जयपुर में टला इबोला का बड़ा खतरा! युगांडा की संदिग्ध महिला की रिपोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग को दी बड़ी राहत
राजस्थान की राजधानी जयपुर में पिछले कुछ दिनों से मंडरा रहा इबोला वायरस का खतरनाक साया आखिरकार पूरी तरह से छट गया है। युगांडा से जयपुर आई एक विदेशी महिला में इबोला जैसे संदिग्ध लक्षण मिलने के बाद जो हड़कंप मचा था, वह अब शांत हो चुका है। स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन ने उस वक्त चैन की गहरी सांस ली, जब महिला की हाई-लेवल मेडिकल जांच रिपोर्ट पूरी तरह से निगेटिव आई। इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद जयपुर समेत पूरे प्रदेश के चिकित्सा महकमे ने बड़ी राहत महसूस की है।
विदेशी महिला में दिखे थे संदिग्ध लक्षण, अलर्ट पर था प्रशासन
दरअसल, यह पूरा मामला तब सामने आया जब अफ्रीकी देश युगांडा से यात्रा कर एक महिला गुलाबी नगरी जयपुर पहुंची थी। महिला की तबीयत बिगड़ने और उसमें इबोला वायरस से मिलते-जुलते शुरुआती लक्षण दिखने के बाद चिकित्सा विभाग में हड़कंप मच गया था। इबोला बेहद संक्रामक और जानलेवा वायरस है, इसलिए बिना कोई जोखिम उठाए स्वास्थ्य विभाग तुरंत एक्शन मोड में आ गया था। महिला को तुरंत आइसोलेशन में रखकर उसकी सघन निगरानी शुरू कर दी गई थी, जिससे शहर में इस बीमारी के फैलने का खतरा न रहे।
मेडिकल टीम की मुस्तैदी और हाई-लेवल जांच
संदिग्ध मामला सामने आते ही जयपुर का सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल और स्वास्थ्य विभाग की टीमें अलर्ट हो गईं। महिला के ब्लड सैंपल्स को बेहद सावधानी के साथ पुणे की नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) या उच्च स्तरीय लैब में जांच के लिए भेजा गया था। जब तक रिपोर्ट नहीं आई, तब तक डॉक्टरों की एक विशेष टीम महिला के स्वास्थ्य पर पल-पल की नजर बनाए हुए थी। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना था कि विदेशों से आने वाले यात्रियों, विशेषकर अफ्रीकी देशों से आने वाले लोगों की स्क्रीनिंग को लेकर विभाग हमेशा सतर्क रहता है और इस मामले में भी प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन किया गया।
रिपोर्ट निगेटिव आते ही डॉक्टरों ने ली चैन की सांस
सभी की नजरें महिला की जांच रिपोर्ट पर टिकी थीं और आखिरकार वह पल आया जिसने सबको तनावमुक्त कर दिया। महिला की फाइनल मेडिकल रिपोर्ट में इबोला वायरस की पुष्टि नहीं हुई है, यानी उसकी रिपोर्ट पूरी तरह निगेटिव आई है। डॉक्टरों के मुताबिक, महिला को सामान्य मौसमी संक्रमण या कोई अन्य आम बीमारी हो सकती है, जिसका इलाज चल रहा है और उसकी स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है। इबोला का खतरा टलने की आधिकारिक पुष्टि होते ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के चेहरों पर राहत साफ देखी जा सकती थी।