बारिश के मौसम में जन्नत बन जाता है जयपुर का यह अनोखा बाग, दिखेंगे जैसलमेर और स्विट्जरलैंड जैसी हसीन वादियां

बारिश के मौसम में जन्नत बन जाता है जयपुर का यह अनोखा बाग, दिखेंगे जैसलमेर और स्विट्जरलैंड जैसी हसीन वादियां

राजस्थान की राजधानी जयपुर अपने ऐतिहासिक किलों, भव्य महलों और राजपूती संस्कृति के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इसी गुलाबी नगरी की गोद में एक ऐसा अनोखा प्राकृतिक ठिकाना भी है जो मानसून की पहली बारिश पड़ते ही पूरी तरह जन्नत में तब्दील हो जाता है। विद्याधर नगर की पहाड़ियों की तलहटी में बसा 'किशन बाग डेजर्ट पार्क' (Kishan Bagh Desert Park Jaipur) इन दिनों प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण का केंद्र बन गया है। आम दिनों में रेगिस्तानी लुक देने वाला यह बाग वर्षा ऋतु में पूरी तरह से मखमली हरी घास और दुर्लभ वनस्पतियों से ढक जाता है, जिसे देखकर कोई भी मंत्रमुग्ध हो सकता है।

एक जगह दो अजूबे: जैसलमेर के रेतीले टीले और स्विट्जरलैंड जैसी वादियों का जादुई संगम

इस बाग की सबसे अनूठी और हैरान कर देने वाली खासियत यह है कि यहाँ पर्यटकों को एक साथ दो बिल्कुल अलग-अलग भौगोलिक दृश्यों का अनुभव होता है। एक तरफ जहां पार्क में खास तौर पर तैयार किए गए जैसलमेर के प्रसिद्ध धोरों (रेतीले टीलों) का अहसास कराने वाले रास्ते हैं, वहीं दूसरी तरफ बारिश के बाद पहाड़ियों से घिरी हरी-भरी वादियां और कोहरे का नजारा हूबहू स्विट्जरलैंड या किसी खूबसूरत यूरोपीय हिल स्टेशन की याद दिला देता है। पत्थरों को काटकर बनाए गए खूबसूरत वॉक-वे और प्राकृतिक रूप से बहते हुए बरसाती झरने इस जगह की खूबसूरती में चार चांद लगा देते हैं, जिससे यह फोटोग्राफी और प्री-वेडिंग शूट के लिए राजस्थान का नंबर वन स्पॉट बन चुका है।

अरावली की प्राचीन जैव विविधता: दुर्लभ रेगिस्तानी पेड़-पौधों और वन्यजीवों का संरक्षण

किशन बाग केवल एक मनोरंजन पार्क नहीं है, बल्कि यह अरावली पर्वत शृंखला के मूल इकोसिस्टम और रेगिस्तानी जैव विविधता (Desert Biodiversity) को पुनर्जीवित करने का एक बेहतरीन और सफल प्रोजेक्ट है। विख्यात लैंडस्केप आर्किटेक्ट्स की देखरेख में विकसित किए गए इस पार्क में राजस्थान के विभिन्न हिस्सों से लाकर कैक्टस, खजूर और कई लुप्तप्राय रेगिस्तानी पौधों की प्रजातियों को सहेजा गया है। बारिश के मौसम में यहाँ कई स्थानीय और प्रवासी पक्षी, मोर और छोटे जंगली जीव घनी झाड़ियों में किलोल करते नजर आते हैं। पर्यावरणविदों का मानना है कि कंक्रीट के जंगलों के बीच सांस ले रहे बड़े शहरों के लिए किशन बाग जैसे अर्बन फॉरेस्ट एक लाइफलाइन की तरह काम कर रहे हैं।

लखनऊ और उत्तर प्रदेश के पर्यटकों के लिए बेस्ट वीकेंड गेटवे: जानिए कैसे पहुंचें

उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर, नोएडा और आगरा जैसे शहरों से वीकेंड पर घूमने की प्लानिंग करने वाले सैलानियों के लिए जयपुर का यह बाग एक बिल्कुल नया और ऑफबीट डेस्टिनेशन बनकर उभरा है। लखनऊ से जयपुर के लिए सीधी फ्लाइट और ट्रेन कनेक्टिविटी होने के कारण उत्तर प्रदेश के पर्यटक भारी संख्या में मानसून का लुत्फ उठाने गुलाबी नगरी पहुंच रहे हैं। जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट या मुख्य रेलवे स्टेशन से आप आसानी से लोकल कैब या ऑटो के जरिए किशन बाग पहुंच सकते हैं। स्थानीय प्रशासन ने भी पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सुरक्षा और साफ-सफाई के बेहद पुख्ता इंतजाम किए हैं, ताकि यहाँ आने वाले लोगों को एक सुखद और यादगार अनुभव मिल सके।

 

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