शोर-शराबा नहीं, चुपचाप मांगें मन्नत 19 जनवरी से शुरू हो रही है गुप्त नवरात्रि, जान लें इसका जादुई असर
News India Live, Digital Desk: हम भारतीयों के लिए नवरात्रि का मतलब होता है गरबा, डांडिया, कलश स्थापना और नौ दिनों तक मां दुर्गा की धूम-धाम से पूजा। आमतौर पर हमें साल में आने वाली दो मुख्य नवरात्रियों (चैत्र और शारदीय) के बारे में तो पता होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हमारे धर्म ग्रंथों में दो और नवरात्रियां भी बताई गई हैं, जिन्हें हम 'गुप्त नवरात्रि' (Gupt Navratri) कहते हैं?
साल 2026 की शुरुआत में ही माघ महीने में यह विशेष नवरात्रि पड़ रही है। यह वो समय होता है जब भक्ति का दिखावा नहीं, बल्कि एकांत में शक्ति को महसूस किया जाता है।
तारीख कर लें पक्की
पंचांग के अनुसार, साल 2026 में माघ महीने की गुप्त नवरात्रि 19 जनवरी, सोमवार से शुरू हो रही है। यह पर्व नौ दिनों तक चलेगा और इसका समापन 27 जनवरी को होगा। यानी आपके पास मां को प्रसन्न करने के पूरे 9 दिन होंगे।
गुप्त नवरात्रि में क्या होता है खास?
देखिये, जैसा कि नाम में ही 'गुप्त' है, इसका मतलब है—छिपा हुआ। यह नवरात्रि उन लोगों के लिए वरदान मानी जाती है जो तंत्र साधना, सिद्धि या किसी विशेष मन्नत को पूरा करना चाहते हैं।
आम नवरात्रि में हम मां दुर्गा के नौ रूपों (शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी आदि) की पूजा करते हैं, लेकिन गुप्त नवरात्रि में 'दस महाविद्याओं' (माँ काली, तारा, त्रिपुर सुंदरी, भुवनेश्वरी आदि) की साधना की जाती है। माना जाता है कि इस दौरान की गई पूजा का फल कई गुना ज्यादा और जल्दी मिलता है, बशर्ते इसे गुप्त रखा जाए।
नियम जो आपको पता होने चाहिए
बड़े-बुजुर्ग कहते हैं कि गुप्त नवरात्रि में आप जितनी गोपनीयता (Secrecy) बरतेंगे, आपकी प्रार्थना उतनी ही जल्दी सुनी जाएगी। यानी, इस पूजा का "ढिंढोरा" नहीं पीटना चाहिए।
- घटस्थापना: 19 जनवरी 2026 की सुबह (शुभ मुहूर्त देखकर) आप अपने घर के मंदिर में कलश स्थापना कर सकते हैं।
- सात्विकता: इन 9 दिनों में घर में मांस-मदिरा, प्याज-लहसुन का सेवन पूरी तरह वर्जित रखें। मन और विचार शुद्ध रखें।
किसे करनी चाहिए ये पूजा?
अगर आप जीवन में किसी बड़ी मुसीबत में फंसे हैं, कोई ऐसा काम है जो बार-बार अटक रहा है, या घर में नकारात्मक ऊर्जा महसूस होती है, तो यह गुप्त नवरात्रि आपके लिए ही है। मां भगवती के सामने चुपचाप जलाया गया एक घी का दीया भी आपकी तकदीर बदल सकता है।
तो 19 जनवरी 2026 की तारीख याद रखें और तैयार हो जाएं एक ऐसी आध्यात्मिक यात्रा के लिए, जो बाहर कम और आपके अंदर ज्यादा होगी।