हैं कि यह स्कीम क्या है, इसमें कौन पैसा लगा सकता है और इसके फायदे क्या-क्या हैं.
क्या है ये सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड?
यह असल में कागज़ या डिजिटल फॉर्म में सोना खरीदने जैसा है. आप पैसे देकर सरकार से गोल्ड बॉन्ड खरीदते हैं, जो सोने की कीमत से जुड़ा होता है. आपको असल में सोना नहीं मिलता, बल्कि एक सर्टिफिकेट मिलता है. जब आप इसे बेचते हैं, तो आपको उस समय के सोने के भाव के हिसाब से पैसा वापस मिल जाता है. इसे RBI सरकार की तरफ से जारी करता है.
कौन खरीद सकता है ये सोना?
भारत में रहने वाला कोई भी व्यक्ति, हिंदू अविभाजित परिवार (HUF), ट्रस्ट, यूनिवर्सिटी और चैरिटेबल संस्थाएं ये बॉन्ड खरीद सकती हैं. हालांकि, NRI (अप्रवासी भारतीय) इसमें निवेश नहीं कर सकते.
कितना सोना खरीद सकते हैं?
- कम से कम: आप कम से कम 1 ग्राम सोने के बराबर का बॉन्ड खरीद सकते हैं.
- ज़्यादा से ज़्यादा:
- एक व्यक्ति या हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) एक साल में ज़्यादा से ज़्यादा 4 किलो सोने के बराबर के बॉन्ड खरीद सकता है.
- ट्रस्ट और दूसरी संस्थाएं एक साल में 20 किलो तक के बॉन्ड खरीद सकती हैं.
सबसे बड़ा सवाल: फायदे क्या हैं?
- सस्ता सोना: सरकार अक्सर बाज़ार भाव से कुछ कम कीमत पर ये बॉन्ड जारी करती है. इसके अलावा, अगर आप ऑनलाइन पेमेंट करते हैं, तो आपको प्रति ग्राम 50 रुपये की अतिरिक्त छूट भी मिलती है.
- ऊपर से ब्याज भी: यह इस स्कीम का सबसे बड़ा फायदा है. आपको आपके निवेश पर हर साल 2.5% का ब्याज भी मिलता है, जो हर 6 महीने में आपके बैंक खाते में जमा हो जाता है. दुकान से सोना खरीदने पर आपको यह फायदा कभी नहीं मिलता.
- शुद्धता की 100% गारंटी: ये बॉन्ड 24 कैरेट (99.9%) शुद्ध सोने की कीमत से जुड़े होते हैं.
- रखने का कोई झंझट नहीं: फिजिकल सोने की तरह इसे लॉकर में रखने या चोरी होने का कोई डर नहीं होता, क्योंकि यह आपके डीमैट अकाउंट या सर्टिफिकेट के रूप में होता है.
- टैक्स में भी फायदा: 8 साल बाद जब आप इसे बेचते हैं, तो उस पर होने वाले मुनाफे पर कोई टैक्स (कैपिटल गेन टैक्स) नहीं लगता है.
कैसे और कहां से खरीदें?
आप इन गोल्ड बॉन्ड को बैंकों (जैसे SBI, HDFC, ICICI), स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (SHCIL), डाकघरों और स्टॉक एक्सचेंजों (जैसे NSE, BSE) के ज़रिए खरीद सकते हैं.
अगर आप त्योहारों में सोना खरीदना चाहते हैं, तो दुकान पर जाने से पहले एक बार सरकार की इस शानदार स्कीम के बारे में ज़रूर सोचें. यह सुरक्षित भी है और फायदेमंद भी.