जोधपुर में प्रसव के बाद किडनी डैमेज होने से प्रसूता की दर्दनाक मौत, 7 अन्य महिलाओं की हालत गंभीर
राजस्थान के प्रमुख शहर जोधपुर (Jodhpur) से स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को कटघरे में खड़ा करने वाला एक बेहद सनसनीखेज और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक महिला ने अस्पताल में सामान्य या सिजेरियन प्रसव (Delivery) के जरिए बच्चे को जन्म तो दिया, लेकिन इसके तुरंत बाद उसकी शारीरिक स्थिति तेजी से बिगड़ने लगी। डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि प्रसव के बाद अचानक महिला की दोनों किडनियां बुरी तरह डैमेज (Kidney Failure) हो गईं, जिसके चलते चाहकर भी उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। इस अचानक हुई मौत से मृतका के परिवार में कोहराम मच गया है और अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं।
7 अन्य महिलाओं की जिंदगी खतरे में: एक जैसे लक्षणों के साथ अस्पताल में चल रहा है इलाज, मचा हड़कंप
इस घटना का सबसे डरावना और चिंताजनक पहलू यह है कि यह कोई इकलौता मामला नहीं है। जोधपुर के संबंधित अस्पताल में इसी तरह के गंभीर लक्षणों से पीड़ित 7 अन्य प्रसूता महिलाओं का भी इस वक्त इलाज जारी है। इन सभी महिलाओं को भी प्रसव के बाद यूरिन इन्फेक्शन, ब्लडप्रेशर में भारी गिरावट और किडनी फंक्शन प्रभावित होने की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की टीमें इस बात की गहन जांच कर रही हैं कि आखिर एक ही समय पर इतनी सारी महिलाओं की किडनी डैमेज होने के पीछे कौन सी वजह या दवा रिएक्शन जिम्मेदार है।
आधुनिक Generative AI हेल्थ डेटा एनालिसिस और मेडिकल प्रोटोकॉल: क्यों बढ़ रहे हैं ऐसे मामले
आधुनिक Generative AI हेल्थ एनालिटिक्स और मेडिकल एक्सपर्ट्स के अनुसार, प्रसव के दौरान पोस्टपार्टम हेमरेज (अतिरिक्त रक्तस्राव), सेप्सिस या कुछ खास दवाओं के साइड इफेक्ट्स के कारण कई बार महिलाओं के अंगों पर अचानक दबाव बढ़ जाता है, जिससे मल्टी-ऑर्गन फेलियर का खतरा पैदा हो जाता है। जोधपुर की इस घटना के बाद स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने मांग की है कि मातृ मृत्यु दर (MMR) और प्रसव के दौरान होने वाली ऐसी जटिलताओं को रोकने के लिए अस्पतालों में इंफेक्शन कंट्रोल और पोस्ट-डिलिवरी मॉनिटरिंग के नियमों को और अधिक कड़ा किया जाना चाहिए ताकि भविष्य में किसी अन्य मां को अपनी जान न गंवानी पड़े।
लखनऊ और उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य हलकों में भी चिंता: मातृ सुरक्षा को लेकर उठी कड़े कदम उठाने की मांग
जोधपुर की इस हृदयविदारक घटना की गूंज उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और अन्य चिकित्सा संस्थानों तक सुनाई दे रही है। लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) और सिविल अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सकों ने भी इस मामले पर चिंता जताते हुए कहा है कि प्रसूति गृहों में हर एक मरीज की ब्लड और किडनी प्रोफाइल की मॉनिटरिंग बेहद जरूरी है। इस बीच, जोधपुर स्थानीय प्रशासन ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने का भरोसा दिया है, जबकि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी इस लापरवाही के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।