UP NEET UG Counselling 2026: राउंड-1 रजिस्ट्रेशन और फीस भुगतान का अहम पड़ाव; मेरिट लिस्ट, चॉइस लॉकिंग और सीट आवंटन की पूरी प्रक्रिया

UP NEET UG Counselling 2026: राउंड-1 रजिस्ट्रेशन और फीस भुगतान का अहम पड़ाव; मेरिट लिस्ट, चॉइस लॉकिंग और सीट आवंटन की पूरी प्रक्रिया

उत्तर प्रदेश के सरकारी और निजी मेडिकल व डेंटल कॉलेजों में एमबीबीएस (MBBS) और बीडीएस (BDS) की 85 प्रतिशत राज्य कोटे की सीटों पर दाखिले के लिए नीट यूजी 2026 (NEET UG 2026) काउंसलिंग प्रक्रिया अपने सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंच गई है। चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशालय, उत्तर प्रदेश (DGME UP) द्वारा संचालित इस ऑनलाइन काउंसलिंग में राज्यभर के हजारों सफल मेडिकल अभ्यर्थी अपनी रैंक, पसंदीदा कॉलेज और सीट सुरक्षित करने की होड़ में जुटे हैं।

काउंसलिंग के पहले चरण (Round-1) के तहत ऑनलाइन पंजीकरण, आवश्यक शैक्षिक व जाति प्रमाण पत्रों को पोर्टल पर अपलोड करने, पंजीकरण शुल्क और अनिवार्य धरोहर राशि (Security Money) जमा करने का विंडो आधिकारिक पोर्टल upneet.gov.in पर सक्रिय रहा है। महानिदेशालय ने स्पष्ट किया है कि केवल उन्हीं अभ्यर्थियों का नाम राज्य की आधिकारिक मेरिट सूची में शामिल किया जाएगा, जिनका ऑनलाइन पंजीकरण और फीस सत्यापन निर्धारित समय सीमा के भीतर सफलता पूर्वक पूर्ण हो चुका होगा। इस चरण के समाप्त होते ही स्टेट मेरिट लिस्ट जारी करने और चॉइस फिलिंग की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

पंजीकरण और धरोहर राशि का गणित: सरकारी व निजी कॉलेजों के लिए तय नियम

यूपी नीट यूजी काउंसलिंग में भाग लेने वाले अभ्यर्थियों को दो अलग-अलग प्रकार के शुल्कों का भुगतान ऑनलाइन मोड (नेट बैंकिंग/डेबिट कार्ड/क्रेडिट कार्ड/यूपीआई) के जरिए करना होता है:

  • पंजीकरण शुल्क (Registration Fee): सभी श्रेणी के अभ्यर्थियों के लिए ₹2,000 का गैर-वापसी योग्य (Non-Refundable) पंजीकरण शुल्क निर्धारित है।

  • सरकारी मेडिकल व डेंटल सीटों के लिए धरोहर राशि: जो अभ्यर्थी केवल उत्तर प्रदेश के राजकीय मेडिकल और डेंटल कॉलेजों की सीटों पर प्रवेश चाहते हैं, उन्हें ₹30,000 की सिक्योरिटी मनी जमा करनी होती है।

  • निजी मेडिकल कॉलेजों (Private Medical Colleges) के लिए धरोहर राशि: राज्य के निजी मेडिकल कॉलेजों की एमबीबीएस सीटों के लिए काउंसलिंग में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को ₹2,00,000 (दो लाख रुपये) की सिक्योरिटी मनी जमा करना अनिवार्य है। इस राशि से अभ्यर्थी सरकारी और निजी दोनों प्रकार के मेडिकल कॉलेजों के विकल्प चुन सकते हैं।

  • निजी डेंटल कॉलेजों (Private Dental Colleges) के लिए धरोहर राशि: केवल निजी क्षेत्र के बीडीएस पाठ्यक्रमों में दाखिले के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए यह राशि ₹1,00,000 (एक लाख रुपये) निर्धारित है।

महानिदेशालय ने अभ्यर्थियों और अभिभावकों को विशेष चेतावनी दी है कि वे सिक्योरिटी मनी का भुगतान केवल अपने या अपने माता-पिता के निजी बैंक खाते से ही करें। किसी साइबर कैफे या बाहरी एजेंट के खाते से भुगतान करने पर यदि अभ्यर्थी को सीट आवंटित नहीं होती है या वह रिफंड का पात्र बनता है, तो रिफंड राशि उसी मूल खाते में वापस भेजी जाती है, जिससे भविष्य में वित्तीय जटिलताएं पैदा हो सकती हैं।

स्टेट मेरिट लिस्ट और आरक्षण के कड़े नियम: 1 अप्रैल 2026 की कट-ऑफ डेट अनिवार्य

पंजीकरण और शुल्क सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद डीजीएमई यूपी द्वारा 'यूपी स्टेट कंबाइंड मेरिट लिस्ट' जारी की जाएगी। इस मेरिट सूची में राज्य के मूल निवासी (Domicile) अभ्यर्थियों और अन्य राज्यों के पात्र उम्मीदवारों की ऑल इंडिया नीट रैंक के आधार पर राज्य स्तरीय रैंक तय की जाती है।

