राजस्थान : हाईटेक जुआ गैंग के 4 शातिर सदस्य गिरफ्तार, मोबाइल और एटीएम कार्ड का जखीरा बरामद
राजस्थान में पैर पसार रहे साइबर अपराधियों और अवैध ऑनलाइन गेमिंग नेटवर्क के खिलाफ पुलिस ने एक बार फिर बहुत बड़ी कामयाबी हासिल की है। युवाओं को रातों-रात अमीर बनने का सपना दिखाकर उनके बैंक खातों को खाली करने वाले एक अंतरराष्ट्रीय स्तर के ऑनलाइन जुआ और सट्टा गिरोह का भंडाफोड़ किया गया है। पुलिस की स्पेशल साइबर सेल और स्थानीय पुलिस टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए इस अवैध धंधे में शामिल चार शातिर मास्टरमाइंड को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरोह के पकड़े जाने के बाद से अवैध गेमिंग ऐप्स और सट्टेबाजी की वेबसाइट्स चलाने वाले सिंडिकेट में पूरी तरह हड़कंप मच गया है।
लग्जरी लाइफस्टाइल के चक्कर में बने अपराधी, रेड के दौरान मिला डिजिटल सबूतों का भंडार
पुलिस को पिछले काफी समय से गुप्त सूचनाएं मिल रही थीं कि कुछ लोग किराए के कमरों और गुप्त ठिकानों से बैठकर बड़े पैमाने पर ऑनलाइन सट्टेबाजी का रैकेट संचालित कर रहे हैं। पुख्ता जानकारी मिलने के बाद पुलिस की विशेष टीम ने योजनाबद्ध तरीके से संदिग्ध ठिकाने पर अचानक धावा बोल दिया। मौके से गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों की पहचान कर ली गई है, जो बेहद कम उम्र के हैं और अपनी महंगी सुख-सुविधाओं की चाहत में इस काले कारोबार में उतरे थे। छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में अत्याधुनिक स्मार्टफोन, दर्जनों एक्टिवेटेड सिम कार्ड, विभिन्न बैंकों के एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक और कई फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं, जिनका इस्तेमाल पैसों के अवैध लेन-देन के लिए किया जाता था।
कॉरपोरेट स्टाइल में चल रहा था पूरा खेल, फर्जी बैंक खातों के जरिए करोड़ों का ट्रांजैक्शन
गिरफ्तार आरोपियों से की गई शुरुआती पूछताछ में जो खुलासे हुए हैं, उसने खुद पुलिस अधिकारियों को भी हैरान कर दिया है। यह गिरोह बेहद शातिर और कॉरपोरेट तरीके से काम कर रहा था। आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और टेलीग्राम चैनलों के जरिए लोगों को आकर्षित करते थे और उन्हें ऑनलाइन सट्टेबाजी के लिए आईडी और पासवर्ड बेचते थे। सबसे बड़ी बात यह है कि सट्टे और जुए की जीती या हारी गई रकम को ठिकाने लगाने के लिए ये लोग गरीब और सीधे-साधे लोगों को चंद रुपयों का लालच देकर उनके नाम पर 'खच्चर खाते' (Mule Accounts) खुलवाते थे। पुलिस की शुरुआती जांच में इन बरामद बैंक खातों से करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेन-देन और ट्रांजैक्शन की बात सामने आई है, जिसकी कड़ियां सीधे विदेशी सट्टेबाजी नेटवर्क से जुड़ती दिख रही हैं।
साइबर फ्रॉड और गेमिंग ऐप्स पर पुलिस की पैनी नजर, अन्य राज्यों में भी फैले हैं तार
ऑनलाइन जुए के इस बड़े नेटवर्क के पकड़े जाने के बाद पुलिस अब इस मामले की तह तक जाने में जुट गई है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि गिरफ्तार किए गए ये चार आरोपी तो सिर्फ इस पूरे नेक्सस के मोहरे हैं, जबकि इसका मुख्य सरगना किसी दूसरे राज्य या देश के बाहर बैठकर इस पूरे खेल को नियंत्रित कर रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है ताकि उनके व्हाट्सएप चैट और डिलीट किए गए डेटा को रिकवर किया जा सके। राजस्थान पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अनधिकृत और अवैध ऑनलाइन गेमिंग या सट्टेबाजी ऐप्स के झांसे में न आएं, क्योंकि यह न केवल वित्तीय नुकसान पहुंचाता है बल्कि आपको कानूनी पचड़े में भी डाल सकता है।