Small Savings Schemes: PPF, सुकन्या और NSC पर कल होगा ब्याज दरों का ऐलान; क्या निवेश पर मिलेगा ज्यादा मुनाफा? जानें मौजूदा रेट
छोटी बचत योजनाओं (Small Savings Schemes) में निवेश करने वाले करोड़ों मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए 31 मार्च 2026 का दिन बेहद महत्वपूर्ण है। भारत सरकार वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून 2026) के लिए पीपीएफ (PPF), एनएससी (NSC) और सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) जैसी लोकप्रिय स्कीमों की नई ब्याज दरों की घोषणा कल करने वाली है। निवेशकों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या सरकार अंतरराष्ट्रीय बाजार में जारी उथल-पुथल और महंगाई को देखते हुए ब्याज दरों में बढ़ोतरी का 'तोहफा' देगी या इन्हें स्थिर रखा जाएगा।
फिलहाल इन स्कीमों पर मिल रहा है इतना ब्याज
जनवरी से मार्च 2026 की तिमाही के दौरान सरकार ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया था। वर्तमान में विभिन्न योजनाओं पर मिलने वाला रिटर्न इस प्रकार है:
| बचत योजना | वर्तमान ब्याज दर (जनवरी-मार्च 2026) |
|---|---|
| सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) | 8.2% |
| नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC) | 7.7% |
| किसान विकास पत्र (KVP) | 7.5% (115 महीने में मैच्योरिटी) |
| मंथली इनकम स्कीम (MIS) | 7.4% |
| पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) | 7.1% |
| पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट (3 साल) | 7.1% |
| पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट | 4.0% |
ब्याज दरें तय करने का क्या है गणित?
भारत सरकार हर तीन महीने (तिमाही) में इन योजनाओं की समीक्षा करती है। यह मुख्य रूप से सरकारी बॉन्ड यील्ड (G-Sec Yields) पर आधारित होती है। नियम के अनुसार, छोटी बचत योजनाओं की दरें सरकारी बॉन्ड के रिटर्न से 0.25% से 1% तक अधिक होनी चाहिए। यदि बाजार में ब्याज दरें ऊंची बनी रहती हैं, तो सरकार के पास इन स्कीमों के रेट बढ़ाने की गुंजाइश होती है।
क्या इस बार बढ़ेगा इंटरेस्ट? विशेषज्ञों की राय
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार दरों में बढ़ोतरी की उम्मीद कम नजर आ रही है। इसके पीछे कई बड़े कारण हैं:
वैश्विक अनिश्चितता: मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध (ईरान-इजरायल संकट) ने कच्चे तेल की कीमतों को प्रभावित किया है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव है।
महंगाई का दबाव: घरेलू स्तर पर महंगाई को नियंत्रित करने के लिए रिजर्व बैंक (RBI) ने भी अपनी मौद्रिक नीति को सख्त रखा है।
सरकारी घाटा: बॉन्ड यील्ड में बहुत ज्यादा उछाल न होने के कारण सरकार पीपीएफ जैसी योजनाओं पर 7.1% के रेट को ही बरकरार रख सकती है।
PPF और सुकन्या योजना क्यों हैं खास?
इन योजनाओं में निवेश न केवल सुरक्षित रिटर्न देता है, बल्कि आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत टैक्स छूट का लाभ भी मिलता है। खासकर सुकन्या समृद्धि योजना बेटियों के भविष्य के लिए सबसे बेहतरीन रिटर्न देने वाली स्कीम मानी जाती है, जबकि PPF लंबी अवधि (15 साल) के रिटायरमेंट फंड के लिए निवेशकों की पहली पसंद है।
कल शाम तक वित्त मंत्रालय द्वारा जारी होने वाली आधिकारिक अधिसूचना यह साफ कर देगी कि अगले तीन महीनों के लिए आपकी बचत पर कितनी कमाई होगी।