दोआबा की धरती से चुनावी जंग को धार देंगे प्रधानमंत्री, 5 महीने में दूसरी बार आ रहे पंजाब, ट्वीट कर बोले- 'आने को उत्सुक हूं
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के शीर्ष रणनीतिकार और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर पंजाब की गुरुओं-पीरों की पावन धरती पर कदम रखने जा रहे हैं। जालंधर, अमृतसर, लुधियाना, पटियाला और बठिंडा समेत पूरे पंजाब के राजनीतिक गलियारों में इस वक्त पीएम मोदी के इस दौरे को लेकर हलचल बेहद तेज हो चुकी है। पंजाब के दोआबा (Doaba) क्षेत्र को केंद्र में रखकर तैयार किए गए इस दौरे के जरिए भाजपा राज्य की चुनावी रणनीतियों को एक नई धार देने की तैयारी में है। विशेष बात यह है कि पिछले महज 5 महीनों के भीतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह दूसरा पंजाब दौरा (PM Punjab Visit) है। खुद प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर ट्वीट कर पंजाब की जनता के प्रति अपना स्नेह प्रकट किया है और लिखा है कि वे पंजाब आने के लिए बेहद उत्सुक हैं।
दोआबा क्षेत्र पर पीएम मोदी का विशेष फोकस, क्यों बेहद अहम है यह इलाका?
पंजाब की राजनीति का गढ़ माने जाने वाले दोआबा क्षेत्र पर इस बार प्रधानमंत्री का विशेष फोकस है। दोआबा क्षेत्र, जिसमें जालंधर, होशियारपुर, कपूरथला और शहीद भगत सिंह नगर (नवांशहर) जैसे बड़े जिले आते हैं, हमेशा से राज्य की सत्ता की चाबी तय करने में बड़ी भूमिका निभाता है। इस इलाके में दलित और प्रवासी (NRI) वोट बैंक की अच्छी-खासी तादाद है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पीएम मोदी इस क्षेत्र में एक बड़ी जनसभा को संबोधित कर न केवल स्थानीय समीकरणों को साधेंगे, बल्कि सीमावर्ती राज्य पंजाब में सुरक्षा, विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर के मुद्दों को उठाकर विपक्ष को भी बैकफुट पर धकेलेंगे।
5 महीने में दूसरा दौरा, क्या पंजाब में बड़ा उलटफेर करने की तैयारी में है भाजपा?
पिछले पांच महीनों के भीतर प्रधानमंत्री का दोबारा पंजाब आना इस बात का साफ संकेत है कि भारतीय जनता पार्टी पंजाब की सियासत को लेकर बेहद गंभीर है। पंजाब में अपनी सियासी जमीन को नए सिरे से मजबूत करने में जुटी भाजपा इस बार किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। सूत्रों के मुताबिक, अपने पिछले दौरे की तरह ही पीएम मोदी इस बार भी पंजाब की जनता को करोड़ों रुपये के नए विकास कार्यों और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की सौगात दे सकते हैं। इस दौरे के दौरान पीएम मोदी स्थानीय किसान नेताओं, डेरा प्रमुखों और प्रमुख सिख चेहरों के साथ भी बंद कमरे में मुलाकात कर सकते हैं, जिससे राज्य के सियासी समीकरणों में बड़े उलटफेर की संभावना जताई जा रही है।
'पंजाब आने को हमेशा उत्सुक रहता हूं' - पीएम मोदी के इस संदेश के गहरे सियासी मायने
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पंजाब दौरे से ठीक पहले पंजाब और पंजाबियत के प्रति अपने विशेष लगाव को जाहिर किया है। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि पंजाब की वीर भूमि और यहां के परिश्रमी लोगों के बीच जाना हमेशा उनके लिए बेहद ऊर्जावान और सुखद अनुभव रहता है। पीएम के इस बयान को सीधे तौर पर पंजाब के मतदाताओं के साथ एक भावनात्मक जुड़ाव बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। भाजपा के स्थानीय नेता भी पीएम के इस संदेश को सोशल मीडिया पर जमकर शेयर कर रहे हैं, जिससे कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।
सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम, पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां हाई अलर्ट पर
प्रधानमंत्री के इस अति-संवेदनशील दौरे को देखते हुए पंजाब पुलिस (Punjab Police) और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां (SPG) पूरी तरह से हाई अलर्ट पर हैं। पिछली घटनाओं से सबक लेते हुए सुरक्षा के ऐसे अभूतपूर्व और कड़े बंदोबस्त किए गए हैं कि परिंदा भी पर नहीं मार सकता। सभा स्थल से लेकर पीएम के काफिले के गुजरने वाले रूट पर सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के जरिए पैनी नजर रखी जा रही है। चप्पे-चप्पे पर कमांडो की तैनाती की गई है और स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद बनाए रखने के लिए रूट डायवर्जन भी लागू कर दिया है ताकि आम जनता को कम से कम असुविधा हो।