सिविल अस्पताल के डेड हाउस में मानवता शर्मसार! महिला के शव को चूहों ने बुरी तरह कुतरा
पंजाब के एक सरकारी सिविल अस्पताल से स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोलने वाली और रूह कंपा देने वाली बेहद सनसनीखेज घटना सामने आई है। अस्पताल के डेड हाउस (शव गृह) में रखी एक मृत महिला के शव को चूहों द्वारा बुरी तरह से कुतरने का मामला प्रकाश में आया है। इस घोर लापरवाही और बदइंतजामी की भनक लगते ही मृतक महिला के परिजनों के सब्र का बांध टूट गया और उन्होंने अस्पताल परिसर के भीतर ही प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए भारी हंगामा शुरू कर दिया। इस शर्मनाक घटना के बाद से ही स्थानीय स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है।
शव सौंपते वक्त खुली अस्पताल की खौफनाक हकीकत
मिली जानकारी के मुताबिक, महिला की मौत के बाद उसके शव को कानूनी प्रक्रिया और पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल के डेड हाउस के फ्रीजर में रखवाया गया था। अगले दिन जब परिजन औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए लेने पहुंचे, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। जैसे ही शव के ऊपर से कपड़ा हटाया गया, परिजनों ने देखा कि महिला के चेहरे, कान और पैर के कुछ हिस्सों को चूहों ने बुरी तरह से नोच और कुतर दिया था। अपनों को खोने के गम में डूबे परिवार के लिए शव की यह दुर्दशा देखना किसी बड़े सदमे से कम नहीं था।
परिजनों का फूटा गुस्सा, अस्पताल के मुख्य गेट पर दिया धरना
अस्पताल प्रशासन की इस अमानवीय लापरवाही को देखकर मृतक के रिश्तेदार और भारी संख्या में स्थानीय लोग भड़क उठे। उन्होंने तुरंत शव को ले जाने से इनकार कर दिया और अस्पताल के सीनियर डॉक्टर्स तथा कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर मुख्य गेट के सामने धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि शव गृह के फ्रीजर ठीक से काम नहीं कर रहे हैं और वहां चारों तरफ गंदगी और चूहों का आतंक है, लेकिन बार-बार शिकायत के बावजूद कोई सुध नहीं ली जा रही है। हंगामे के कारण अस्पताल की ओपीडी (OPD) और अन्य सेवाएं कुछ देर के लिए बुरी तरह प्रभावित रहीं।
पुलिस और वरिष्ठ अधिकारियों ने दिया निष्पक्ष जांच का आश्वासन
मामले के लगातार तूल पकड़ने और हंगामे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस बल और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित परिजनों को शांत कराने की कोशिश की और लिखित शिकायत के आधार पर मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने का भरोसा दिया। अस्पताल प्रबंधन ने सफाई देते हुए कहा कि इस मामले के लिए जो भी कर्मचारी या सुरक्षाकर्मी दोषी पाया जाएगा, उसे तुरंत सस्पेंड किया जाएगा। बहरहाल, इस दर्दनाक घटना ने सरकारी अस्पतालों में शवों के रखरखाव और बुनियादी सुरक्षा व्यवस्थाओं पर एक बार फिर बहुत बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है।