आरक्षण के नियमों को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार ने बेहद कड़े दिशा-निर्देश तय किए हैं:

  • ओबीसी (NCL) और ईडब्ल्यूएस (EWS) प्रमाण पत्र: उत्तर प्रदेश के अन्य पिछड़ा वर्ग (Non-Creamy Layer) और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के अंतर्गत आरक्षण का लाभ लेने वाले अभ्यर्थियों का जाति व आय प्रमाण पत्र सक्षम प्राधिकारी द्वारा 1 अप्रैल 2026 को या उसके बाद जारी किया गया होना चाहिए। इस तिथि से पुराना प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने पर अभ्यर्थी को स्वतः ही अनारक्षित (General/Unreserved) श्रेणी में परिवर्तित कर दिया जाएगा।

  • मूल निवास प्रमाण पत्र (Domicile Certificate): जिन अभ्यर्थियों ने अपनी हाईस्कूल (10वीं) और इंटरमीडिएट (12वीं) दोनों परीक्षाएं उत्तर प्रदेश से बाहर से उत्तीर्ण की हैं, उनके लिए राज्य का वैध डोमिसाइल प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य है।

  • हॉरिजॉन्टल रिजर्वेशन (Horizontal Reservation): महिला अभ्यर्थियों (20%), दिव्यांगजन (5% PwD), स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के आश्रित (2%), भूतपूर्व सैनिक (2%) और एनसीसी-सी सर्टिफिकेट धारकों (1%) को उनके संबंधित मूल वर्ग के भीतर ही क्षैतिज आरक्षण का लाभ दिया जाएगा।

चॉइस फिलिंग और अनिवार्य 'चॉइस लॉकिंग': जरा सी लापरवाही से रद्द हो सकती है उम्मीदवारी

स्टेट मेरिट लिस्ट में नाम आने के बाद काउंसलिंग का सबसे तकनीकी चरण 'चॉइस फिलिंग' (Choice Filling) शुरू होगा। पोर्टल पर लॉगिन करके अभ्यर्थियों को अपनी प्राथमिकता के अनुसार मेडिकल और डेंटल कॉलेजों के विकल्पों का चयन करना होता है।

चॉइस फिलिंग के दौरान ध्यान रखने योग्य मुख्य बातें:

  • वरीयता क्रम (Order of Preference): कॉलेजों का चुनाव अपनी वास्तविक प्राथमिकता के आधार पर करें। सबसे पसंदीदा कॉलेज को पहले नंबर पर और उसके बाद अन्य विकल्पों को रखें।

  • चॉइस लॉकिंग है अनिवार्य: विकल्पों को भरने के बाद उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर ओटीपी (OTP) के जरिए लॉक (Lock) करना अनिवार्य है। यदि कोई अभ्यर्थी केवल विकल्प सेव (Save) करके छोड़ देता है और उन्हें लॉक नहीं करता, तो उसका चॉइस डेटा सिस्टम द्वारा स्वीकार नहीं किया जाएगा और वह सीट आवंटन प्रक्रिया से स्वतः बाहर हो जाएगा।

  • लॉकिंग के बाद कोई संशोधन नहीं: एक बार चॉइस लॉक हो जाने के बाद उसमें किसी भी परिस्थिति में बदलाव, जोड़ना या हटाना संभव नहीं होगा।

उत्तर प्रदेश में मेडिकल सीटों का परिदृश्य: केजीएमयू से लेकर नए स्वशासी मेडिकल कॉलेजों तक

उत्तर प्रदेश में 'वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज' (एक जिला, एक मेडिकल कॉलेज) योजना के तहत सरकारी मेडिकल सीटों की संख्या में पिछले कुछ वर्षों में अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। राज्य में किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU Lucknow), डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (RMLIMS Lucknow), जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज कानपुर, एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा, एमएलबी झांसी, एलएलआरएम मेरठ, बीआरडी गोरखपुर और एमएलएन प्रयागराज जैसे शीर्ष और प्रतिष्ठित सरकारी संस्थानों के अलावा दर्जनों नए स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालयों (Autonomous State Medical Colleges) में एमबीबीएस की सीटें उपलब्ध हैं।

निजी क्षेत्र में भी शारदा यूनिवर्सिटी ग्रेटर नोएडा, रोहिलखंड मेडिकल कॉलेज बरेली, मुजफ्फरनगर मेडिकल कॉलेज, एरा मेडिकल कॉलेज लखनऊ और हिंद इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज जैसे संस्थानों में हजारों सीटें काउंसलिंग के माध्यम से भरी जाएंगी। इस विशाल सीट मैट्रिक्स के कारण इस वर्ष राज्य के मध्यम और उच्च दोनों रैंक वाले छात्रों के लिए सरकारी व मान्यता प्राप्त निजी कॉलेजों में प्रवेश की संभावनाएं काफी मजबूत हैं।

