यूपी डीएलएड में एडमिशन का पूरा शेड्यूल जारी, 15 जून से शुरू होंगे ऑनलाइन आवेदन
उत्तर प्रदेश के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षक बनने की चाह रखने वाले युवाओं का इंतजार अब पूरी तरह खत्म हो गया है। उत्तर प्रदेश परीक्षा नियामक प्राधिकारी (PNP), प्रयागराज ने यूपी डीएलएड (पूर्व नाम बीटीसी) सत्र 2026 में प्रवेश के लिए आधिकारिक तौर पर विस्तृत नोटिफिकेशन और पूरा कार्यक्रम जारी कर दिया है। जारी किए गए शेड्यूल के अनुसार, इस साल की प्रवेश प्रक्रिया के लिए ऑनलाइन आवेदन की शुरुआत आगामी 15 जून से होने जा रही है। इस कोर्स के माध्यम से राज्य के विभिन्न सरकारी डायट (DIET) कॉलेजों और निजी डीएलएड संस्थानों की लाखों सीटों पर योग्य उम्मीदवारों को मेरिट के आधार पर दाखिला दिया जाएगा, जिससे प्रदेश के युवाओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
जानिए कौन कर सकता है आवेदन, शैक्षणिक योग्यता और मेरिट लिस्ट तैयार होने का पूरा गणित यूपी डीएलएड 2026 में प्रवेश पाने के लिए उम्मीदवारों के पास किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से न्यूनतम 50 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातक (Graduation) की डिग्री होना अनिवार्य है। अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य आरक्षित वर्गों के अभ्यर्थियों को नियमानुसार न्यूनतम अंकों में 5 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। प्रवेश के लिए आवेदकों की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए। इस प्रवेश प्रक्रिया की सबसे खास बात यह है कि इसमें किसी भी प्रकार की लिखित परीक्षा या एंट्रेंस एग्जाम नहीं लिया जाता है। उम्मीदवारों का चयन उनके हाईस्कूल (10th), इंटरमीडिएट (12th) और ग्रेजुएशन में प्राप्त अंकों के प्रतिशत को जोड़कर बनाई जाने वाली राज्य स्तरीय मेरिट सूची के आधार पर किया जाएगा।
काउंसलिंग और कॉलेज अलॉटमेंट का पूरा शेड्यूल, इन तारीखों का विशेष ध्यान रखें अभ्यर्थी विभाग द्वारा जारी टाइमलाइन के मुताबिक, 15 जून से आवेदन लिंक एक्टिवेट होने के बाद छात्र आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना फॉर्म भर सकेंगे। आवेदन की अंतिम तिथि और फीस जमा करने की तारीखों के ठीक बाद एनआईसी (NIC) द्वारा स्टेट रैंक सूची जारी की जाएगी। इसके बाद विभिन्न चरणों में ऑनलाइन काउंसलिंग का आयोजन किया जाएगा, जिसमें अभ्यर्थी अपनी रैंक के अनुसार मनपसंद कॉलेजों का विकल्प चुन सकेंगे। अधिकारियों ने आवेदकों को सख्त हिदायत दी है कि फॉर्म भरते समय अपने शैक्षणिक अंकों और व्यक्तिगत जानकारी को बेहद सावधानी से दर्ज करें, क्योंकि डेटा में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी होने पर काउंसलिंग के समय उनका कैंडिडेट रद्द किया जा सकता है।