डार्विन में रचा गया नया इतिहास: 23 साल बाद ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर बांग्लादेश का ऐतिहासिक शंखनाद

डार्विन में रचा गया नया इतिहास: 23 साल बाद ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर बांग्लादेश का ऐतिहासिक शंखनाद

विश्व क्रिकेट के इतिहास में 16 अगस्त का दिन बांग्लादेशी खेल जगत के लिए सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया है। ऑस्ट्रेलिया के डार्विन स्थित टीआईओ (मारारा) स्टेडियम में खेले गए दो मैचों की टेस्ट सीरीज के पहले मुकाबले में नजमुल हुसैन शांतो की कप्तानी वाली बांग्लादेशी टीम ने वह अविश्वसनीय कारनामा कर दिखाया, जिसकी कल्पना शायद ऑस्ट्रेलियाई टीम प्रबंधन ने भी नहीं की थी। बांग्लादेश ने पैट कमिंस की मजबूत ऑस्ट्रेलियाई टीम को चौथे ही दिन 9 विकेट के विशाल अंतर से करारी शिकस्त देकर ऑस्ट्रेलियाई धरती पर अपनी पहली ऐतिहासिक टेस्ट जीत दर्ज कर ली है।

साल 2003 के बाद यानी 23 वर्षों के लंबे अंतराल पर ऑस्ट्रेलिया में लाल गेंद का मुकाबला खेलने उतरी बांग्लादेशी टीम ने खेल के हर विभाग में मेजबान टीम को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया। तेज गेंदबाजी में हसन महमूद की आग उगलती गेंदें, बल्लेबाजी में युवा ओपनर तंजीद हसन का साहसी शतक और दूसरी पारी में मेहदी हसन मिराज की फिरकी के जादू ने ऑस्ट्रेलिया के अभेद्य किले को ताश के पत्तों की तरह ढहा दिया। इस जीत के साथ ही बांग्लादेश ने दो मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली है।

पहली पारी में कंगारुओं का सरेंडर: हसन महमूद के 6 विकेटों ने उड़ाईं ऑस्ट्रेलिया की धज्जियां

मुकाबले की शुरुआत में ऑस्ट्रेलियाई कप्तान पैट कमिंस ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था। ऑस्ट्रेलियाई खेमे को उम्मीद थी कि डार्विन की पिच पर वे बड़ा स्कोर खड़ा करके मेहमान टीम पर दबाव बनाएंगे, लेकिन बांग्लादेश के युवा तेज गेंदबाज हसन महमूद कुछ और ही सोचकर मैदान में उतरे थे। हसन महमूद ने अपनी तेज गति, स्विंग और सटीक सीम पोजिशन से ऑस्ट्रेलियाई टॉप ऑर्डर को झकझोर कर रख दिया।

हसन महमूद ने 17 ओवरों में मात्र 55 रन देकर 6 प्रमुख ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाया। अनुभवी बल्लेबाज स्टीव स्मिथ (71 रन) को छोड़कर ऑस्ट्रेलिया का कोई भी अन्य मुख्य बल्लेबाज टिक नहीं सका। उस्मान ख्वाजा, ट्रेविस हेड (22 रन) और मार्नस लाबुशेन (1 रन) बेहद सस्ते में आउट होकर चलते बने। तेज गेंदबाज इबादत हुसैन (2/39) और तस्कीन अहमद (2/55) ने हसन का बखूबी साथ निभाया, जिसके चलते ऑस्ट्रेलियाई टीम पहली पारी में महज 198 रनों पर ढेर हो गई।

तंजीद हसन का ऐतिहासिक शतक और शांतो का जलवा: 426 रन बनाकर बांग्लादेश ने ली 228 रनों की विशाल बढ़त

पहली पारी में ऑस्ट्रेलिया को 198 रनों पर समेटने के बाद बांग्लादेशी बल्लेबाजों ने ऑस्ट्रेलियाई पेस तिकड़ी—पैट कमिंस, मिचेल स्टार्क और जोश हेजलवुड—का डटकर सामना किया। युवा ओपनर तंजीद हसन ने ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर अपने करियर का सबसे यादगार खेल दिखाते हुए 197 गेंदों में 8 चौकों और 1 छक्के की मदद से 101 रनों की शानदार शतकीय पारी खेली। तंजीद ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट शतक जड़ने वाले बांग्लादेश के चुनिंदा बल्लेबाजों की एलीट लिस्ट में शामिल हो गए।

कप्तान नजमुल हुसैन शांतो ने तीसरे नंबर पर 84 रनों की कप्तानी पारी खेली, जबकि मोमिनुल हक ने 49 और ऑलराउंडर मेहदी हसन मिराज ने निचले क्रम में 65 रनों का बहुमूल्य योगदान दिया। अनुभवी मुशफिकुर रहीम ने भी 36 रन बनाए। हालांकि ऑस्ट्रेलिया के लिए जोश हेजलवुड ने 6 विकेट (6/89) झटके, लेकिन बांग्लादेश ने 138 ओवरों तक बल्लेबाजी करते हुए 426 रनों का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा कर दिया। इसके साथ ही पहली पारी के आधार पर बांग्लादेश को 228 रनों की भारी-भरकम बढ़त हासिल हुई।

