post-slider

'बिल्ली भेज रहे हैं' कहकर शातिर ठगों ने बिछाया ऐसा मायाजाल! WhatsApp पर आए एक मैसेज से युवक के उड़ गए हजारों रुपये

देश में डिजिटल इंडिया की रफ्तार के साथ-साथ साइबर अपराधियों और ऑनलाइन ठगों (Cyber Criminals) के हौसले भी सातवें आसमान पर पहुंच चुके हैं। मासूम और सीधे-साधे लोगों की गाढ़ी कमाई उड़ाने के लिए ये शातिर अपराधी हर रोज ठगी के ऐसे नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं, जिनकी कल्पना करना भी आम इंसान के लिए नामुमकिन है। इसी कड़ी में ऑनलाइन फ्रॉड का एक ऐसा बेहद अजीबोगरीब और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने पुलिस और साइबर एक्सपर्ट्स के भी होश उड़ा दिए हैं। इस बार ठगों ने किसी लॉटरी, नौकरी या बैंक अकाउंट बंद होने का बहाना नहीं बनाया, बल्कि 'बिल्ली भेज रहे हैं' कहकर एक युवक को अपनी बातों के जाल में फंसाया और देखते ही देखते व्हाट्सएप (WhatsApp) के जरिए उसके बैंक खाते से हजारों रुपये उड़ा लिए। आइए एक क्राइम रिपोर्टर की नजर से इस पूरे मामले की कड़ियों को समझते हैं ताकि आप और आपका परिवार ऐसे फ्रॉड से सुरक्षित रह सके।

पेट्स लवर्स को निशाना बनाने के लिए ठगों ने तैयार किया नया ऑनलाइन गेमप्लान यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब पीड़ित युवक को, जो खुद एक पेट्स लवर (पालतू जानवरों का शौकीन) है, अपने सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए एक आकर्षक नस्ल की बिल्ली को गोद लेने या बेहद कम कीमत पर खरीदने का विज्ञापन दिखा। युवक ने उत्सुकतावश दिए गए नंबर पर संपर्क किया। दूसरी तरफ बैठे शातिर ठग ने खुद को एक बड़ा ब्रीडर बताया और बेहद प्रोफेशनल अंदाज में बातचीत शुरू की। ठग ने बिल्ली की खूबसूरत तस्वीरें और वीडियो युवक के व्हाट्सएप पर भेजे, जिससे युवक पूरी तरह उनके झांसे में आ गया और बिल्ली को अपने घर मंगाने के लिए तुरंत तैयार हो गया।

'डिलीवरी चार्ज और गेट पास' के नाम पर व्हाट्सएप पर ऐसे शुरू हुआ पैसों का खेल जैसे ही युवक बिल्ली खरीदने के लिए राजी हुआ, ठगों ने अपना असली खेल शुरू कर दिया। ठग ने पीड़ित को व्हाट्सएप पर मैसेज भेजा कि "हम बिल्ली को कूरियर के जरिए आपके पते पर भेज रहे हैं।" इसके कुछ ही देर बाद पीड़ित के पास एक फर्जी कूरियर कंपनी की तरफ से मैसेज और कॉल आया कि आपकी बिल्ली रास्ते में है, लेकिन उसकी सुरक्षा और सरकारी नियमों के तहत आपको तुरंत 'एनिमल ट्रांसपोर्टेशन गेट पास' और 'रिफंडेबल सिक्योरिटी फीस' जमा करनी होगी। ठगों ने पीड़ित को भरोसा दिलाया कि बिल्ली के घर पहुंचते ही यह पूरी रकम उन्हें वापस (Refund) मिल जाएगी। झांसे में आकर युवक ने व्हाट्सएप पर आए बारकोड को स्कैन कर पहली किश्त ट्रांसफर कर दी।

साढ़े तीन हजार से शुरू होकर हजारों तक पहुंची ठगी, क्यूआर कोड स्कैन करते ही साफ हुआ खाता ठगों की भूख यहीं शांत नहीं हुई। पहली बार पैसे ट्रांसफर होने के बाद उन्होंने युवक को व्हाट्सएप पर दोबारा मैसेज किया कि टेक्निकल एरर (तकनीकी खराबी) के कारण पैसे होल्ड हो गए हैं और बिल्ली को एयरपोर्ट या चेकपोस्ट पर रोक लिया गया है। अगर तुरंत दोबारा पेमेंट नहीं की गई तो बिल्ली को जब्त कर लिया जाएगा और युवक पर पशु क्रूरता का केस दर्ज होगा। कानूनी पचड़े और बिल्ली की जान खतरे में होने की बात सुनकर युवक बुरी तरह घबरा गया। उसने ठगों द्वारा भेजे गए अलग-अलग क्यूआर कोड (QR Code) पर कई बार में हजारों रुपये ट्रांसफर कर दिए। जब ठगों ने एक बार फिर बड़ी रकम की मांग की, तब जाकर युवक को दाल में कुछ काला नजर आया।

मोबाइल बंद कर गायब हुए ठग, साइबर सेल में दर्ज कराई गई शिकायत जब युवक को ठगी का अहसास हुआ और उसने अपने पैसे वापस मांगते हुए बिल्ली की लाइव लोकेशन मांगी, तो ठगों ने तुरंत उसे व्हाट्सएप पर ब्लॉक कर दिया और उनके सभी मोबाइल नंबर अचानक बंद हो गए। पीड़ित ने बिना कोई वक्त गंवाए तुरंत स्थानीय पुलिस और साइबर क्राइम सेल (Cyber Crime Cell) में मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर ठगों के बैंक खातों और मोबाइल नंबरों को ट्रैक करना शुरू कर दिया है। साइबर एक्सपर्ट्स का कहना है कि इंटरनेट पर किसी भी अज्ञात व्यक्ति से पालतू जानवरों की खरीद-फरोख्त करने से बचें और बिना पूरी जांच-पड़ताल किए कभी भी किसी को एडवांस ऑनलाइन पेमेंट न करें।

Tags:

Latest Posts