Indian Railways : बस एक टिकट के लिए 2 किलोमीटर लंबी लाइन, त्योहार पर घर जाना इतना मुश्किल क्यों है?
News India Live, Digital Desk: त्योहार का समय है और हर कोई अपने घर, अपने परिवार के पास लौटना चाहता है। लेकिन घर लौटने का यह रास्ता कितना मुश्किल हो सकता है, इसकी एक परेशान करने वाली तस्वीर गुजरात के सूरत शहर से सामने आई है। यहां रेलवे स्टेशन पर यूपी-बिहार जाने वाली ट्रेनों के लिए टिकट खरीदने वालों की इतनी भीड़ जमा हो गई कि लाइन 2 किलोमीटर तक लंबी हो गई।
सोचिए, सिर्फ एक टिकट पाने की उम्मीद में हजारों लोग, जिनमें महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल थे, घंटों तक लाइन में खड़े रहे। यह नजारा शनिवार को सूरत रेलवे स्टेशन पर देखने को मिला, जहां दिवाली और छठ पूजा के लिए अपने घर जाने वाले लोगों का सैलाब उमड़ पड़ा था।
क्यों हैं ऐसे हालात?
सूरत को टेक्सटाइल और डायमंड का हब माना जाता है, जहां उत्तर प्रदेश और बिहार के लाखों लोग काम करने के लिए आते हैं। दिवाली और उसके ठीक बाद आने वाला छठ पूजा का महापर्व, इन लोगों के लिए साल का सबसे बड़ा त्योहार होता है। यही वह समय होता है जब वे पूरे साल की मेहनत के बाद अपने परिवार से मिलने के लिए निकलते हैं।
इस बार भी जब टिकट बुकिंग शुरू हुई, तो देखते ही देखते सारी कन्फर्म सीटें भर गईं। अब लोगों के पास तत्काल टिकट या अनारक्षित (जनरल) टिकट का ही सहारा बचा है, जिसे पाने के लिए यह जंग चल रही है।
क्या रेलवे की तैयारी काफी है?
हालांकि भारतीय रेलवे ने त्योहारों की भीड़ को देखते हुए कई स्पेशल ट्रेनें चलाई हैं, लेकिन यह तैयारी भी इस भारी भीड़ के सामने नाकाफी साबित हो रही है। हर साल यही कहानी दोहराई जाती है। ट्रेनों में जगह मिलना तो दूर, टिकट काउंटर तक पहुंचना ही एक बहुत बड़ी चुनौती बन जाता है।
यह 2 किलोमीटर लंबी लाइन सिर्फ एक भीड़ नहीं है, यह उन लाखों लोगों की मजबूरी और घर जाने की तड़प को दिखाती है जो रोजी-रोटी के लिए अपना घर-परिवार छोड़कर सैकड़ों किलोमीटर दूर रहते हैं। उनकी बस एक ही ख्वाहिश है - किसी भी तरह एक टिकट मिल जाए और वो त्योहार की खुशियां अपनों के साथ मना सकें।