भारतमाला मुआवजा घोटाले में ED का अब तक का सबसे बड़ा एक्शन! दिग्गज कारोबारी जयप्रकाश गांधी गिरफ्तार

भारतमाला मुआवजा घोटाले में ED का अब तक का सबसे बड़ा एक्शन! दिग्गज कारोबारी जयप्रकाश गांधी गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से इस वक्त की एक बेहद सनसनीखेज और बड़ी खबर सामने आ रही है। देश की सबसे बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में से एक 'भारतमाला प्रोजेक्ट' के तहत जमीन अधिग्रहण मुआवजे में हुए करोड़ों रुपये के महाघोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बहुत बड़ी कूटनीतिक और कानूनी कार्रवाई की है। इस हाई-प्रोफाइल घोटाले की तफ्तीश में जुटी ईडी की स्पेशल टीम ने आज इस मामले में पहली आधिकारिक गिरफ्तारी करते हुए हड़कंप मचा दिया है। जांच एजेंसी के इस कड़े कदम के बाद से ही प्रदेश के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों सहित बड़े भू-माफियाओं के बीच भारी खलबली मच गई है।

ईडी की रडार पर चल रहे दिग्गज कारोबारी जयप्रकाश गांधी को जांच एजेंसी ने दबोचा ईडी के पुख्ता सूत्रों से मिली इनसाइड जानकारी के मुताबिक, भारतमाला मुआवजा घोटाले के मुख्य कड़ियों में शामिल राजधानी के दिग्गज और रसूखदार कारोबारी जयप्रकाश गांधी लंबे समय से केंद्रीय जांच एजेंसी के रडार पर चल रहे थे। ईडी की टीम ने पुख्ता सबूतों और दस्तावेजों के आधार पर जयप्रकाश गांधी को पूछताछ के लिए तलब किया था, जहां जवाबों में लगातार कड़े विरोधाभास और कूटनीतिक टालमटोल देखने को मिली। इसके बाद मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय धोखाधड़ी के ठोस आरोप में ईडी ने उन्हें रंगे हाथों कानून के चक्रव्यूह में लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में यह अब तक की सबसे पहली और निर्णायक गिरफ्तारी मानी जा रही है।

नियमों को ताक पर रखकर ऐसे रचा गया करोड़ों रुपये के मुआवजे का ये पूरा चक्रव्यूह एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो यह पूरा घोटाला बेहद शातिराना तरीके से अंजाम दिया गया था। भारतमाला राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना के लिए जिन जमीनों का अधिग्रहण किया जाना था, उनके कूटनीतिक दस्तावेजों और खसरों में कथित तौर पर हेरफेर की गई थी। अधिकारियों की मिलीभगत से कृषि भूमि को रातों-रात कमर्शियल या डायवर्टेड दिखाकर करोड़ों रुपये का अतिरिक्त और फर्जी मुआवजा हासिल किया गया। जयप्रकाश गांधी पर आरोप है कि उन्होंने इस पूरी साजिश के पीछे बिचौलिए की भूमिका निभाई और अवैध तरीके से करोड़ों रुपये की ब्लैक मनी को विभिन्न फर्जी कंपनियों के जरिए ठिकाने लगाया। ईडी की टीम अब इस मनी ट्रेल की गहराई से पड़ताल कर रही है।

आरोपी की कोर्ट में पेशी की तैयारी, खुलेंगे कई बड़े नौकरशाहों और नेताओं के राज जयप्रकाश गांधी की इस कड़क गिरफ्तारी के बाद अब ईडी उन्हें स्थानीय विशेष न्यायालय के समक्ष पेश कर कस्टोडियल रिमांड पर लेने की तैयारी में है। जांच अधिकारियों का दावा है कि जयप्रकाश गांधी से सघन पूछताछ के बाद इस घोटाले के पीछे छिपे कई बड़े सफेदपोशों, राजस्व विभाग के अधिकारियों और रसूखदार नेताओं के नामों का पर्दाफाश होना लगभग तय है। इस बड़ी कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि केंद्रीय एजेंसियां छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के कड़े ढर्रे पर काम कर रही हैं। आने वाले दिनों में रायपुर और आस-पास के जिलों में ईडी की ताबड़तोड़ छापेमारी का एक नया दौर देखने को मिल सकता है।

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