परीक्षा में कैसे बढ़ेंगे नंबर? एक्सपर्ट टीचर ने बताए वे 5 मूलमंत्र जो बचाएंगे आपकी नेगेटिव मार्किंग से
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की ओर से आयोजित की जाने वाली लोअर पीसीएस (Lower PCS) परीक्षा को राज्य की सबसे प्रतिष्ठित और बहुप्रतीक्षित प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक माना जाता है। इस परीक्षा में सफलता हासिल करने के लिए केवल किताबों को रट लेना ही काफी नहीं होता, बल्कि एक सटीक और स्मार्ट रणनीति की आवश्यकता होती है। कई बार अच्छी तैयारी होने के बावजूद छात्र छोटी-छोटी गलतियों के कारण अपने अंकों को गंवा बैठते हैं। परीक्षा के इस दबाव भरे दौर में उम्मीदवारों की मदद के लिए जाने-माने एक्सपर्ट टीचर्स ने कुछ बेहद महत्वपूर्ण टिप्स साझा किए हैं, जिन्हें अपनाकर आप अपने स्कोर में जबरदस्त सुधार कर सकते हैं और परीक्षा में टॉपर्स की सूची में जगह बना सकते हैं।
पहली गलती: तुक्का लगाने से बचें और नेगेटिव मार्किंग को समझें
किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में असफलता का सबसे बड़ा कारण नकारात्मक अंकन (Negative Marking) होता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि छात्र अक्सर उत्साह में आकर उन सवालों के भी जवाब दे देते हैं जिनके बारे में उन्हें बिल्कुल भी स्पष्टता नहीं होती। जब आप गलत उत्तर देते हैं, तो न केवल उस प्रश्न के अंक कटते हैं बल्कि आपके सही किए गए अन्य प्रश्नों के नंबर भी कम हो जाते हैं। लोअर पीसीएस परीक्षा में यह बहुत जरूरी है कि आप सटीकता (Accuracy) पर अधिक ध्यान दें। यदि आपको किसी प्रश्न में चार में से दो विकल्पों के बीच संशय है, तभी जोखिम उठाएं, अन्यथा पूरी तरह से अनजान प्रश्नों को पूरी तरह से छोड़ देना ही बुद्धिमानी है।
दूसरी गलती: समय प्रबंधन (Time Management) की उपेक्षा करना
परीक्षा हॉल में सबसे बड़ी चुनौती निर्धारित समय के भीतर पूरे प्रश्नपत्र को हल करना होता है। कई छात्र किसी एक कठिन प्रश्न पर जरूरत से ज्यादा समय बर्बाद कर देते हैं, जिसके कारण अंत में आते-आते उनके पास आसान प्रश्नों को हल करने के लिए भी समय नहीं बचता। एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि मॉक टेस्ट (Mock Tests) हल करते समय ही टाइमर लगाकर अभ्यास करना चाहिए। जिस सेक्शन में आपकी पकड़ मजबूत है, उसे पहले हल करें और कठिन अनुभागों के लिए पर्याप्त समय बचाएं। समय प्रबंधन का यह हुनर आपके कुल अंकों में सीधे तौर पर 10 से 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर सकता है।
तीसरी गलती: पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों (Previous Year Papers) को नजरअंदाज करना
सफलता का शॉर्टकट हमेशा सही रणनीति से होकर गुजरता है। कई छात्र केवल नए पाठ्यक्रम की मोटी-मोटी किताबें पढ़ने में पूरा समय बिता देते हैं और पिछले 5 से 10 वर्षों के प्रश्न पत्रों का विश्लेषण नहीं करते। यूपीएसएसएससी (UPSSSC) के परीक्षा पैटर्न में हमेशा से यह देखा गया है कि आयोग कई बार पुराने ट्रेंड और उसी स्तर के प्रश्नों को थोड़ा बदलकर पूछता है। जब आप पिछले साल के पेपर्स हल करते हैं, तो आपको यह स्पष्ट अंदाजा हो जाता है कि आयोग का मुख्य फोकस किस विषय पर अधिक रहता है, जिससे आप परीक्षा में कम समय में अधिक सटीक उत्तर दे पाते हैं।
चौथी गलती: केवल थ्योरी पढ़ना और रिवीजन न करना
पढ़ाई के दौरान छात्र नए-नए टॉपिक्स पढ़ते जाते हैं, लेकिन पीछे के पढ़े हुए विषयों का रिवीजन करना भूल जाते हैं। परीक्षा के अंतिम दिनों में रिवीजन न करने के कारण वे परीक्षा हॉल में पढ़ा हुआ भूल जाते हैं और आते हुए सवाल भी गलत हो जाते हैं। एक्सपर्ट्स का सुझाव है कि हफ्ते में कम से कम एक दिन पूरी तरह से रिविजन के लिए आरक्षित रखना चाहिए। इसके अलावा, करंट अफेयर्स और सामान्य अध्ययन (General Studies) के महत्वपूर्ण तथ्यों के छोटे-छोटे नोट्स बनाएं ताकि परीक्षा से ठीक पहले उन्हें जल्दी से देखा जा सके।
पांचवीं गलती: परीक्षा हॉल का मानसिक दबाव न संभाल पाना
तैयारी चाहे जितनी भी बेहतरीन क्यों न हो, यदि आप परीक्षा के दिन मानसिक रूप से शांत नहीं रह पाते हैं, तो आपका पूरा प्रदर्शन प्रभावित हो सकता है। परीक्षा हॉल के अंदर का दबाव कई होनहार छात्रों को भी तनाव में डाल देता है। इससे बचने के लिए जरूरी है कि परीक्षा से एक रात पहले पूरी नींद लें और खुद पर भरोसा रखें। पेपर मिलते ही एक बार सरसरी निगाह से पूरे प्रश्नपत्र को देख लें और सरल प्रश्नों से शुरुआत करें। इससे आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा और आप परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की पैनिक सिचुएशन से बच जाएंगे। इन पांचों गलतियों से बचकर आप अपने अंकों को आसानी से बढ़ा सकते हैं।