ट्रंप की हत्या पर दबाया जाएगा 'ऑटोमैटिक' बटन? ईरान पर लॉक हुईं 1000 मिसाइलें, जानें क्या है अमेरिकी रक्षा प्रणाली का सच
संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा सैन्य एवं कूटनीतिक गतिरोध एक अत्यंत संवेदनशील और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक बेहद सनसनीखेज दावा करते हुए पूरी दुनिया को चौंका दिया है। ट्रंप के मुताबिक, उन्होंने अमेरिकी सशस्त्र बलों को 'स्टैंडिंग ऑर्डर्स' (स्थायी आदेश) दे रखे हैं कि यदि ईरान उनकी हत्या करने या उन्हें किसी भी प्रकार का नुकसान पहुंचाने की कोशिश करता है, तो तेहरान पर अब तक का सबसे विनाशकारी सैन्य पलटवार किया जाए। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि 1,000 मिसाइलें इस वक्त पूरी तरह से तैयार हैं और उनका निशाना सीधे ईरान की ओर लॉक है।
क्या वाकई काम करेगा 'डेड मैन्स स्विच'? अमेरिकी संविधान और विशेषज्ञों ने खोला राज
डोनाल्ड ट्रंप के इस दावे ने अंतरराष्ट्रीय रक्षा विशेषज्ञों के बीच एक नई बहस छेड़ दी है कि क्या वाकई अमेरिकी राष्ट्रपति की अनुपस्थिति में कोई स्वचालित मिसाइल हमला शुरू हो सकता है। हालांकि, कानूनी विशेषज्ञों और अमेरिकी संवैधानिक ढांचे के अनुसार, इस प्रकार का कोई भी "डेड मैन्स स्विच" (स्वचालित प्रतिशोध प्रणाली) व्यावहारिक या कानूनी तौर पर अस्तित्व में नहीं है। अमेरिकी कानून सेना को राष्ट्रपति की मृत्यु होते ही कंप्यूटर आधारित या स्वचालित रूप से युद्ध शुरू करने का अधिकार बिल्कुल नहीं देता है।
राष्ट्रपति की अनुपस्थिति में जेडी वेंस संभालेंगे कमान: ग्रैफ ने समझाया निरंतरता का नियम
प्रसिद्ध इतिहासकार और सुरक्षा मामलों के लेखक गैरेट एम. ग्रैफ के अनुसार, अमेरिका के पास आपातकालीन स्थितियों और परमाणु खतरों से निपटने के लिए 'कंटिन्यूटी-ऑफ-गवर्नमेंट' (सरकार चलाने की निरंतरता) की बेहद विस्तृत नियमावली जरूर है, लेकिन वे योजनाएं भी किसी तकनीकी कंप्यूटर को मिसाइल दागने की स्वायत्तता नहीं देतीं। अमेरिकी संविधान के 25वें संशोधन और 'प्रेसिडेंशियल सक्सेशन एक्ट 1947' के तहत, यदि राष्ट्रपति ट्रंप के साथ कोई अनहोनी होती है, तो कमांडर-इन-चीफ की शक्तियां तत्काल प्रभाव से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के पास स्थानांतरित हो जाएंगी। इसके बाद यह पूरी तरह से जेडी वेंस के विवेक पर निर्भर करेगा कि वे ट्रंप के पूर्व-घोषित रणनीतिक फैसलों को लागू करते हैं या उन्हें पूरी तरह से खारिज कर देते हैं।
मोजतबा खामेनेई का पलटवार: तेहरान में गूंजे प्रतिशोध के नारे
ट्रंप के इस आक्रामक बयान के कुछ ही घंटों के भीतर तेहरान से भी बेहद सख्त प्रतिक्रिया सामने आई है। फरवरी के आखिर में अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हवाई हमलों में मारे गए अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे और ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने सरकारी टेलीविजन पर आकर अपने पिता की मौत का बदला लेने का संकल्प दोहराया। मोजतबा ने कहा कि देश के सभी शहीदों के पवित्र खून का बदला लेना पूरे ईरानी राष्ट्र की सामूहिक इच्छा है और इसे निश्चित रूप से पूरा किया जाएगा। तेहरान में हुए हालिया आधिकारिक कार्यक्रमों के दौरान प्रदर्शनकारियों के हाथों में डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ नारे लिखे बैनर भी देखे गए, जिससे साफ है कि दोनों पक्षों के बीच कड़वाहट चरम पर है।
एयरफोर्स वन में अचानक बदलाव: तुर्की नाटो शिखर सम्मेलन के बाद सुरक्षा अलर्ट
इस बीच, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी वाशिंगटन में कई बड़े फेरबदल देखे जा रहे हैं। 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' की एक रिपोर्ट के अनुसार, इजरायली खुफिया एजेंसियों ने अमेरिकी सुरक्षा बलों को ट्रंप के खिलाफ ईरान की एक नई और बेहद गंभीर साजिश के बारे में इनपुट दिए हैं। इसी खतरे के मद्देनजर, तुर्की में आयोजित नाटो (NATO) शिखर सम्मेलन से लौटते समय राष्ट्रपति ट्रंप कतर द्वारा उपहार में मिले अत्याधुनिक 400 मिलियन डॉलर के नए विमान के बजाय एक पुराने 'एयर फोर्स वन' (Air Force One) विमान से यात्रा करते हुए देखे गए। विशेषज्ञों के अनुसार, नए विमान में वह उन्नत मिसाइल डिटेक्शन और काउंटर-मेजर (मिसाइल रोधी प्रणाली) मौजूद नहीं थी जो सुरक्षा के लिहाज से पुराने सैन्य विमानों में होती है। यह सुरक्षात्मक समझौता ऐसे समय में किया गया है जब दोनों देशों के बीच पिछले महीने हुआ युद्धविराम पूरी तरह से टूटने की कगार पर है।