शिंदे गुट में जाएंगे UBT के 6 बागी सांसद, डैमेज कंट्रोल के लिए जनता की शरण में उद्धव ठाकरे
महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर से भारी उलटफेर की सुगबुगाहट तेज हो गई है। टीएमसी (TMC) में मचे सियासी घमासान के बाद अब शिवसेना (UBT) में एक बड़ी टूट तय मानी जा रही है। राजनीतिक सूत्रों की मानें तो उद्धव ठाकरे गुट के बागी सांसद किसी भी वक्त एक बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकते हैं, जिसमें वे सार्वजनिक रूप से मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली मूल शिवसेना में शामिल होने का बड़ा ऐलान करेंगे। पार्टी में होने वाली यह सेंधमारी न सिर्फ उद्धव ठाकरे के लिए बल्कि पूरे विपक्षी गठबंधन के लिए एक तगड़ा झटका साबित हो सकती है।
स्पीकर ओम बिड़ला से मुलाकात, जल्द जारी करेंगे वीडियो और पत्र सूत्रों के हवाले से खबर है कि उद्धव सेना के इन बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला से गुपचुप तरीके से मुलाकात कर ली है। दल-बदल की रणनीति के तहत वे बहुत जल्द इस मुलाकात के वीडियो, तस्वीरें और लोकसभा स्पीकर को सौंपा गया आधिकारिक पत्र मीडिया के सामने जारी कर सकते हैं। राजनीतिक गलियारों में इस बात की सबसे ज्यादा चर्चा है कि ये वही सांसद हैं जो चार साल पहले एकनाथ शिंदे की बगावत के वक्त उद्धव ठाकरे के साथ मजबूती से खड़े थे। माना जा रहा है कि बागी सांसद अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह स्पष्ट करेंगे कि उद्धव ठाकरे का 'हिंदुत्व' के मूल मुद्दे से भटकना ही उनके पार्टी छोड़ने का सबसे बड़ा कारण है।
शिंदे का 'ऑपरेशन टाइगर' हिट? 9 में से 6 सांसद बागी महाराष्ट्र के सियासी हलकों में इस पूरे घटनाक्रम को एकनाथ शिंदे गुट के 'ऑपरेशन टाइगर' की बड़ी कामयाबी के रूप में देखा जा रहा है। वर्तमान में उद्धव ठाकरे के पास कुल 9 सांसद हैं, जिनमें से 6 सांसदों के बागी गुट में शामिल होने की पुख्ता खबर है। जानकारी के मुताबिक, फिलहाल इन बागियों में से एक सांसद मुंबई में है और दूसरा पुणे में है, जबकि दो सांसद चेन्नई और बाकी कोलकाता से वापस लौट रहे हैं। सभी के एकजुट होने के बाद ही प्रेस कॉन्फ्रेंस की जाएगी। बागी सांसदों का यह भी दावा है कि उन पर दल-बदल विरोधी कानून (Anti-Defection Law) का कोई असर नहीं पड़ेगा और जरूरत पड़ने पर वे दोबारा स्पीकर से मुलाकात करेंगे।
डैमेज कंट्रोल मोड में उद्धव ठाकरे, इन 5 जिलों का करेंगे दौरा पार्टी में इस बड़ी टूट की पक्की खबरों के बीच उद्धव ठाकरे अब पूरी तरह से डैमेज कंट्रोल मोड में आ गए हैं। साल 2022 में शिंदे की बगावत से मिले झटके से सबक लेते हुए ठाकरे अब सीधे जनता की अदालत में जा रहे हैं। अपनी राजनीतिक जमीन और बचे हुए कैडर को बचाने के लिए उद्धव ठाकरे शनिवार से सोमवार तक महाराष्ट्र के उन अहम क्षेत्रों का मैराथन दौरा करेंगे, जहां इन संभावित बागी सांसदों की मजबूत पकड़ है। अपने इस सघन जनसंपर्क अभियान के तहत उद्धव ठाकरे यवतमाल, परभणी, हिंगोली, धाराशिव (उस्मानाबाद) और शिरडी के ग्राउंड जीरो पर जाकर स्थानीय नेताओं और जनता से सीधा संवाद करेंगे।