केशव प्रसाद मौर्य का अखिलेश यादव पर तीखा हमला: 'गिरगिट की तरह रंग बदलता है सपा का PDA फॉर्मूला
उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के बहुचर्चित 'PDA' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले को लेकर सियासी पारा एक बार फिर सातवें आसमान पर पहुंच गया है। सपा प्रमुख द्वारा हाल ही में पीडीए के 'पी' का मतलब 'पंडित' बताए जाने पर राज्य के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने तीखा पलटवार किया है। केशव प्रसाद मौर्य ने सोशल मीडिया के जरिए अखिलेश यादव के इस राजनीतिक समीकरण को 'गिरगिट की तरह रंग बदलने वाला' करार दिया है और आरोप लगाया है कि असल में यह पीडीए नहीं बल्कि 'परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी' है, जिसका मुख्य केंद्र सैफई है।
अखिलेश यादव के 'पंडित' वाले बयान पर गरमाई सियासत
हाल ही में समाजवादी पार्टी कार्यालय में समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता जनेश्वर मिश्र की जयंती के अवसर पर एक भव्य प्रबुद्ध सम्मेलन का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में भारी संख्या में ब्राह्मण समुदाय के लोग शामिल हुए थे, जहां अखिलेश यादव ने अपने राजनीतिक समीकरण को परिभाषित करते हुए कहा था कि पीडीए में 'पीडी' दरअसल 'पंडित' का ही एक शॉर्ट फॉर्म है। अखिलेश यादव इससे पहले अपने इस नारे के 'पी' अक्षर का मतलब कभी 'पिछड़ा', कभी 'पीड़ित' तो कभी 'प्रेम' भी बता चुके हैं। उन्होंने जनेश्वर मिश्र पार्क में कार्यक्रम की अनुमति न मिलने का मुद्दा उठाते हुए ब्राह्मण समाज के उत्पीड़न का आरोप लगाया था और कहा था कि राज्य में सरकार आने पर ब्राह्मणों को पूरा मान-सम्मान और उचित स्थान दिया जाएगा।
डिप्टी सीएम केशव मौर्य का पलटवार: 'परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी है PDA'
अखिलेश यादव के इस बयान के बाद बीजेपी के वरिष्ठ नेता और यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने 'X' (ट्विटर) पर कड़ा प्रहार करते हुए लिखा कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने अपने इस फॉर्मूले को एक ऐसी पहेली बना दिया है जो गिरगिट की तरह हर पल अपना रंग बदलती है। कभी इसमें 'पी' का मतलब पिछड़ा होता है तो कभी पीड़ित और अब इसे पंडित बता दिया जा रहा है। केशव मौर्य ने तीखे शब्दों में कहा कि इस पूरी अठखेली के पीछे का सच यह है कि उनका यह पीडीए कुछ और नहीं बल्कि 'परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी' है, जिसका मक्का-मदीना केवल सैफई है। उन्होंने आगे यह भी आरोप लगाया कि इस मुखौटे के पीछे छिपी समाजवादी पार्टी असल में पिछड़ों और ब्राह्मणों की नहीं, बल्कि अपराधियों, माफियाओं, दंगाइयों और भ्रष्टाचारियों की संरक्षक पार्टी है।
2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मी तेज
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने अपने बयान में विश्वास जताया कि उत्तर प्रदेश की जनता अब बयानों की इस राजनीति के बहकावे में आने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में दलित, पिछड़ा और ब्राह्मण समाज सपा के झूठे और छद्म नारों की बैसाखी के सहारे नहीं, बल्कि पूरी तरह से सम्मान, सुरक्षा और सर्वांगीण विकास की राजनीति के साथ खड़ा नजर आएगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए ब्राह्मण और पिछड़ा मतदाताओं को अपने पाले में लाने के लिए पक्ष और विपक्ष दोनों की ओर से सियासी बिछात बिछाई जा रही है, जिससे राज्य का राजनीतिक माहौल काफी गर्म हो गया है।