वस्त्र मामले में बड़ा मोड़, डीएसपी की क्लीनचिट के बाद अब नए सिरे से शुरू होगी पुलिसिया जांच
हरियाणा के रोहतक में स्थित प्रतिष्ठित महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (MDU) से जुड़े एक बेहद संवेदनशील और चर्चित अंत:वस्त्र मामले में अब एक नया और बड़ा मोड़ सामने आया है। इस पूरे प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने फैसला किया है कि मामले की फाइल को दोबारा खोला जाएगा और इसकी नए सिरे से गहन जांच की जाएगी। इस आदेश के बाद से ही यूनिवर्सिटी कैंपस और स्थानीय पुलिस महकमे में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है क्योंकि इस मामले में पहले दी गई क्लीनचिट पर लगातार सवाल उठ रहे थे।
पूर्व जांच अधिकारी की क्लीनचिट पर उठे सवाल, उच्च अधिकारियों ने लिया संज्ञान
उल्लेखनीय है कि इस संवेदनशील मामले की शुरुआती जांच एक पुलिस उपाधीक्षक (DSP) स्तर के अधिकारी द्वारा अमल में लाई गई थी। पूर्व जांच अधिकारी ने अपनी तफ्तीश के बाद इस मामले के आरोपियों को क्लीनचिट दे दी थी, जिसे लेकर शिकायतकर्ता पक्ष और कई सामाजिक संगठनों ने गंभीर आपत्ति जताई थी। जांच प्रक्रिया और उसके नतीजों पर लगातार असंतोष व्यक्त किए जाने के बाद पुलिस के उच्च अधिकारियों ने मामले का कड़ा संज्ञान लिया। निष्पक्षता और पारदर्शिता को बनाए रखने के लिए अब डीएसपी की उस क्लीनचिट रिपोर्ट के बाद भी मामले की री-इन्वेस्टिगेशन कराने का बड़ा निर्णय लिया गया है।
कैंपस में सुरक्षा और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग, अब नए सिरे से खंगाले जाएंगे सबूत
एमडीयू जैसे बड़े शैक्षणिक संस्थान में हुए इस विवाद के बाद से छात्रों और अभिभावकों के बीच सुरक्षा और अनुशासन को लेकर चिंता का माहौल बना हुआ है। पीड़ित पक्ष का आरोप था कि पिछली जांच में कई अहम पहलुओं और साक्ष्यों को सही तरीके से नहीं परखा गया। अब जब इस पूरे मामले की नए सिरे से तफ्तीश शुरू होने जा रही है, तो पुलिस की नई टीम सभी गवाहों के बयान फिर से दर्ज कर सकती है और तकनीकी साक्ष्यों को दोबारा खंगाल सकती है। इस नए घटनाक्रम से उम्मीद जगी है कि जल्द ही पूरे मामले की हकीकत सामने आएगी और निष्पक्ष न्याय मिल सकेगा।