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रिटायरमेंट के बाद कटेगी बिल्कुल राजाओं जैसी लग्जरी लाइफ! सुकून और कम खर्च में बुढ़ापा बिताने के लिए देश के ये 5 शहर हैं सबसे बेस्ट

अपनी जिंदगी के 30 से 40 साल लगातार काम और भागदौड़ में बिताने के बाद, हर इंसान का यह सपना होता है कि उसका बुढ़ापा यानी रिटायरमेंट के बाद का जीवन बेहद सुकून, शांति और ऐशो-आराम से बीते। अक्सर लोग सोचते हैं कि रिटायरमेंट के बाद एक लग्जरी लाइफ जीने के लिए बहुत बड़े और महंगे महानगरों जैसे दिल्ली, मुंबई या बेंगलुरु में रहना जरूरी है। लेकिन असलियत इसके बिल्कुल उलट है। आज के समय में इन बड़े शहरों का प्रदूषण, ट्रैफिक और बेतहाशा बढ़ती महंगाई बुजुर्गों के सुकून को छिन लेती है। ऐसे में देश में कई ऐसे बेहद खूबसूरत और शांत शहर हैं, जहां आप अपनी सीमित पेंशन या जमापूंजी के दम पर भी एक आलीशान और तनावमुक्त जीवन जी सकते हैं। आइए एक ग्राउंड रिपोर्टर की नजर से जानते हैं देश के उन टॉप 5 शहरों के बारे में, जो रिटायरमेंट लाइफ को स्वर्ग बनाने के लिए पूरी दुनिया में मशहूर हो रहे हैं।

पहाड़ों की गोद और सुहावना मौसम, बुजुर्गों की पहली पसंद बना देहरादून

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून को लंबे समय से 'रिटायर्ड लोगों का स्वर्ग' कहा जाता रहा है और आज भी इसकी लोकप्रियता में कोई कमी नहीं आई है। हिमालय की शिवालिक पहाड़ियों की तलहटी में बसा यह शहर अपने बेहतरीन और सालभर सुहावने रहने वाले मौसम के लिए जाना जाता है। दिल्ली-एनसीआर से बेहद नजदीक होने के बावजूद यहां की हवा बेहद साफ है और जीवन की रफ्तार बहुत शांत है। देहरादून में देश के बेहतरीन अस्पताल और मेडिकल सुविधाएं मौजूद हैं, जो बुजुर्गों के स्वास्थ्य के लिहाज से सबसे अहम हैं। यहां कम खर्च में भी आप एक बड़े घर या विला में रहकर पहाड़ों के खूबसूरत नजारों के साथ अपनी लग्जरी लाइफ को एन्जॉय कर सकते हैं।

संस्कृति, अध्यात्म और आधुनिकता का बेजोड़ मेल है मैसूर

दक्षिण भारत का रुख करें तो कर्नाटक का ऐतिहासिक शहर मैसूर (मैसुरु) रिटायरमेंट के बाद बसने के लिए एक बेहद शानदार विकल्प है। भारत के सबसे स्वच्छ शहरों की सूची में शुमार मैसूर अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, चौड़ी और साफ सड़कों और शांत माहौल के लिए जाना जाता है। बेंगलुरु जैसे आईटी हब से महज कुछ ही घंटों की दूरी पर होने के कारण यहां मेट्रो सिटी जैसी तमाम आधुनिक सुविधाएं, बेहतरीन हेल्थकेयर और मॉल मौजूद हैं, लेकिन यहां बड़े शहरों जैसा शोर-शराबा और प्रदूषण बिल्कुल नहीं है। योग, हरियाली और शाही अंदाज वाले इस शहर में पेंशन के पैसों से बहुत ही ठाठ-बाट वाली जिंदगी गुजारी जा सकती है।

समंदर का किनारा और पुर्तगाली विला, गोवा में बिताएं जिंदगी के सबसे खूबसूरत पल

अगर आप रिटायरमेंट के बाद एक बेहद मॉडर्न, वाइब्रेंट और इंटरनेशनल लेवल की लाइफस्टाइल जीना चाहते हैं, तो गोवा से बेहतर कोई जगह नहीं हो सकती। हालांकि गोवा को लोग सिर्फ घूमने की जगह मानते हैं, लेकिन इसके शांत और तटीय ग्रामीण इलाके (विशेषकर दक्षिण गोवा) बुजुर्गों के रहने के लिए बेहद मुफीद हैं। समंदर की ठंडी हवाएं, साफ-सुथरे बीच, पुर्तगाली शैली के खूबसूरत घर और यहां का रिलैक्सिंग कल्चर जीवन के आखिरी पड़ाव को बेहद खुशनुमा बना देता है। गोवा में बेहतरीन कनेक्टिविटी और टॉप क्लास मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित हो चुका है, जिससे यहां रहने वाले रिटायर्ड कपल्स को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होती।

कम खर्च में नवाबों जैसा ठाठ, उत्तर भारत का चमकता सितारा है लखनऊ

उत्तर प्रदेश की राजधानी और 'नवाबों के शहर' के नाम से मशहूर लखनऊ इन दिनों देश के सबसे तेजी से विकसित होते शहरों में से एक है। अगर आप उत्तर भारतीय संस्कृति, बेहतरीन खान-पान और अदब के शौकीन हैं, तो लखनऊ आपके रिटायरमेंट का परफेक्ट ठिकाना बन सकता है। गोमती नगर और सुशांत गोल्फ सिटी जैसे आधुनिक इलाकों में आज विश्वस्तरीय आवासीय सोसायटियां बन चुकी हैं, जहां हर तरह की लग्जरी सुविधाएं मौजूद हैं। लखनऊ में पीजीआई (PGI) और मेदांता जैसे देश के शीर्ष अस्पताल हैं, जो स्वास्थ्य सुरक्षा की पूरी गारंटी देते हैं। यहां रहने और खाने का खर्च बड़े महानगरों की तुलना में काफी कम है, जिससे आपकी पेंशन का पैसा आपको राजाओं जैसा ठाठ-बाट दे सकता है।

सस्ती प्रॉपर्टी और बेहतरीन कनेक्टिविटी, चंडीगढ़ के पास पंचकूला में है असली सुकून

हरियाणा का पंचकूला शहर, जो चंडीगढ़ के बिल्कुल सटा हुआ है, रिटायरमेंट लाइफ के लिए एक और छिपा हुआ खजाना है। चंडीगढ़ की तरह ही पंचकूला को भी बेहद व्यवस्थित और प्लान्ड तरीके से बसाया गया है। मोरनी हिल्स की पहाड़ियों के करीब होने के कारण यहां का मौसम और हवा बहुत अच्छी है। चंडीगढ़ की सभी टॉप क्लास सुविधाएं और अस्पताल यहां के निवासियों को आसानी से मिल जाते हैं, लेकिन यहां प्रॉपर्टी की कीमतें और रहने का खर्च चंडीगढ़ के मुकाबले काफी कम है। चौड़े पार्क, कड़ा कानून-व्यवस्था और बुजुर्गों के लिए अनुकूल सामाजिक माहौल के कारण पंचकूला में रिटायरमेंट के बाद एक सुरक्षित और बेहद वीआईपी जिंदगी का आनंद लिया जा सकता है।

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