अकाल तख्त की धरती से उड़ान: अमृतसर एयरपोर्ट से रेडीमेड कपड़ों की पहली खेप ब्रिटेन रवाना
भारत और यूनाइटेड किंगडम (UK) के बीच द्विपक्षीय व्यापारिक संबंधों को एक नई और अभूतपूर्व ऊंचाई देते हुए अमृतसर से एक ऐतिहासिक शुरुआत हुई है। भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक व्यापार समझौते (CETA) के अंतर्गत पंजाब के अमृतसर स्थित श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (Amritsar Airport) से सीधे ब्रिटेन के लिए रेडीमेड परिधानों (Readymade Garments) की पहली कमर्शियल खेप सफलतापूर्वक रवाना कर दी गई है। इस पहली कार्गो उड़ान की रवानगी के साथ ही पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के कपड़ा उत्पादकों के लिए सीधे यूरोपीय बाजारों के दरवाजे खुल गए हैं। दोनों देशों के व्यापारिक नीति निर्माताओं का मानना है कि इस कदम से न केवल पंजाब के स्थानीय उद्योगों को वैश्विक पहचान मिलेगी, बल्कि इससे भारत-यूके के व्यापारिक संबंध भी पहले से कहीं अधिक मजबूत होंगे।
अमृतसर एयरपोर्ट से सीधी उड़ान: पंजाब के टेक्सटाइल हब के लिए गेम-चेंजर
पंजाब का लुधियाना, अमृतसर और जालंधर बेल्ट देश में होजरी और रेडीमेड कपड़ों के उत्पादन का बहुत बड़ा केंद्र माना जाता है। अब तक यहां के व्यापारियों को अपने माल को विदेशों में भेजने के लिए दिल्ली या मुंबई के बंदरगाहों और हवाई अड्डों पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे लागत और समय दोनों में भारी इजाफा होता था। अमृतसर हवाई अड्डे से सीधे ब्रिटेन के लिए कार्गो सेवा शुरू होने से माल भेजने का समय (Transit Time) 70 प्रतिशत तक कम हो गया है। स्थानीय निर्यातकों ने इस ऐतिहासिक उड़ान पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह सीधी कनेक्टिविटी पंजाब के छोटे और मध्यम दर्जे के कपड़ा उद्यमियों (MSMEs) के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
भारत-ब्रिटेन सीईटीए (CETA) समझौते की बड़ी सफलता
भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापार को आसान बनाने और आयात-निर्यात शुल्क को कम करने के उद्देश्य से लागू किया गया सीईटीए (Comprehensive Economic Trade Agreement) अब जमीनी स्तर पर बड़े परिणाम दिखाने लगा है। इस समझौते के तहत भारतीय परिधानों को ब्रिटेन के बाजारों में बिना किसी बड़े कस्टम बैरियर के सीधी एंट्री मिल रही है, जिससे चीनी और बांग्लादेशी कपड़ों के मुकाबले भारतीय उत्पाद बेहद प्रतिस्पर्धी दरों पर उपलब्ध हो सकेंगे। अमृतसर से रवाना की गई परिधानों की इस पहली खेप की गुणवत्ता और पैकेजिंग की जांच अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप की गई है, जिसने आने वाले समय के लिए एक बेहतरीन मिसाल पेश की है।
स्थानीय स्तर पर पैदा होंगे हजारों नए रोजगार, बढ़ेगा विदेशी मुद्रा भंडार
अमृतसर एयरपोर्ट से शुरू हुए इस नए ट्रेड रूट का सीधा सकारात्मक असर पंजाब की स्थानीय अर्थव्यवस्था पर देखने को मिलेगा। परिधानों के निर्यात में होने वाली इस बढ़ोतरी से राज्य के टेक्सटाइल मिलों, सिलाई यूनिटों और पैकेजिंग उद्योगों में काम तेजी से बढ़ेगा, जिससे हजारों युवाओं और महिला कारीगरों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इसके साथ ही, सीधे अमृतसर से हो रहे इस व्यापार के जरिए देश के विदेशी मुद्रा भंडार में भी बढ़ोतरी होगी। पंजाब सरकार और केंद्र सरकार की संयुक्त कोशिशों से अमृतसर एयरपोर्ट को एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय कार्गो हब (Cargo Hub) के रूप में विकसित करने की योजना पर तेजी से काम चल रहा है।
वैश्विक बाजार में भारतीय परिधानों की धाक जमाने की तैयारी
अमृतसर से ब्रिटेन भेजी गई इस पहली खेप में सूती (Cotton), ऊनी और होजरी के बेहतरीन डिजाइनों वाले कपड़े शामिल हैं, जिनकी ब्रिटेन के विंटर्स और समर्स फैशन मार्केट में भारी मांग है। उद्योग जगत के विशेषज्ञों का मानना है कि यदि निर्यात की यह गति बनी रही, तो जल्द ही अमृतसर एयरपोर्ट से साप्ताहिक कार्गो उड़ानों की संख्या को दोगुना करना पड़ेगा। व्यापार विश्लेषकों का यह भी कहना है कि इस सफल कदम के बाद जल्द ही पंजाब के अन्य कृषि उत्पाद, जैसे बासमती चावल और ताजी सब्जियां भी इसी रूट के जरिए सीधे ब्रिटेन और यूरोपीय देशों के सुपरमार्केट्स तक पहुंचाई जा सकेंगी।