25 लाख का इनामी 'IED एक्सपर्ट' अजय महतो गिरफ्तार, पुलिस के हत्थे चढ़ा खूंखार मास्टरमाइंड

25 लाख का इनामी 'IED एक्सपर्ट' अजय महतो गिरफ्तार, पुलिस के हत्थे चढ़ा खूंखार मास्टरमाइंड

झारखंड के गिरिडीह में सुरक्षाबलों को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। लंबे समय से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहे 25 लाख रुपये के इनामी नक्सली अजय महतो को गिरफ्तार कर लिया गया है। अजय महतो न केवल प्रतिबंधित नक्सली संगठन का एक सक्रिय सदस्य था, बल्कि वह IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) प्लांट करने और सुरक्षाबलों को निशाना बनाने में भी 'मास्टरमाइंड' माना जाता था। उसकी गिरफ्तारी से नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा का दायरा और मजबूत होने की उम्मीद है। गिरिडीह पुलिस के इस ऑपरेशन को इलाके में नक्सलियों के नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है।

IED का जाल बिछाने में था माहिर

गिरफ्तारी के बाद पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, अजय महतो का मुख्य काम सुरक्षाबलों के रास्तों पर IED छिपाकर लगाना था। वह न केवल खुद विस्फोटक तैयार करने में माहिर था, बल्कि वह नए रंगरूटों को भी बम बनाने और प्लांट करने की ट्रेनिंग देता था। कई ऐसे मामले सामने आए हैं जिनमें सुरक्षाबलों के काफिले को निशाना बनाने के पीछे उसी की रणनीति थी। अजय महतो की गिरफ्तारी से पुलिस को नक्सलियों के कई ठिकानों और उनके आगामी खतरनाक मंसूबों के बारे में अहम सुराग मिलने की उम्मीद है, जिससे आने वाले समय में बड़े सुरक्षा खतरों को टाला जा सकेगा।

लंबे समय से थी पुलिस की 'वांटेड' लिस्ट में

अजय महतो की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने विशेष टीम का गठन किया था, जो कई महीनों से उसके मूवमेंट पर नजर रख रही थी। उस पर झारखंड और आसपास के राज्यों में दर्जनों संगीन मामले दर्ज हैं, जिनमें हत्या, लेवी वसूली और पुलिस पर हमला शामिल है। 25 लाख रुपये का इनाम होने के कारण वह पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ था। उसे गिरफ्तार करने के लिए सुरक्षाबलों ने एक सटीक खुफिया सूचना पर काम किया और अंततः उसे घेरकर दबोच लिया। यह गिरफ्तारी स्थानीय लोगों के बीच सुरक्षा और कानून के प्रति एक नया भरोसा कायम करने वाली है।

नक्सल विरोधी अभियानों को मिलेगी नई धार

अजय महतो जैसे बड़े नक्सली लीडर का पकड़े जाना इस बात का संकेत है कि अब नक्सलियों के लिए छिपना और अपनी गतिविधियों को अंजाम देना मुश्किल होता जा रहा है। गिरिडीह पुलिस अब इस पूछताछ के जरिए यह पता लगाने में जुटी है कि उसके साथ और कौन से बड़े लीडर इस नेटवर्क में शामिल हैं। पुलिस की बढ़ती सक्रियता और स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से अब धीरे-धीरे नक्सलवाद का प्रभाव कम होता जा रहा है। स्थानीय प्रशासन ने उम्मीद जताई है कि इस गिरफ्तारी के बाद क्षेत्र में शांति और विकास की गतिविधियों को और गति मिलेगी, जिससे आम जनता का डर पूरी तरह से खत्म हो सकेगा।

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