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छत्तीसगढ़ में अवैध परिवहन और वसूली के खिलाफ युवा कांग्रेस का बड़ा हल्लाबोल, NHAI को अल्टीमेटम के साथ सौंपा ज्ञापन

छत्तीसगढ़ में नेशनल हाईवे पर बने टोल प्लाजा और उनके जरिए होने वाले वाहनों के आवागमन को लेकर एक बेहद सनसनीखेज और बड़ा विवाद सामने आया है। राज्य के विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्गों पर स्थित टोल नाकों पर बड़े पैमाने पर हो रही कथित घूसखोरी, कमीशनखोरी और बिना एंट्री के अवैध परिवहन (Illegal Transport) को लेकर युवा कांग्रेस (Youth Congress) ने सीधे तौर पर मोर्चा खोल दिया है। संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि टोल प्रबंधन और स्थानीय अधिकारियों की मिलीभगत से ओवरलोडेड वाहनों और प्रतिबंधित सामग्रियों से लदे ट्रकों को मोटी रकम लेकर आसानी से पास कराया जा रहा है, जिससे न केवल राजस्व को भारी चूना लग रहा है बल्कि सड़कें भी समय से पहले जर्जर हो रही हैं। इस गंभीर मुद्दे पर युवा कांग्रेस ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के उच्च अधिकारियों को एक कड़ा और विस्तृत ज्ञापन सौंपते हुए आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है।

घूसखोरी और अवैध वसूली का बड़ा सिंडिकेट: युवा कांग्रेस ने खोली टोल प्रबंधन की पोल

युवा कांग्रेस के प्रदेश स्तरीय नेताओं और जमीनी कार्यकर्ताओं द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, छत्तीसगढ़ के बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग और जगदलपुर रूट पर स्थित कई प्रमुख टोल प्लाजा भ्रष्टाचार के सबसे बड़े केंद्र बन चुके हैं। रात के अंधेरे में कमर्शियल और ओवरलोडेड गाड़ियों से अवैध रूप से पैसे वसूलने के लिए बकायदा निजी गुर्गों और बाउंसरों को तैनात किया गया है। आम जनता से फास्टैग (Fastag) के नाम पर मनमानी वसूली की जाती है, जबकि अवैध सिंडिकेट से जुड़े वाहनों को बिना किसी जांच-पड़ताल के ग्रीन कॉरिडोर देकर निकाल दिया जाता है। इस काले कारोबार की वजह से स्थानीय स्तर पर आए दिन विवाद और मारपीट की घटनाएं भी सामने आ रही हैं, जिससे नेशनल हाईवे पर सफर करने वाले आम मुसाफिर खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

NHAI को सौंपे गए ज्ञापन में क्या हैं युवा कांग्रेस की बड़ी मांगें और चेतावनी

इस महा-लूट को रोकने के लिए युवा कांग्रेस के एक बड़े प्रतिनिधिमंडल ने एनएचएआई (NHAI) के क्षेत्रीय कार्यालय पहुंचकर अधिकारियों का घेराव किया और उन्हें मांगों की एक लंबी सूची सौंपी। ज्ञापन में प्रमुख रूप से मांग की गई है कि सभी टोल प्लाजा पर पिछले छह महीनों के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज और वाहनों के मिलान डेटा की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए। इसके साथ ही, स्थानीय युवाओं को रोजगार देने, टोल टैक्स की दरों को न्यायसंगत बनाने और ओवरलोडेड वाहनों पर ऑन-द-स्पॉट सख्त कानूनी कार्रवाई करने की बात कही गई है। युवा कांग्रेस के नेतृत्व ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि यदि अगले सात दिनों के भीतर इस भ्रष्टाचार पर लगाम नहीं लगाई गई, तो वे सभी नेशनल हाईवे टोल नाकों पर अनिश्चितकालीन चक्का जाम और उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।

रायपुर के प्रशासनिक कॉरिडोर्स से लेकर दिल्ली मुख्यालय तक मची भारी खलबली

टोल प्लाजा पर भ्रष्टाचार के इस बड़े खुलासे और युवा कांग्रेस के आक्रामक रुख के बाद छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के प्रशासनिक अमले से लेकर नई दिल्ली स्थित एनएचएआई मुख्यालय और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय तक भारी खलबली मच गई है। आज के इस आधुनिक डिजिटल और एआई (AI) संचालित युग में गूगल डिस्कवर और जनरेटिव सर्च इंजनों पर 'छत्तीसगढ़ टोल प्लाजा करप्शन न्यूज़' और 'यूथ कांग्रेस प्रोटेस्ट अगेंस्ट एनएचएआई' को लेकर देश भर के यूजर्स लगातार सर्च कर रहे हैं। राजनीतिक और सामाजिक विश्लेषकों का मानना है कि नेशनल हाईवे पर पारदर्शिता लाने के लिए अब डिजिटल मॉनिटरिंग और औचक निरीक्षण की व्यवस्था को बेहद सख्त करना होगा ताकि घूसखोरी के इस चक्रव्यूह को पूरी तरह से तोड़ा जा सके।

 

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