पंजाब विधानसभा मानसून सत्र का आखिरी दिन आज: सरकार पेश करेगी 9 अहम बिल, कांग्रेस ने समय बढ़ाने की उठाई जोरदार मांग
पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र का आज समापन होने जा रहा है, और सत्र के इस अंतिम दिन सदन के भीतर राजनीतिक माहौल काफी गर्म रहने के पूरे आसार हैं। राज्य सरकार आज सदन के पटल पर कुल 9 महत्वपूर्ण और नए बिल पेश करने की तैयारी में है, जिन पर लंबी चर्चा और मुहर लगने की संभावना है। दूसरी ओर, विपक्षी दल कांग्रेस ने सरकार की इस कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए मानसून सत्र की समयावधि बेहद कम होने का आरोप लगाया है। कांग्रेस पार्टी का कहना है कि जनता से जुड़े अहम मुद्दों और राज्य के गंभीर विषयों पर विस्तार से चर्चा करने के लिए सत्र का समय बढ़ाया जाना बेहद जरूरी था, जिससे आज सदन के अंदर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी तकरार देखने को मिल सकती है।
9 नए विधेयकों पर टिकी सबकी निगाहें, सरकार का विधायी एजेंडा
आज पेश होने वाले इन 9 बिलों में पंजाब के प्रशासनिक, वित्तीय और सामाजिक ढांचे से जुड़े कई बड़े प्रस्ताव शामिल हैं, जिन्हें राज्य सरकार पास करवाने के लिए पूरी तरह से तैयार बैठी है। विधानसभा सचिवालय के अनुसार, इन विधेयकों के जरिए सरकार कई पुराने कानूनों में संशोधन करने के साथ-साथ नए नीतिगत बदलावों को भी अमली जामा पहनाने जा रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इन बिलों के सदन में आते ही विपक्ष की तरफ से कड़ा विरोध या संशोधनों की मांग की जा सकती है, क्योंकि बिना पर्याप्त चर्चा के इतने सारे विधेयक एक साथ पेश किए जाने को लेकर विपक्षी दल पहले से ही सरकार को घेरने की रणनीति बना चुके हैं।
कांग्रेस की सत्र बढ़ाने की मांग और विधानसभा में गरमाता सियासी पारा
सत्र का समय बढ़ाने की मांग को लेकर कांग्रेस के विधायकों ने आक्रामक तेवर अपनाए हुए हैं और उनका तर्क है कि भगवंत मान सरकार सदन की कार्यवाही से बचना चाहती है ताकि जनता के सवालों के तीखे जवाब न देने पड़ें। मानसून सत्र के अंतिम दिन की इस गहमागहमी के बीच राज्य की राजनीति का पारा सातवें आसमान पर है और हर किसी की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या सरकार विपक्ष के दबाव में सत्र का समय आगे बढ़ाती है या फिर अपने निर्धारित एजेंडे के तहत ही आज के सभी 9 बिलों को सदन में पास कराती है।