हरियाणा के चानौत गांव में भारी बवाल: पुलिस और ग्रामीणों में खूनी झड़प, दागे आंसू गैस के गोले और भांजी लाठियां, कई घायल
हरियाणा के हिसार जिले के अंतर्गत आने वाले हांसी क्षेत्र से इस वक्त एक बेहद तनावपूर्ण और बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां के चानौत गांव (Chanaut Village Hansi) में एक विवादित जमीन पर कब्जा हटाने और पैमाइश करने पहुंची पुलिस टीम और प्रशासनिक अधिकारियों पर ग्रामीणों ने अचानक पथराव कर दिया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि पूरे इलाके में युद्ध जैसा माहौल बन गया। उग्र और बेकाबू होती भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को भारी बल प्रयोग करना पड़ा, जिसके तहत आंसू गैस के गोले (Tear Gas Shells) छोड़े गए और हवाई फायरिंग के साथ उग्र प्रदर्शनकारियों पर जमकर लाठियां भांजी गईं। इस भीषण हिंसक झड़प में दो पुलिसकर्मियों सहित कम से कम 5 लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना है, जिससे पूरे क्षेत्र में भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया है।
आखिर किस बात को लेकर चानौत गांव में भड़की हिंसा की यह चिंगारी
एक ग्राउंड जीरो रिपोर्टर के नजरिए से अगर हम इस पूरे विवाद की तह तक जाएं, तो यह पूरा मामला गांव की एक कीमती शामलात (पंचायत) जमीन से जुड़ा हुआ है। इस जमीन पर मालिकाना हक और कब्जे को लेकर ग्रामीणों और प्रशासन के बीच लंबे समय से तनातनी चल रही थी। कोर्ट के आदेश के बाद जब आज भारी पुलिस बल के साथ प्रशासनिक अमला और ड्यूटी मजिस्ट्रेट जमीन की पैमाइश और वहां से अवैध कब्जा हटाने के लिए चानौत गांव पहुंचे, तो सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं, लाठी-डंडों के साथ वहां इकट्ठा हो गए। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन उनके साथ अन्याय कर रहा है। अधिकारियों ने जब उन्हें समझाने की कोशिश की, तो बातचीत का सिलसिला अचानक हिंसक टकराव में बदल गया।
पथराव के जवाब में पुलिस का कड़ा एक्शन, आंसू गैस और लाठीचार्ज से मची भगदड़
जैसे ही प्रशासनिक मशीनों ने जमीन पर अपना काम शुरू किया, आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस टीम को निशाना बनाते हुए चारों तरफ से पथराव (Stone Pelting) शुरू कर दिया। पत्थरों की बौछार के कारण ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को अपनी जान बचाने के लिए पीछे हटना पड़ा। स्थिति को हाथ से निकलता देख और ड्यूटी मजिस्ट्रेट के आदेश पर पुलिस ने मोर्चा संभाला। उग्र भीड़ को खदेड़ने के लिए पहले चेतावनी दी गई और फिर एक के बाद एक कई आंसू गैस के गोले दागे गए। धुआं फैलते ही पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी और भगदड़ मच गई। इस टकराव में पथराव के कारण दो पुलिस जवान लहूलुहान हो गए, जबकि पुलिस की लाठियों से तीन ग्रामीणों को गंभीर चोटें आई हैं, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
भारी तनाव के बीच छावनी में बदला पूरा इलाका, आला अधिकारी मौके पर मौजूद
चानौत गांव में हुई इस हिंसक वारदात के बाद स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है। तनाव को देखते हुए हिसार और हांसी से अतिरिक्त पुलिस कंपनियों को तुरंत मौके पर रवाना किया गया। पूरे चानौत गांव और उसके आसपास के रास्तों को बैरिकेड्स लगाकर सील कर दिया गया है और गांव इस वक्त पुलिस छावनी में तब्दील हो चुका है। पुलिस के आला अधिकारी (Senior Police Officers) खुद स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि सरकारी काम में बाधा डालने, पुलिस टीम पर जानलेवा हमला करने और दंगा भड़काने के आरोप में कई उपद्रवियों को हिरासत में लिया गया है और वीडियो फुटेज के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है।
स्थानीय नेताओं और खाप पंचायतों की एंट्री, मामले को शांत करने की कोशिशें तेज
इस बबाल की खबर फैलते ही आसपास के गांवों के लोग और स्थानीय खाप पंचायतों के प्रतिनिधि भी चानौत गांव की तरफ रुख करने लगे हैं, जिससे प्रशासन की चिंताएं और बढ़ गई हैं। स्थानीय नेताओं ने पुलिस द्वारा महिलाओं और बुजुर्गों पर किए गए लाठीचार्ज की कड़े शब्दों में निंदा की है और इस पूरी कार्रवाई को एकतरफा बताया है। वहीं दूसरी तरफ, जिला प्रशासन का साफ कहना है कि वे केवल कानून और अदालत के निर्देशों का पालन कर रहे थे और किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। फिलहाल गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।