छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी के बीच आई सबसे बड़ी खुशखबरी! मानसून की दस्तक बेहद करीब
छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए तपती और झुलसाती गर्मी के बीच एक बेहद राहत भरी खबर सामने आ रही है। लंबे समय से भीषण उमस और लू की मार झेल रहे प्रदेशवासियों का इंतजार अब खत्म होने वाला है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, प्रदेश में मानसून की एंट्री के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हो चुकी हैं और मानसून छत्तीसगढ़ की सरहद के बेहद करीब पहुंच चुका है। मौसम विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए बताया है कि आने वाले अगले 5 दिनों के भीतर प्रदेश के मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है, जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जाएगी।
इन जिलों में दिखेगा बदलाव, ठंडी हवाओं के साथ शुरू होगी बौछारें
मौसम केंद्र रायपुर से मिली ताजा जानकारी के अनुसार, दक्षिण-पूर्वी हवाओं के प्रभाव और अरब सागर व बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण राज्य के वातावरण में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। अगले 24 से 48 घंटों में छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग समेत दक्षिणी हिस्सों में मानसून की पहली फुहारें पड़ने की प्रबल संभावना है। इसके बाद धीरे-धीरे यह बदलाव मध्य और उत्तरी छत्तीसगढ़ यानी रायपुर, बिलासपुर और सरगुजा संभाग की ओर बढ़ेगा। इस दौरान कई इलाकों में तेज अंधड़ चलने, आकाशीय बिजली चमकने और मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।
प्री-मानसून गतिविधियों ने बढ़ाई हलचल, पारा गिरेगा नीचे
मौसम विज्ञानियों का कहना है कि मानसून के मुख्य आगमन से पहले ही प्रदेश के कई हिस्सों में प्री-मानसून एक्टिविटी शुरू हो चुकी है। दोपहर के बाद आसमान में बादलों का डेरा डलने लगा है और शाम होते ही ठंडी हवाएं चलने से लोगों को उमस भरी गर्मी से थोड़ी राहत मिल रही है। अगले 5 दिनों के भीतर राज्य के अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की बड़ी गिरावट आने के आसार हैं, जिससे पिछले कई हफ्तों से रिकॉर्ड तोड़ रही गर्मी का दौर अब पूरी तरह थम जाएगा।
किसानों के खिले चेहरे, कृषि विभाग ने जारी की जरूरी सलाह
मानसून के करीब आने की खबर से सबसे ज्यादा खुशी छत्तीसगढ़ के किसानों के चेहरे पर देखी जा रही है। खरीफ फसलों की बोआई के लिए किसान भाई काफी समय से अच्छी बारिश की राह देख रहे थे। मौसम के इस बदलते मिजाज को देखते हुए कृषि विभाग ने भी किसानों को अपनी तैयारियां तेज करने की सलाह दी है। हालांकि, मौसम विभाग ने आम लोगों और विशेषकर ग्रामीण इलाकों के लोगों को चेतावनी दी है कि वे बारिश और अंधड़ के दौरान आकाशीय बिजली (गाज) से बचने के लिए सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।