हरियाणा में ट्रेनिंग के दौरान सेना के जवान की असमय मौत: 8 साल के बेटे ने नम आंखों से दी पिता को मुखाग्नि
देश की रक्षा के लिए समर्पित भारतीय सेना के एक जांबाज जवान की हरियाणा में ट्रेनिंग के दौरान अचानक हुई मौत ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है। ट्रेनिंग सेशन के दौरान सेना के इस जवान को अचानक दिल का दौरा पड़ा, जिसके कारण उनकी मृत्यु हो गई। इस हृदय विदारक घटना के बाद जब जवान का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव पहुंचा, तो वहां का दृश्य देखकर सबकी आंखें नम हो गईं। जवान के मात्र 8 साल के बेटे ने जब अपने पिता को मुखाग्नि दी, तो वहां मौजूद हर व्यक्ति का दिल पसीज गया और वातावरण गमगीन हो गया।
ट्रेनिंग के दौरान हुआ हादसा
सेना से मिली जानकारी के अनुसार, जवान अपनी नियमित और कठिन ट्रेनिंग प्रक्रिया से गुजर रहे थे, जो कि सेना के जवानों के लिए एक अनिवार्य हिस्सा है। इसी दौरान उन्हें अचानक सीने में तेज दर्द महसूस हुआ और वे बेहोश होकर गिर पड़े। आनन-फानन में उन्हें उपचार के लिए सैन्य अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार, मौत का प्राथमिक कारण 'कार्डियक अरेस्ट' यानी दिल का दौरा पड़ना बताया गया है। एक स्वस्थ और फिट जवान की इस प्रकार अचानक मौत ने सैन्य अधिकारियों को भी स्तब्ध कर दिया है।
गांव में छा गया मातम
जवान के पार्थिव शरीर को जैसे ही उनके पैतृक गांव लाया गया, वहां लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। शहीद जवान के अंतिम दर्शन के लिए दूर-दराज के गांवों से भी लोग पहुंचे। तिरंगे में लिपटे जवान के शव को देखकर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। गांव के हर घर में चूल्हे नहीं जले और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। ग्रामीण बताते हैं कि जवान बहुत ही मिलनसार और देशप्रेम से ओत-प्रोत थे, उनकी कमी पूरे गांव को हमेशा खलेगी। यह घटना क्षेत्र के लिए एक ऐसी क्षति है जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती।
8 साल के बेटे ने निभाई अंतिम रस्म
अंतिम संस्कार के दौरान सबसे हृदयविदारक क्षण तब आया जब शहीद जवान के 8 साल के मासूम बेटे ने अपने पिता को मुखाग्नि दी। नन्हे हाथों में पिता की अंतिम विदाई की रस्म अदा करते देख वहां मौजूद हर किसी के आंसू छलक पड़े। इस दृश्य को देखकर उपस्थित अधिकारियों और ग्रामीणों ने भी अपने आप को नहीं रोक पाया। बेटा अभी इतना छोटा है कि शायद वह अपने पिता के खोने का गम पूरी तरह समझ भी नहीं पा रहा है, लेकिन उसने जिस साहस और धैर्य के साथ पिता को अंतिम विदाई दी, उसने उपस्थित लोगों को झकझोर कर रख दिया।
सेना और प्रशासन ने जताया दुख
सेना के स्थानीय अधिकारियों ने जवान की मौत पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि सेना ने एक होनहार और समर्पित जवान खो दिया है। जिला प्रशासन के अधिकारियों ने भी परिजनों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया और सरकार की तरफ से हर संभव मदद का भरोसा दिया है। सेना ने यह आश्वासन दिया है कि इस कठिन घड़ी में वे जवान के परिवार के साथ पूरी तरह खड़े हैं और उनके भविष्य के लिए जो भी सरकारी सहायता व पेंशन प्रक्रिया है, उसे जल्द से जल्द पूरा किया जाएगा।
युवाओं के लिए प्रेरणा के प्रतीक थे जवान
जवान की जीवन यात्रा अन्य स्थानीय युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत रही है। सेना में भर्ती होने के बाद उन्होंने अपनी मेहनत और लगन से न केवल अपना बल्कि अपने पूरे गांव और प्रदेश का नाम रोशन किया था। उनकी इस असमय मौत ने न केवल परिवार बल्कि पूरे सैन्य तंत्र के भीतर भी स्वास्थ्य और ट्रेनिंग के दौरान सुरक्षा मानकों पर चर्चा छेड़ दी है। हालांकि कार्डियक अरेस्ट जैसे मामलों में कभी-कभी पहले से लक्षण समझ नहीं आते, लेकिन उनकी इस शहादत को पूरा देश सलाम कर रहा है। उनकी सेवा और समर्पण को आने वाली पीढ़ियां सदैव याद रखेंगी।