कैमरून ग्रीन का जुझारू शतक भी नहीं बचा सका ऑस्ट्रेलिया को: दूसरी पारी में मेहदी हसन मिराज का पंजा

228 रनों के बड़े घाटे के साथ दूसरी पारी में उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम की शुरुआत एक बार फिर बेहद खराब रही। सलामी बल्लेबाज जेक वेदराल्ड बिना खाता खोले शून्य पर आउट हो गए। तीसरे नंबर पर मार्नस लाबुशेन ने 31 और स्टीव स्मिथ ने 44 रन बनाकर पारी को संभालने की कोशिश की, लेकिन बांग्लादेश के स्पिनर मेहदी हसन मिराज ने ऑस्ट्रेलियाई मध्यक्रम को बांधकर रख दिया।

एक छोर से विकेट गिरते रहे, लेकिन ऑलराउंडर कैमरून ग्रीन ने असाधारण धैर्य दिखाते हुए 201 गेंदों में 4 चौकों और 1 छक्के की मदद से 104 रनों की जुझारू शतकीय पारी खेली। एलेक्स कैरी ने भी 30 रनों का संघर्षपूर्ण योगदान दिया। लेकिन चौथे दिन के दूसरे सत्र में मेहदी हसन मिराज ने 33.1 ओवर में मात्र 66 रन देकर 5 विकेट झटकते हुए ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी को 284 रनों पर समेट दिया। पहली पारी के हीरो रहे हसन महमूद ने दूसरी पारी में भी 3 विकेट (3/56) चटकाए।

57 रनों का आसान लक्ष्य और 9 विकेट से जीत: वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में बड़ा उलटफेर

ऑस्ट्रेलिया को 284 रनों पर समेटने के बाद बांग्लादेश को जीत के लिए केवल 57 रनों का आसान लक्ष्य मिला। लक्ष्य का पीछा करते हुए तंजीद हसन (0) के रूप में हेजलवुड ने शुरुआती झटका जरूर दिया, लेकिन ओपनर शदमन इस्लाम (नाबाद 25 रन) और अनुभवी मोमिनुल हक (नाबाद 30 रन) ने बिना किसी अन्य नुकसान के 14.2 ओवरों में टीम को 57/1 के स्कोर पर पहुंचाकर 9 विकेट से ऐतिहासिक जीत दिला दी।

जीत का विजयी रन बनते ही पूरा बांग्लादेशी डगआउट मैदान की ओर दौड़ पड़ा और खिलाड़ियों ने एक-दूसरे को गले लगाकर इस अविस्मरणीय पल का जश्न मनाया। वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के मौजूदा चक्र के लिहाज से यह परिणाम बेहद चौंकाने वाला है। इस जीत से बांग्लादेश को महत्वपूर्ण 12 अंक हासिल हुए हैं, जबकि अपने घर में टेस्ट गंवाने के बाद ऑस्ट्रेलिया के पीसीटी (PCT) को बड़ा झटका लगा है।

कंगारुओं के अभेद्य किले में सेंध: एशियाई टीमों के लिए क्यों ऐतिहासिक है यह जीत?

ऑस्ट्रेलिया को उसी की धरती पर टेस्ट मैच हराना हमेशा से विश्व क्रिकेट की सबसे कठिन चुनौतियों में गिना जाता रहा है। भारत के अलावा उपमहाद्वीप की अन्य टीमें—पाकिस्तान और श्रीलंका—लंबे समय से ऑस्ट्रेलियाई धरती पर टेस्ट जीत के लिए तरसती रही हैं। ऐसे में बांग्लादेश जैसी युवा और उभरती हुई टीम का ऑस्ट्रेलिया को चार ही दिन में एकतरफा अंदाज में 9 विकेट से हराना टेस्ट क्रिकेट के नए दौर का संकेत है।

इस ऐतिहासिक जीत ने साबित कर दिया है कि बांग्लादेश अब केवल घरेलू पिचों (ढाका और चटगाँव के टर्निंग ट्रैक्स) का शेर नहीं रहा, बल्कि उनके पास तेज गति, उछाल और विदेशी पिचों पर भी दुनिया की नंबर-1 टीमों को मात देने वाले गेंदबाज और बल्लेबाज मौजूद हैं। सीरीज का दूसरा और अंतिम टेस्ट मैच 22 अगस्त से साउथ मैके के ग्रेट बैरियर रीफ एरिना में खेला जाएगा, जहां ऑस्ट्रेलिया की साख दांव पर होगी और बांग्लादेश सीरीज में क्लीन स्वीप करने के इरादे से मैदान पर उतरेगा।

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