सीट आवंटन परिणाम और नोडल केंद्रों पर रिपोर्टिंग का प्रोटोकॉल

चॉइस लॉकिंग की प्रक्रिया समाप्त होने के बाद कंप्यूटर आधारित एल्गोरिदम के माध्यम से पहले चरण का सीट आवंटन परिणाम (Round-1 Seat Allotment Result) घोषित किया जाएगा।

आवंटन के बाद की प्रक्रिया इस प्रकार होगी:

  • अलॉटमेंट लेटर डाउनलोड: चयनित अभ्यर्थी upneet.gov.in पोर्टल से अपना सीट आवंटन पत्र डाउनलोड करेंगे।

  • दस्तावेज सत्यापन और रिपोर्टिंग: राजकीय मेडिकल कॉलेजों में सीट पाने वाले अभ्यर्थियों को संबंधित आवंटित सरकारी कॉलेज के परिसर में जाकर मूल अभिलेखों का सत्यापन और प्रवेश औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। वहीं निजी मेडिकल या डेंटल कॉलेजों में सीट पाने वाले अभ्यर्थियों को शासन द्वारा निर्धारित जिला नोडल केंद्रों (Nodal Centers) पर उपस्थित होकर अपने मूल प्रमाण पत्रों की जांच करानी होगी और निर्धारित शिक्षण शुल्क का ड्राफ्ट जमा करना होगा।

  • अपग्रेडेशन का विकल्प (Free Exit & Upgrade): पहले राउंड में सीट पाने वाले अभ्यर्थी यदि संतुष्ट नहीं हैं, तो वे निर्धारित नियमों के तहत एडमिशन लेने के बाद दूसरे राउंड में अपग्रेडेशन का विकल्प चुन सकते हैं।

अभ्यर्थियों के लिए आवश्यक मूल दस्तावेजों की चेकलिस्ट

कॉलेज या नोडल केंद्र पर रिपोर्टिंग के समय अभ्यर्थियों को निम्नलिखित सभी मूल प्रमाण पत्रों के साथ उनकी 2-2 स्व-प्रमाणित छायाप्रतियां (Photocopies) और पासपोर्ट साइज फोटो ले जाना अनिवार्य है:

  • नीट यूजी 2026 एडमिट कार्ड और मूल स्कोरकार्ड (रैंक कार्ड)।

  • हाईस्कूल (10वीं) का अंकपत्र एवं प्रमाण पत्र (जन्मतिथि सत्यापन हेतु)।

  • इंटरमीडिएट (12वीं) का अंकपत्र एवं उत्तीर्ण प्रमाण पत्र।

  • यूपी नीट यूजी 2026 पंजीकरण पर्ची (Registration Slip) और सिक्योरिटी मनी भुगतान की रसीद।

  • सीट आवंटन पत्र (Allotment Letter)।

  • सामान्य निवास प्रमाण पत्र (Domicile Certificate - यदि लागू हो)।

  • जाति प्रमाण पत्र (OBC/SC/ST) एवं EWS प्रमाण पत्र (1 अप्रैल 2026 के बाद का)।

  • सब-कैटेगरी प्रमाण पत्र (NCC/FF/Ex-Army/PwD - यदि लागू हो)।

  • आधार कार्ड, पैन कार्ड या कोई अन्य वैध फोटो पहचान पत्र।

  • न्यूनतम 8 से 10 पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो (वही जो नीट आवेदन पत्र में प्रयुक्त हुई हो)।

तकनीकी सहायता और आधिकारिक हेल्पलाइन: दलालों और भ्रामक दावों से रहें सावधान

काउंसलिंग प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या, फीस ट्रांजैक्शन फेलियर या ओटीपी न आने की स्थिति में चिकित्सा शिक्षा विभाग ने विशेष तकनीकी हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं:

  • हेल्पलाइन नंबर: 8189011696, 8189011697, 8189011698, 8189011699, 8189011700

  • ईमेल सपोर्ट: [email protected]

  • आधिकारिक वेबसाइट्स: upneet.gov.in एवं dgme.up.gov.in

महानिदेशालय ने अभ्यर्थियों और अभिभावकों को कड़ा परामर्श दिया है कि वे बैकडोर एंट्री, डोनेशन या सीधे दाखिले का झांसा देने वाले अनाधिकृत एजेंटों और दलालों के बहकावे में बिल्कुल न आएं। उत्तर प्रदेश की शत-प्रतिशत मेडिकल और डेंटल सीटों पर दाखिला केवल और केवल नीट यूजी मेरिट और पारदर्शी ऑनलाइन काउंसलिंग प्रक्रिया के जरिए ही संभव है। सभी उम्मीदवार समय रहते अपनी प्रक्रिया पूरी करें और किसी भी नवीनतम अपडेट के लिए नियमित रूप से आधिकारिक पोर्टल पर नजर बनाए रखें।

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