Indian Army : भारतीय सेना की नई शक्ति सीमा पर दुश्मनों को चौंकाने के लिए रुद्र भैरव और शक्तिबाण का गठन

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Newsindia live,Digital Desk : Indian Army :  भारतीय सेना ने अपनी युद्धक क्षमताओं को भविष्य के लिए तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने विजय दिवस के अवसर पर कई नई और विशेषीकृत इकाइयों के गठन की घोषणा की। इस पुनर्गठन का उद्देश्य सेना को अधिक गतिशील लचीला और तकनीकी रूप से उन्नत बनाना है। इस बदलाव के तहत रुद्र भैरव और शक्तिबाण जैसी नई लड़ाकू संरचनाओं को सक्रिय किया गया है जो आधुनिक युद्ध की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम होंगी।

'रुद्र' नामक एक सर्व-आयुध ब्रिगेड की स्थापना की गई है।इस ब्रिगेड में पैदल सेना यंत्रीकृत पैदल सेना बख्तरबंद इकाइयाँ तोपखाना विशेष बल और मानव रहित हवाई इकाइयाँ एक ही स्थान पर एकीकृत की गई हैं। इसका उद्देश्य विभिन्न हथियारों और बलों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है ताकि युद्ध के मैदान में तेजी से और प्रभावी ढंग से कार्रवाई की जा सके। यह एकीकृत संरचना विभिन्न प्रकार के सैन्य अभियानों में अधिकतम लड़ाकू क्षमता सुनिश्चित करेगी। दो इन्फैंट्री ब्रिगेड को पहले ही रुद्र ब्रिगेड में बदल दिया गया है।

इसके अलावा 'भैरव' नामक हल्की कमांडो बटालियनों का भी गठन किया गया है। ये इकाइयाँ विशेष रूप से सीमा पार त्वरित कार्रवाई और सीधी हमलावर कार्रवाइयों के लिए बनाई गई हैं। इनका लक्ष्य दुश्मन को आश्चर्यचकित करना और तेजी से हमला करना है। भैरव बटालियन में विशेष रूप से प्रशिक्षित सैनिक शामिल होंगे जो किसी भी संवेदनशील क्षेत्र में सेना की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को बढ़ाएंगे। ये इकाइयाँ विशेष बल और पैदल सेना इकाइयों के बीच एक पुल का काम करेंगी।

तोपखाने की शक्ति को बढ़ाने के लिए 'शक्तिबाण' रेजिमेंट की स्थापना की गई है। इन रेजिमेंटों को ड्रोन काउंटर-ड्रोन तकनीक और उन्नत तोपखाना प्रणालियों से लैस किया जाएगा।] इससे न केवल आक्रामक मारक क्षमता में वृद्धि होगी बल्कि हवाई खतरों के खिलाफ रक्षात्मक लचीलापन भी मजबूत होगा। हर रेजिमेंट में एक समग्र बैटरी होगी जिसमें ये सभी प्रणालियाँ शामिल होंगी। पैदल सेना की प्रत्येक बटालियन में अब एक ड्रोन प्लाटून भी शामिल है।'दिव्यास्त्र' बैटरी के तहत स्वदेशी वायु रक्षा प्रणालियों को भी शामिल किया जा रहा है।

सेना का यह परिवर्तन ऑपरेशन सिंदूर के अनुभवों और भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। इसका उद्देश्य भारतीय सेना को एक ऐसी ताकत बनाना है जो किसी भी खतरे का निर्णायक रूप से जवाब दे सके। इन नई इकाइयों का गठन भारतीय सेना के आधुनिकीकरण और एकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है जिसका उद्देश्य एक दुबली तेज और तकनीकी रूप से बेहतर लड़ाकू शक्ति बनना है।

 

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