AI से भारत छुएगा 25% की विकास दर India AI Impact Summit 2026 में एंथ्रोपिक CEO डारियो अमोदेई का बड़ा दावा

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News India Live, Digital Desk :  दिल्ली में आयोजित इस समिट में डारियो अमोदेई ने भारत को न केवल एक बड़ा बाजार, बल्कि एआई के विकास के लिए दुनिया की सबसे बेहतरीन 'टेस्ट लैब' करार दिया। उन्होंने कहा कि भारत में मौजूद तकनीकी कौशल और नई तकनीक को अपनाने की जो ललक है, वह दुनिया में और कहीं नहीं देखी गई।

डारियो अमोदेई के संबोधन की मुख्य बातें (Key Highlights)

1. 25% ग्रोथ का जादुई आंकड़ा: अमोदेई ने कहा कि विकसित देशों में एआई आर्थिक विकास दर को 10% तक बढ़ा सकता है, लेकिन भारत में 'कैच-अप ग्रोथ' (तेजी से बराबरी करने की क्षमता) की संभावना इतनी अधिक है कि यह विकास दर 20 से 25 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। उन्होंने इसे एक "बुलीश परिदृश्य" (Bullish Scenario) बताया।

2. डेटा सेंटर में 'जीनियसों का देश': उन्होंने एआई की प्रगति को 'इंटेलिजेंस के लिए मूर का नियम' (Moore's Law for Intelligence) बताते हुए कहा कि हम बहुत जल्द उस स्तर पर होंगे जिसे वे "Country of Geniuses in a Data Centre" कहते हैं। यानी एआई एजेंट अधिकांश कार्यों में इंसानों से भी अधिक सक्षम होंगे।

3. भारत में विस्तार और साझेदारी:

नया ऑफिस: एंथ्रोपिक ने बेंगलुरु में अपना नया ऑफिस खोलने की घोषणा की है।

इंफोसिस (Infosys) के साथ डील: कंपनी ने भारतीय टेक दिग्गज इंफोसिस के साथ हाथ मिलाया है ताकि एंटरप्राइज स्तर पर एआई सॉल्यूशंस पेश किए जा सकें।

स्थानीय भाषाओं पर जोर: उनके एआई मॉडल 'सोननेट 4.6' (Sonnet 4.6) में अब 10 भारतीय भाषाओं का सपोर्ट शामिल किया गया है, ताकि कृषि और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में ग्रामीण स्तर तक लाभ पहुंचे।

अवसरों के साथ चुनौतियों का भी जिक्र

अमोदेई ने केवल सुनहरे भविष्य की बात ही नहीं की, बल्कि कुछ गंभीर चिंताओं पर भी रोशनी डाली:

नौकरियों पर प्रभाव: उन्होंने आगाह किया कि एआई के कारण सफेदपोश (White-collar) नौकरियों में बड़े बदलाव और विस्थापन (Displacement) की संभावना है।

सुरक्षा जोखिम: एआई का गलत इस्तेमाल और इसके स्वायत्त व्यवहार (Autonomous Behavior) को नियंत्रित करना एक बड़ी चुनौती होगी।

समाधान: उन्होंने भारत को एआई सुरक्षा मानकों (Safety Standards) को तय करने में वैश्विक नेतृत्व करने का आह्वान किया।

अमोदेई का कोट: “भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और वह एआई के वैश्विक सुरक्षा और आर्थिक जोखिमों को संबोधित करने में एक लीडर बन सकता है।”