हांसी में 54 दिन से सुलग रहा है चानौत टी-कनेक्शन विवाद! अजय चौटाला का बड़ा बयान, युवाओं से बोले- सत्ता में बैठे लोगों को
हरियाणा के हांसी में भाखड़ा नहर के चानौत टी-कनेक्शन को लेकर चल रहा किसानों और ग्रामीणों का गुस्सा अब एक बड़े राजनीतिक आंदोलन का रूप लेता जा रहा है। पिछले 54 दिनों से अपनी जायज मांगों को लेकर धरने पर बैठे प्रदर्शनकारियों का हौसला बढ़ाने जब जननायक जनता पार्टी (JJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय सिंह चौटाला पहुंचे, तो वहां का सियासी पारा अचानक बेहद गर्म हो गया। धरने को संबोधित करते हुए अजय चौटाला ने न सिर्फ सरकार पर तीखे हमले किए, बल्कि युवाओं से एक ऐसी अपील कर दी जिसकी चर्चा अब पूरे प्रदेश में हो रही है।
आखिर क्या है हांसी का चानौत टी-कनेक्शन विवाद?
यह पूरा विवाद भाखड़ा नहर से चानौत गांव के पास निकलने वाले पानी के कनेक्शन और हिस्सेदारी को लेकर है। स्थानीय ग्रामीणों और किसानों का आरोप है कि प्रशासन और सरकार की गलत नीतियों के कारण उनके हक का पानी प्रभावित हो रहा है, जिससे कृषि और सिंचाई संकट खड़ा हो गया है। अपनी इसी मांग को मनवाने के लिए ग्रामीण पिछले लगभग दो महीनों से कड़ाके की धूप और बदलते मौसम के बीच लगातार बेमियादी धरने पर बैठे हैं, लेकिन प्रशासन की तरफ से अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया है।
जन-जी (Gen-Z) से अजय चौटाला की खास अपील
धरना स्थल पर मौजूद भीड़ और विशेषकर युवा पीढ़ी (Gen-Z) को संबोधित करते हुए अजय सिंह चौटाला काफी आक्रामक नजर आए। उन्होंने युवाओं में जोश भरते हुए कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करना हर नागरिक का अधिकार है। उन्होंने सत्ता में बैठे जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की कार्यशैली पर कड़ा ऐतराज जताया और साफ शब्दों में कहा कि अगर सरकार जनता की जायज मांगों को अनसुना करती है, तो फिर युवाओं को आगे आकर राजनीतिक रूप से इन सत्ताधीशों को सबक सिखाना होगा और इन्हें वोट की चोट से पीटना होगा।
सरकार और प्रशासन की चुप्पी पर उठाए गंभीर सवाल
जेजेपी अध्यक्ष ने कहा कि 54 दिन का समय कोई छोटा नहीं होता। इतने लंबे समय से अन्नदाता सड़कों पर बैठा है, लेकिन चंडीगढ़ और दिल्ली के वातानुकूलित कमरों में बैठे हुक्मरानों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है। उन्होंने स्थानीय प्रशासन को भी चेतावनी दी कि यदि जल्द ही चानौत टी-कनेक्शन विवाद का कोई सर्वमान्य और किसानों के हित में समाधान नहीं निकाला गया, तो यह आंदोलन सिर्फ हांसी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे पूरे हरियाणा में फैलाया जाएगा।