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रील बनाने को लेकर हुआ ऐसा खौफनाक झगड़ा कि दो महिलाओं के फूटे सिर, विरोध में सुअर लेकर कोतवाली थाना पहुंचा बजरंग दल

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक बेहद सनसनीखेज और तनावपूर्ण खबर सामने आ रही है, जिसने पूरे शहर के प्रशासनिक अमले और पुलिस महकमे को हिलाकर रख दिया है। सोशल मीडिया पर रील (Reels Video) बनाने जैसी मामूली सी बात को लेकर शुरू हुआ दो पक्षों का आपसी विवाद देखते ही देखते एक खौफनाक खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया। इस हिंसक झड़प में लाठी-डंडों और धारदार हथियारों के चलने से दो महिलाओं के सिर बुरी तरह से फूट गए हैं, जिन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस वारदात के बाद इलाके में उस समय सांप्रदायिक तनाव की स्थिति पैदा हो गई जब बजरंग दल के भारी संख्या में कार्यकर्ता इस घटना के विरोध में कोतवाली थाने का घेराव करने पहुंच गए और प्रदर्शन के दौरान अपने साथ एक सुअर भी लेकर आए। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे रायपुर शहर में पुलिस द्वारा हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।

रील बनाने के मामूली विवाद ने कैसे लिया खूनी और हिंसक रूप

मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा विवाद रायपुर के एक रिहायशी इलाके में उस समय शुरू हुआ जब कुछ युवक-युवतियां घर के बाहर सड़क पर सोशल मीडिया के लिए रील वीडियो शूट कर रहे थे। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाले दूसरे पक्ष के लोगों ने इस पर आपत्ति जताई और उन्हें वहां से जाने को कहा। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले तीखी बहसबाजी हुई, जो कुछ ही मिनटों में हिंसक मारपीट में बदल गई। आरोप है कि एक पक्ष के लोगों ने अचानक लाठी-डंडों से हमला बोल दिया। इस हमले में बीच-बचाव करने आई दो स्थानीय महिलाओं को गंभीर चोटें आईं और उनके सिर फट गए। घटना के बाद पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई और हमलावर मौके से फरार हो गए।

थाने के घेराव में सुअर लेकर पहुंचे बजरंग दल के कार्यकर्ता, मचा हड़कंप

जैसे ही इस हिंसक वारदात और महिलाओं के घायल होने की खबर दक्षिणपंथी संगठन बजरंग दल के कार्यकर्ताओं तक पहुंची, उनमें भारी आक्रोश फैल गया। आरोपी पक्ष के खिलाफ सख्त कार्रवाई और उनकी तुरंत गिरफ्तारी की मांग को लेकर बजरंग दल के सैकड़ों कार्यकर्ता रायपुर के कोतवाली थाने के बाहर इकट्ठा हो गए और नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शन को उग्र और अनोखा रूप देते हुए कुछ कार्यकर्ता अपने साथ एक सुअर भी लेकर थाने परिसर के पास पहुंच गए, जिसे देखकर वहां तैनात पुलिसकर्मियों के हाथ-पांव फूल गए। बजरंग दल का आरोप है कि एक खास समुदाय के लोगों द्वारा टारगेट करके इस वारदात को अंजाम दिया गया है और पुलिस इस मामले में ढीली कार्रवाई कर रही है।

पूरे रायपुर में भारी पुलिस बल तैनात, चप्पे-चप्पे पर पैनी नजर

थाने के बाहर बढ़ते हंगामे और सुअर लेकर किए जा रहे प्रदर्शन के कारण स्थिति को बेकाबू होता देख जिला प्रशासन ने तुरंत कड़े कदम उठाए हैं। संवेदनशील इलाकों और शहर के मुख्य चौराहों पर भारी संख्या में अतिरिक्त पुलिस बल और दंगा नियंत्रण वाहनों को तैनात कर दिया गया है। पुलिस के आला अधिकारियों ने कोतवाली पहुंचकर बजरंग दल के नेताओं से बातचीत की और उन्हें निष्पक्ष जांच व आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं के तहत कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए। पुलिस ने दोनों घायल महिलाओं का मेडिकल टेस्ट करवाकर मामला दर्ज कर लिया है और फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।

सोशल मीडिया पर अफवाहों से बचने और शांति बनाए रखने की अपील

शहर में फैले इस तनाव को देखते हुए रायपुर पुलिस और जिला कलेक्टर ने आम जनता से शांति बनाए रखने की पुरजोर अपील की है। पुलिस प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया या व्हाट्सएप ग्रुप्स पर इस घटना को लेकर किसी भी तरह की भड़काऊ पोस्ट, सांप्रदायिक वीडियो या झूठी अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ सीधे आईटी एक्ट के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उन्हें जेल भेजा जाएगा। साइबर सेल की एक विशेष टीम इंटरनेट पर चल रही हर एक गतिविधि और अफवाहों पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रख रही है ताकि शहर के भाईचारे और शांति व्यवस्था को कोई नुकसान न पहुंचे।

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