कभी हरी तो कभी गुलाबी: भारत की रहस्यमयी झील का विज्ञान, जिसने वैज्ञानिकों को भी कर दिया है हैरान

कभी हरी तो कभी गुलाबी: भारत की रहस्यमयी झील का विज्ञान, जिसने वैज्ञानिकों को भी कर दिया है हैरान

भारत की प्राकृतिक संपदाओं में कई ऐसी जगहें हैं जो आज भी किसी अजूबे से कम नहीं हैं। महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले में स्थित 'लोनार झील' दुनिया भर में अपनी अनूठी विशेषताओं के लिए जानी जाती है। यह न केवल एक प्राचीन उल्कापिंड के गिरने से बनी झील है, बल्कि इसका पानी समय-समय पर अपना रंग बदलकर गुलाबी या हरा हो जाता है। लोग इसे अक्सर किसी चमत्कार या धार्मिक मान्यता से जोड़ते हैं, लेकिन इसके पीछे का विज्ञान बेहद दिलचस्प और चौंकाने वाला है। अगर आप भी जानना चाहते हैं कि आखिर यह झील अपना रंग क्यों बदलती है, तो यह लेख आपके लिए है।

आखिर क्यों बदलता है झील का रंग?

वैज्ञानिकों और भूवैज्ञानिकों के अनुसार, लोनार झील के रंग बदलने के पीछे मुख्य कारण इसमें मौजूद 'हेलोआर्चिया' (Haloarchaea) नामक सूक्ष्म जीव और खारापन है। जब झील के पानी का तापमान बढ़ता है और पानी का स्तर कम होता है, तो खारेपन की मात्रा काफी बढ़ जाती है। ऐसी स्थिति में, पानी में मौजूद सूक्ष्म जीव और शैवाल (Algae) तेजी से पनपने लगते हैं और वे लाल या गुलाबी रंग का पिगमेंट छोड़ते हैं। यही वजह है कि अचानक से झील का नीला-हरा पानी गुलाबी या लाल नजर आने लगता है।

उल्कापिंड से जुड़ा है इतिहास

लोनार झील का निर्माण लगभग 52,000 साल पहले एक विशाल उल्कापिंड के पृथ्वी से टकराने के कारण हुआ था। यह दुनिया की सबसे पुरानी बेसाल्टिक चट्टानों में बनी उल्कापिंडीय झील है। वैज्ञानिकों ने जब इस पानी का परीक्षण किया, तो पाया कि इसका क्षारीय (Alkaline) स्तर बहुत अधिक है। यह झील न केवल पर्यटकों के लिए, बल्कि शोधकर्ताओं के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनी रहती है, क्योंकि यह पृथ्वी के प्रारंभिक पर्यावरण और अंतरिक्ष से जुड़ी जानकारी के दुर्लभ प्रमाण देती है।

पर्यटन और शोध का केंद्र

लोनार झील अब एक प्रमुख भू-वैज्ञानिक विरासत स्थल (Geo-heritage site) के रूप में विकसित हो चुकी है। हर साल दुनिया भर से भूगोल प्रेमी और पर्यटक यहाँ की अनूठी पारिस्थितिकी को देखने आते हैं। यहाँ की जैव विविधता इतनी समृद्ध है कि आसपास के क्षेत्र में कई दुर्लभ पक्षी और वनस्पतियां भी पाई जाती हैं। हालांकि, झील के संरक्षण को लेकर विशेषज्ञों ने समय-समय पर चेतावनी दी है ताकि इसका इकोसिस्टम बना रहे। यदि आप महाराष्ट्र की यात्रा कर रहे हैं, तो बुलढाणा जिले का यह रहस्यमयी स्थल आपकी लिस्ट में जरूर होना चाहिए।

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