अब घर बैठे मिलेगा देश के विशेषज्ञ डॉक्टरों का इलाज, सदर अस्पताल बनने जा रहा है झारखंड का सबसे बड़ा डिजिटल हेल्थ हब
रांची के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक ऐतिहासिक क्रांति होने जा रही है। अगर आप भी छोटी-बड़ी बीमारियों के लिए अस्पतालों के लंबे चक्कर काटने और लाइनों में खड़े होने से परेशान हैं, तो अब आपको इस झंझट से हमेशा के लिए मुक्ति मिलने वाली है। झारखंड की राजधानी रांची का सदर अस्पताल जल्द ही पूरे राज्य का सबसे बड़ा और आधुनिक 'डिजिटल हेल्थ हब' बनने जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के शुरू होने के बाद मरीजों को देश-दुनिया के नामी डॉक्टरों और विशेषज्ञों से परामर्श लेने के लिए न तो भारी-भरकम फीस चुकानी होगी और न ही दूसरे राज्यों की दौड़ लगानी पड़ेगी। घर बैठे ही एक क्लिक पर इलाज की तमाम सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
अत्याधुनिक टेलीमेडिसिन और ई-संजीवनी सेवाओं से लैस होगा नया हब
इस डिजिटल हेल्थ हब के धरातल पर उतरते ही रांची सदर अस्पताल की सूरत और सीरत दोनों पूरी तरह बदल जाएगी। अस्पताल प्रबंधन इसे अत्याधुनिक टेलीमेडिसिन सेवाओं, ई-संजीवनी ओपीडी और डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड सिस्टम से पूरी तरह लैस करने की तैयारी में जुटा है। इसके तहत अस्पताल में एक केंद्रीय डिजिटल कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा, जो सीधे तौर पर देश के विभिन्न राज्यों के बड़े मेडिकल संस्थानों और सुपर-स्पेशियलिटी अस्पतालों से जुड़ा रहेगा। इस व्यवस्था से सबसे बड़ा फायदा ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले उन मरीजों को होगा, जो गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं कर पाते हैं। वे अब स्थानीय स्तर पर ही विश्वस्तरीय चिकित्सा परामर्श प्राप्त कर सकेंगे।
एक ही छत के नीचे डिजिटल पर्ची से लेकर ऑनलाइन रिपोर्ट तक की सुविधा
डिजिटल हेल्थ हब बनने के बाद मरीजों को पर्ची कटवाने से लेकर जांच रिपोर्ट लेने तक के लिए कतारों में इंतजार नहीं करना होगा। पूरी व्यवस्था को पेपरलेस और पूरी तरह ऑनलाइन किया जा रहा है। मरीज स्मार्टफोन के जरिए अपना स्लॉट बुक कर सकेंगे और उन्हें एक यूनिक डिजिटल हेल्थ आईडी प्रदान की जाएगी। इस आईडी की मदद से मरीज का पूरा मेडिकल इतिहास सुरक्षित रहेगा, जिससे डॉक्टर को पुरानी बीमारियों को समझने और सटीक इलाज शुरू करने में आसानी होगी। इसके अलावा, पैथोलॉजी और रेडियोलॉजी की जांच रिपोर्ट भी सीधे मरीजों के मोबाइल पर और संबंधित डॉक्टर के कंप्यूटर स्क्रीन पर डिजिटल रूप में भेज दी जाएगी, जिससे समय की भारी बचत होगी।
गंभीर बीमारियों के लिए मिलेगी सुपर स्पेशियलिटी डॉक्टरों की वर्चुअल सेवा
सदर अस्पताल के इस नए स्वरूप में हृदय रोग, न्यूरोलॉजी, कैंसर और किडनी जैसी गंभीर बीमारियों के लिए विशेष वर्चुअल क्लीनिक का संचालन किया जाएगा। राज्य के मरीजों को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) और अन्य शीर्ष चिकित्सा केंद्रों के डॉक्टरों से सीधे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जोड़ने की मुकम्मल व्यवस्था की जा रही है। स्थानीय डॉक्टरों की टीम इन विशेषज्ञों के साथ मिलकर मरीजों की लाइव मॉनिटरिंग करेगी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का मानना है कि यह डिजिटल पहल झारखंड के चिकित्सा इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगी और इससे न केवल इलाज के खर्च में भारी कमी आएगी, बल्कि समय पर सही इलाज मिलने से गंभीर मरीजों की जान भी बचाई जा सकेगी।