बिजली संकट से बड़ा झटका! मौसम की मार से पावरकॉम बुरी तरह प्रभावित; अप्रैल से अब तक ₹2,480 करोड़ की बिजली खरीदी

बिजली संकट से बड़ा झटका! मौसम की मार से पावरकॉम बुरी तरह प्रभावित; अप्रैल से अब तक ₹2,480 करोड़ की बिजली खरीदी

पंजाब एक कृषि प्रधान राज्य है, जहां जून के महीने में धान की बुआई और रोपाई के लिए किसानों को लगातार कई घंटों तक निर्बाध बिजली की आवश्यकता होती है। इसके साथ ही इस बार मैदानी इलाकों में पारा सामान्य से काफी ऊपर चले जाने के कारण शहरों में भी पावर कंजम्पशन अप्रत्याशित रूप से बढ़ गया है। पावरकॉम के अपने थर्मल प्लांट और केंद्रीय कोटे से मिलने वाली बिजली इस रिकॉर्ड तोड़ मांग के सामने कम पड़ने लगी। राज्य में ब्लैकआउट या अघोषित बिजली कटौती (Power Cut) की स्थिति से बचने के लिए प्रबंधन को तुरंत बाहरी ग्रिड और नेशनल पावर एक्सचेंज का रुख करना पड़ा, जिससे बोर्ड के खजाने पर भारी वित्तीय बोझ आ गया है।

₹11 प्रति यूनिट की दर से इमरजेंसी खरीद: पावरकॉम के वित्तीय गणित में मची खलबली

बिजली बाजार के विशेषज्ञों के अनुसार, जब देश के कई राज्यों में एक साथ गर्मी का पीक सीजन आता है, तो पावर एक्सचेंज में बिजली के दाम आसमान छूने लगते हैं। पंजाब पावरकॉम को भी अपनी तात्कालिक जरूरतों और पीक-अवर लोड (Peak Hour Load) को मैनेज करने के लिए ₹11 प्रति यूनिट की दर से शॉर्ट-टर्म टेंडर और इमरजेंसी कोटे से बिजली उठानी पड़ी। अप्रैल से अब तक खर्च हुए ₹2480 करोड़ की इस भारी-भरकम राशि ने बिजली बोर्ड के बजट को पूरी तरह से हिलाकर रख दिया है। हालांकि, अधिकारियों का दावा है कि उपभोक्ताओं और किसानों को संकट से बचाना उनकी पहली प्राथमिकता थी, जिसके लिए यह कदम उठाना बेहद जरूरी था।

 

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