फ्रांस को बड़ा झटका: फीफा विश्व कप के नॉकआउट मुकाबले से बाहर हुए स्टार मिडफील्डर ऑरेलियन टचौमेनी
फीफा विश्व कप 2026 के रोमांचक नॉकआउट दौर में फ्रांस की टीम को एक बड़ा झटका लगा है। राउंड ऑफ 16 में पैराग्वे के खिलाफ होने वाले अहम मुकाबले से फ्रांस के स्टार मिडफील्डर ऑरेलियन टचौमेनी बाहर हो गए हैं। अपनी रक्षात्मक मजबूती और गेंद पर नियंत्रण के लिए मशहूर रियल मैड्रिड के इस खिलाड़ी के बाहर होने से टीम के संतुलन पर असर पड़ना तय माना जा रहा है। कोच डिडिएर डेसचैम्प्स ने किसी भी जोखिम से बचने के लिए उन्हें शुरुआती प्लेइंग इलेवन से बाहर रखने का फैसला किया है।
प्रशिक्षण सत्र के दौरान लगी चोट
रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिलाडेल्फिया में टीम के अंतिम प्रशिक्षण सत्र के दौरान टचौमेनी को मांसपेशियों में परेशानी महसूस हुई। हालांकि, मेडिकल स्टाफ का मानना है कि चोट बहुत गंभीर नहीं है और यह कोई दीर्घकालिक समस्या नहीं है, लेकिन नॉकआउट जैसे गहन मुकाबले के लिए उन्हें फिट नहीं पाया गया। एहतियात के तौर पर उन्हें आराम दिया गया है, ताकि यदि फ्रांस अगले दौर यानी क्वार्टर फाइनल में जगह बनाता है, तो टचौमेनी टीम में वापसी कर सकें। यह फैसला फ्रेंच कैंप के लिए एक बड़ा निर्णय है, क्योंकि वे अब तक के टूर्नामेंट में फ्रांस के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में से एक रहे हैं।
मनु कोने पर टिकी निगाहें
टचौमेनी की अनुपस्थिति में कोच डेसचैम्प्स ने युवा प्रतिभा मनु कोने पर भरोसा जताया है। कोने को मिडफील्ड में एड्रियन रैबियोट के साथ जोड़ी बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रशंसकों और विशेषज्ञों की निगाहें इस बात पर टिकी होंगी कि क्या मनु कोने, टचौमेनी की रक्षात्मक अनुशासन और खेल को नियंत्रित करने की क्षमता की भरपाई कर पाएंगे। कोने अपनी फुर्ती और बॉल-होल्डिंग क्षमता के लिए जाने जाते हैं, लेकिन नॉकआउट मुकाबले का दबाव संभालना उनके लिए एक बड़ी अग्निपरीक्षा होगी।
फ्रांस बनाम पैराग्वे: दांव पर है क्वार्टर फाइनल
टूर्नामेंट में अब तक अजेय रही फ्रांस की टीम इस मैच में प्रबल दावेदार के रूप में उतर रही है। ग्रुप I के सभी मैचों में जीत दर्ज करने और राउंड ऑफ 32 में स्वीडन को 3-0 से रौंदने के बाद फ्रांस का आत्मविश्वास सातवें आसमान पर है। वहीं, दूसरी ओर पैराग्वे की टीम भी किसी उलटफेर से कम नहीं है। गुस्तावो अल्फ़ारो की इस टीम ने जर्मनी जैसी दिग्गज टीम को पेनल्टी शूटआउट में हराकर सबको चौंका दिया था। ऐसे में फ्रांस के लिए टचौमेनी की कमी खल सकती है, लेकिन टीम की गहराई और किलियन म्बाप्पे जैसे सितारों की मौजूदगी उन्हें जीत का मुख्य दावेदार बनाए हुए है।