Capital Gains Tax: गाढ़ी कमाई का बड़ा हिस्सा टैक्स में क्यों गंवाना? इन कानूनी तरीकों से बचाएं अपना पूरा कैपिटल गेंस
जब आप अपनी कोई मेहनत की कमाई से खरीदी गई प्रॉपर्टी, जमीन या कोई दूसरा एसेट (जैसे सोना या शेयर) बेचते हैं, तो उससे होने वाले मुनाफे पर सरकार टैक्स वसूलती है। वित्तीय भाषा में इसे कैपिटल गेंस टैक्स (Capital Gains Tax) कहा जाता है। कई बार यह टैक्स इतना ज्यादा होता है कि आपके मुनाफे का एक बड़ा हिस्सा सरकार के खाते में चला जाता है।
लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है, भारतीय आयकर अधिनियम, 1961 (Income Tax Act) में टैक्सपेयर्स को राहत देने के लिए कुछ बेहद शानदार प्रावधान किए गए हैं। अगर आप टैक्स का कैलकुलेशन करने से पहले इन सरकारी छूटों (Exemptions) के बारे में जान लें, तो कानूनी तौर पर अपना लाखों रुपया बचा सकते हैं। आइए एक्सपर्ट्स के मुताबिक समझते हैं कि वो कौन सी धाराएं हैं जो आपकी जेब कटने से बचा सकती हैं।
कैपिटल गेंस टैक्स बचाने वाली 4 मुख्य धाराएं: एक नजर में
इनकम टैक्स नियमों के तहत मिलने वाली छूट को समझने के लिए नीचे दी गई तालिका सबसे आसान जरिया है। इसके जरिए आप समझ सकते हैं कि आपके मामले में कौन सा नियम फिट बैठता है:
इन सेक्शंस का इस्तेमाल करते समय ध्यान रखने योग्य बातें
1. सेक्शन 54: पुराना घर बेचकर नया घर लेना
यदि आप अपना कोई पुराना फ्लैट या मकान बेचकर नया घर ले रहे हैं, तो आप इस सेक्शन के तहत लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस (LTCG) पर पूरी छूट पा सकते हैं। बजट के नियमों के अनुसार इसमें अधिकतम 10 करोड़ रुपये तक की लिमिट तय की गई है।
2. सेक्शन 54B: किसानों और खेती की जमीन के लिए राहत
यह इकलौता ऐसा सेक्शन है जो लॉन्ग टर्म और शॉर्ट टर्म दोनों तरह के कैपिटल गेंस पर मिलता है। अगर आप खेती की जमीन बेचकर दो साल के अंदर दूसरी खेती की जमीन ही खरीद लेते हैं, तो आपको इस पर कोई टैक्स नहीं देना होता।
3. सेक्शन 54EC: बिना नया घर खरीदे टैक्स बचाने का रास्ता
अगर आप कोई प्रॉपर्टी बेच रहे हैं लेकिन आपको नया घर या जमीन नहीं खरीदनी है, तो आप सरकार के खास इंफ्रास्ट्रक्चर बॉन्ड्स (जैसे NHAI या REC) में पैसा लगाकर टैक्स बचा सकते हैं।
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शर्त: इसमें निवेश करने के बाद आपको वो बॉन्ड्स कम से कम 5 सालों तक अपने पास रखने होंगे (लॉक-इन पीरियड)। आप इन्हें समय से पहले भुना नहीं सकते।
4. सेक्शन 54F: सोना या शेयर बेचकर घर खरीदना
अगर आपने अपनी प्रॉपर्टी नहीं, बल्कि अपना खानदानी सोना या पुराने शेयर्स बेचे हैं और उससे मिले पूरे पैसे (Net Consideration) का इस्तेमाल आप एक नया घर खरीदने में करते हैं, तो आपको इस धारा के तहत टैक्स में बड़ी राहत मिलती है। अगर आप पूरा पैसा निवेश नहीं करते, तो छूट उसी अनुपात (Proportion) में मिलती है जितना पैसा आपने नए घर में लगाया है।
काम की बात: क्या है CGAS (कैपिटल गेंस अकाउंट स्कीम)?
अक्सर ऐसा होता है कि हमारी प्रॉपर्टी बिक जाती है लेकिन नया घर खोजने या बनवाने में समय लगता है। ऐसी स्थिति में इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की आखिरी तारीख से पहले आपको वह मुनाफा बैंक के CGAS (Capital Gains Account Scheme) खाते में जमा करना होता है। ऐसा करने से सरकार मान लेती है कि आप इस पैसे का इस्तेमाल घर के लिए ही करेंगे और आपको समय सीमा के भीतर टैक्स छूट का लाभ मिल जाता है।
इन नियमों का सही समय पर और सही तरीके से इस्तेमाल करके आप अपने खून-पसीने की कमाई को टैक्स में डूबने से पूरी तरह बचा सकते हैं। किसी भी एसेट को बेचने से पहले एक बार अपने वित्तीय सलाहकार से इन सेक्शंस के कानूनी दस्तावेजों को लेकर चर्चा जरूर कर लें।