राजस्थान : कांग्रेस प्रत्याशियों के चयन में जिला कमेटियों को कमान, डोटासरा बोले- प्रदेश नेतृत्व का नहीं होगा दखल
राजस्थान में आगामी नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव की सियासी हलचल तेज हो गई है। राज्य में होने वाले इन महत्वपूर्ण चुनावों को लेकर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने अपनी चुनावी तैयारियों और संगठनात्मक रणनीतियों को पूरी तरह से अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। पार्टी की इस आंतरिक मजबूती और रणनीति के तहत राजधानी जयपुर के रामपुरा रोड सांगानेर स्थित मेजेस्टिक रिजॉर्ट में पार्टी के तमाम शीर्ष नेताओं की एक बेहद अहम और मैराथन बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में राज्य के राजनीतिक समीकरणों और जमीनी हालात पर विस्तार से मंथन किया गया।
टिकट वितरण पर स्पष्ट हुआ पार्टी का रुख
सांगानेर के मेजेस्टिक रिजॉर्ट में आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक के दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने प्रत्याशियों के चयन की पूरी प्रक्रिया को लेकर पार्टी नेतृत्व का रुख एकदम स्पष्ट कर दिया। उन्होंने मीडिया और पार्टी कार्यकर्ताओं के सामने दो टूक अंदाज में यह बात रखी कि आने वाले स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों में पार्टी उम्मीदवारों के चयन को लेकर किसी भी प्रकार की असमंजस की स्थिति नहीं रहेगी। डोटासरा के इस बड़े ऐलान से पार्टी के भीतर टिकट के दावेदारों की तस्वीर काफी हद तक साफ होती नजर आ रही है।
जिला कमेटियों के हाथ होगी टिकट चयन की पहली ताकत
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने बैठक में जोर देकर कहा कि निकाय और पंचायत चुनाव में प्रत्याशियों के चयन का सबसे पहला और मुख्य काम पूरी तरह से संबंधित जिला कमेटियों का ही होगा। जिला कमेटियों द्वारा मैदानी स्तर पर कार्यकर्ताओं से फीडबैक लिया जाएगा और स्थानीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए नाम तय किए जाएंगे। जिला कमेटियों की ओर से जो पैनल बनाकर भेजा जाएगा, पार्टी उसी के आधार पर अपने प्रत्याशियों के नाम पर अंतिम मुहर लगाएगी।
प्रदेश नेतृत्व का नहीं रहेगा कोई बाहरी दखल
कांग्रेस पार्टी की इस नई रणनीति की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें विकेंद्रीकरण पर पूरा जोर दिया गया है। डोटासरा ने यह भी स्पष्ट किया कि जिला कमेटियों द्वारा भेजे जाने वाले पैनल और नामों के चयन में राज्य स्तर के प्रदेश नेतृत्व का किसी भी तरह का कोई हस्तक्षेप या दखल नहीं रहेगा। जमीनी कार्यकर्ताओं को सशक्त बनाने और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है ताकि स्थानीय स्तर पर मजबूत चेहरों को चुनाव लड़ने का मौका मिल सके।