क्या बच्चियों को अंडा खिलाने से जल्दी शुरू हो जाते हैं पीरियड्स? डॉक्टर ने बताई इस आम भ्रम की पूरी सच्चाई
आज के समय में पेरेंट्स बच्चों के खान-पान को लेकर काफी सतर्क रहते हैं, लेकिन कई बार समाज में कुछ ऐसी धारणाएं फैल जाती हैं जो पूरी तरह निराधार होती हैं। ऐसा ही एक बड़ा भ्रम यह है कि छोटी बच्चियों को रोज अंडा खिलाने से उनमें प्रीमैच्योर प्यूबर्टी यानी समय से पहले पीरियड्स आने की समस्या शुरू हो जाती है। कई लोग यह मानते हैं कि अंडे की तासीर गर्म होती है या इसमें मौजूद कोलेस्ट्रॉल बच्चों के हार्मोनल संतुलन को बिगाड़ देता है। इस विषय पर लोगों के मन में अक्सर कई तरह के सवाल और डर बने रहते हैं। आइए जानते हैं कि इस वायरल दावे और मिथ के पीछे की मेडिकल सच्चाई क्या कहती है और डॉक्टर इस बारे में क्या राय रखते हैं।
क्या वाकई अंडे खाने से बच्चियों में जल्दी आते हैं पीरियड्स?
अंडों को हमेशा से ही सेहत के लिए बेहद फायदेमंद और प्रोटीन का सबसे बेहतरीन स्रोत माना गया है। कुछ समय पहले कुछ रिसर्च पेपर में यह दावा किया गया था कि एनिमल बेस्ड फूड्स और अंडों से मिलने वाला अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल शरीर में लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियां जैसे डायबिटीज, इनफर्टिलिटी और जल्दी पीरियड्स जैसी समस्याओं को बढ़ावा दे सकता है। हालांकि, मेडिकल एक्सपर्ट्स ने इन दावों पर कभी पूरी तरह भरोसा नहीं जताया है। जाने-माने डॉक्टर शुभम वत्स्य ने एक वीडियो के जरिए इस बात से पर्दा उठाया है कि बच्चियों को अंडा खिलाने और जल्दी पीरियड्स आने का आपस में कोई लेना-देचना नहीं है। यह केवल एक आम सामाजिक मिथ है, जिसका वैज्ञानिक आधार से कोई ताल्लुक नहीं है।
वैज्ञानिक तर्क: अंडे और हार्मोनल बदलाव का सच
डॉक्टरों के अनुसार, अंडों में भरपूर मात्रा में प्रोटीन, मिनरल्स और शरीर के लिए जरूरी सभी 9 तरह के अमीनो एसिड पाए जाते हैं। अंडों में ऐसे कोई भी सिंथेटिक या हानिकारक हॉर्मोन नहीं होते हैं जो बच्चियों की प्यूबर्टी को ट्रिगर कर सकें। जब कोई बच्चा अंडा खाता है, तो शरीर के पाचक एंजाइम्स (डाइजेस्टिव एंजाइम्स) उसमें मौजूद प्रोटीन और फैट को तोड़ देते हैं। ये प्रोटीन सीधे तौर पर ब्लड में ट्रांसफर नहीं होते हैं जो हार्मोनल डिस्बैलेंस पैदा कर सकें। प्यूबर्टी पूरी तरह से जेनेटिक्स, बच्चे के संपूर्ण पोषण, उसके वजन और शारीरिक गतिविधि (फिजिकल एक्टिविटी) पर निर्भर करती है। अब तक किसी भी प्रामाणिक शोध में यह साबित नहीं हुआ है कि अंडा खाने से बच्चियों में अर्ली प्यूबर्टी की समस्या होती है।
तो आखिर किन कारणों से बच्चियों में समय से पहले आ रहे हैं पीरियड्स?
आज के दौर में कम उम्र की बच्चियों में जल्दी पीरियड्स आने के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जिसके पीछे खान-पान और लाइफस्टाइल से जुड़ी कई अन्य असली वजहें जिम्मेदार हैं। डॉक्टर इसके मुख्य कारणों में सबसे पहले मोटापे को गिनते हैं। खराब खान-पान की वजह से शरीर में बढ़ने वाला फैट एस्ट्रोजन हॉर्मोन का उत्पादन समय से पहले शुरू कर देता है, जिससे रिप्रोडक्टिव ऑर्गंस तेजी से विकसित होने लगते हैं और पीरियड्स जल्दी आने लगते हैं। इसके अलावा चॉकलेट, चिप्स, कोल्ड ड्रिंक्स और जंक फूड्स का अधिक सेवन शरीर में इंसुलिन और हॉर्मोनल असंतुलन पैदा करता है। कम फिजिकल एक्टिविटी, बढ़ता हुआ स्क्रीन टाइम और खराब नींद की आदतें भी बच्चों के शरीर में हॉर्मोन्स को डिस्टर्ब कर रही हैं, जिन्हें सुधारने की सख्त जरूरत है।