BREAKING:
April 03 2026 06:41 am

India China meeting : मोदी पहुँचे चीन, जिनपिंग से मुलाक़ात में उठी कैलाश मानसरोवर यात्रा की बात

Post

News India Live, Digital Desk: India China meeting :  एक लंबे समय के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर चीन की यात्रा पर हैं। शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक में हिस्सा लेने पहुँचे पीएम मोदी की इस यात्रा पर पूरी दुनिया की नज़रें हैं, लेकिन सबसे ख़ास है उनकी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाक़ात। रविवार को तिआनजिन शहर में दोनों बड़े नेताओं के बीच द्विपक्षीय बातचीत हुई।

यह मुलाक़ात इसलिए भी अहम हो जाती है क्योंकि पिछले कुछ सालों में भारत और चीन के रिश्तों में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। ऐसे में यह जानना ज़रूरी है कि आखिर बंद दरवाज़ों के पीछे दोनों नेताओं के बीच किन मुद्दों पर चर्चा हुई।

भक्तों के लिए अच्छी ख़बर

जो ख़बर छनकर बाहर आ रही है, उसमें सबसे बड़ी बात कैलाश मानसरोवर यात्रा को लेकर हुई चर्चा है। आपको याद होगा कि कुछ साल पहले नाथू ला दर्रे के रास्ते होने वाली यह यात्रा रोक दी गई थी, जिससे श्रद्धालुओं को काफ़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। जानकारी के मुताबिक, इस बैठक में पीएम मोदी ने कैलाश मानसरोवर यात्रा को फिर से सुचारू रूप से शुरू करने का मुद्दा उठाया, ख़ासकर पुराने और आसान रास्ते से। यह उन हज़ारों भारतीय भक्तों के लिए एक बड़ी उम्मीद की किरण है जो हर साल कैलाश की पवित्र यात्रा पर जाना चाहते हैं।

भरोसे और सम्मान पर दिया ज़ोर

बात सिर्फ़ यहीं ख़त्म नहीं हुई। दोनों नेताओं ने भारत और चीन के रिश्तों को बेहतर बनाने पर भी ज़ोर दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने साफ़ तौर पर कहा कि दोनों देशों के बीच भरोसा और एक-दूसरे के प्रति सम्मान का भाव होना बेहद ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि सीमा पर शांति बनाए रखना दोनों देशों के हित में है।

यह बैठक भले ही SCO शिखर सम्मेलन के मौक़े पर हुई हो, लेकिन इसके मायने कहीं ज़्यादा गहरे हैं। यह मुलाक़ात इशारा कर रही है कि दोनों पड़ोसी देश अब अतीत की कड़वाहट को भुलाकर आगे बढ़ने और बातचीत के ज़रिए मुद्दों को सुलझाने के लिए तैयार दिख रहे हैं। अब देखना होगा कि इस बातचीत का असर आने वाले समय में कितना दिखाई देता है।