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बंगाल में जन-कल्याण शिविरों पर उमड़ा जनसैलाब: सीएम शुभेंदु अधिकारी ने बढ़ाई डेडलाइन, इस तारीख से महिलाओं के खाते में आएंगे ₹3,000

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य की जनता को एक बड़ी राहत देते हुए महत्वपूर्ण घोषणा की है। पूरे बंगाल में चल रहे सरकारी 'जनकल्याण शिविरों' में उमड़ रही रिकॉर्ड तोड़ भीड़ और लोगों की भारी मांग को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इन शिविरों की समय-सीमा को एक दिन के लिए और आगे बढ़ा दिया है। पहले यह विशेष शिविर 15 जून से शुरू होकर 17 जून को समाप्त होने वाले थे, लेकिन अब मुख्यमंत्री के नए आदेश के बाद लोग 18 जून तक इन शिविरों में जाकर विभिन्न सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ उठा सकेंगे। दक्षिण 24 परगना जिले के फलता में आयोजित एक विशाल जनकल्याण शिविर को संबोधित करते हुए खुद मुख्यमंत्री ने इसकी आधिकारिक घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि इन शिविरों के प्रति आम जनता का उत्साह और प्रतिक्रिया इतनी जबरदस्त है कि कोई भी पात्र व्यक्ति आवेदन से वंचित न रह जाए, इसीलिए प्रशासन ने यह त्वरित फैसला लिया है।

एक ही छत के नीचे मिल रहा है केंद्र और राज्य की सभी योजनाओं का सीधा लाभ

राज्यभर में युद्धस्तर पर लगाए जा रहे इन विशेष 'जनकल्याण शिविरों' का मुख्य उद्देश्य सरकारी प्रक्रियाओं को सरल बनाकर सीधे आम लोगों के दरवाजे तक पहुंचाना है। इन शिविरों के माध्यम से बंगाल का कोई भी नागरिक केंद्र सरकार और राज्य सरकार की उन सभी कल्याणकारी व सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लिए मौके पर ही आवेदन कर सकता है, जिसके लिए वह पात्रता रखता है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने जनता को भरोसा दिलाया कि इस बार व्यवस्था को इतना पारदर्शी और मजबूत बनाया गया है कि बिचौलियों या किसी भी स्तर पर होने वाले भ्रष्टाचार की कोई गुंजाइश नहीं बची है। पात्र जरूरतमंदों तक सीधे और बिना किसी रुकावट के लाभ पहुंचाना ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

अन्नपूर्णा भंडार योजना पर आया बड़ा अपडेट: 1.05 करोड़ महिलाओं के आवेदनों का वेरिफिकेशन पूरा

शिविर के मंच से राज्य की महिलाओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने बंगाल की नई भाजपा सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी योजना 'अन्नपूर्णा भंडार योजना' को लेकर बेहद खुशखबरी वाला आंकड़ा साझा किया। उन्होंने बताया कि महिलाओं को प्रति माह $3,000$ रुपये की नकद आर्थिक सहायता देने वाली इस योजना के तहत अब तक $1.05$ करोड़ से अधिक आवेदनों का सफलतापूर्वक सत्यापन (Verification) कार्य पूरा कर लिया गया है। इस योजना की शुरुआत पिछले महीने ही राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के उद्देश्य से की गई थी, जिसे अब जमीनी स्तर पर तेजी से लागू किया जा रहा है।

1 जुलाई से बैंक खातों में ट्रांसफर होगी राशि, सीधे लाभार्थियों तक पहुंचेगा पैसा

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने उन अटकलों और तारीखों पर से भी पूरी तरह पर्दा हटा दिया, जिसका इंतजार करोड़ों महिलाएं कर रही थीं। उन्होंने स्पष्ट घोषणा की कि जिन भी महिला आवेदकों के फॉर्म्स का सत्यापन पूरा हो चुका है, उनके बैंक खातों में आगामी 1 जुलाई से योजना की राशि सीधे डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए ऑनलाइन ट्रांसफर कर दी जाएगी। सरकार का पूरा फोकस इस बात पर है कि बिना किसी लेटलतीफी या प्रशासनिक विसंगति के यह पैसा सीधे लाभार्थियों की जेब तक पहुंचे ताकि वे अपनी दैनिक जरूरतों को बिना किसी पर निर्भर रहे स्वाभिमान के साथ पूरा कर सकें। 18 जून की नई डेडलाइन के बाद अब बचे हुए पात्र लोग भी इन शिविरों में अपना पंजीकरण करा रहे हैं।

 

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