भारत ने रूसी तेल को छोड़ अबू धाबी से 2 मिलियन बैरल 'अपर जाकुम' कच्चा तेल खरीदा - प्रतिबंधों ने आयात की दिशा बदल दी

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अबू धाबी ऑयल: नए अमेरिकी प्रतिबंधों के असर के बीच भारत की सरकारी तेल कंपनी भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) ने एक बड़ा फैसला लिया है। कंपनी ने रूसी तेल के बदले अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (ADNOC) से 20 लाख बैरल 'अपर ज़कुम' ग्रेड का कच्चा तेल खरीदा है। यह सौदा दिसंबर में पूरा होगा।

प्रतिबंधों ने एक नई रणनीति बनाई

पिछले हफ़्ते, अमेरिका ने यूक्रेन में युद्ध का कथित तौर पर समर्थन करने के लिए दो प्रमुख रूसी कंपनियों, रोसनेफ्ट और लुकोइल पर प्रतिबंध लगा दिए। इससे भारतीय रिफाइनर सतर्क हो गए हैं। बीपीसीएल के एक अधिकारी ने कहा, “अब हम केवल उन्हीं रूसी कंपनियों से तेल खरीदेंगे जो प्रतिबंध सूची में नहीं हैं।”

ऊपरी ज़ाकुम बनाम रूसी यूराल - मुख्य अंतर

1) ऊपरी ज़कुम

अबू धाबी के अपतटीय क्षेत्रों से प्राप्त मध्यम-भारी कच्चा तेल। कम सल्फर सामग्री, आसानी से परिष्कृत और कम लागत वाला। भारत और जापान जैसे एशियाई बाजारों में बेहद लोकप्रिय।

2) रूसी यूराल

कीमत में सस्ता लेकिन सल्फर की मात्रा ज़्यादा। शुद्धिकरण में ज़्यादा लागत और समय लगता है।

आयात में बड़ा बदलाव आ रहा है

बीपीसीएल हर महीने 14.6 मिलियन बैरल कच्चा तेल आयात करती है। अब तक, इसका एक बड़ा हिस्सा रूस से आता था। अब सरकार 50% प्रतिबंध-मुक्त रूसी आपूर्तिकर्ताओं से और 50% अबू धाबी और सऊदी अरब जैसे देशों से खरीदने की योजना बना सकती है।

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