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दलाल स्ट्रीट पर हाहाकार! TCS और Infosys के शेयरों में भारी सुनामी, निफ्टी 24,000 के नीचे फिसला

शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत बेहद निराशाजनक और झटके के साथ हुई है। घरेलू स्टॉक मार्केट के दोनों प्रमुख सूचकांक लाल निशान में गहरे गोते लगाते नजर आ रहे हैं। शुरुआती कारोबार में ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स (BSE Sensex) 700 अंकों से अधिक की भारी गिरावट के साथ 76,700 के करीब आ गया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (NSE Nifty) भी 191 अंकों की कमजोरी दिखाते हुए 24,000 के महत्वपूर्ण स्तर को तोड़कर नीचे बंद हुआ। इस अचानक आई गिरावट ने निवेशकों के बीच हड़कंप मचा दिया है और चौतरफा बिकवाली देखने को मिल रही है।

आईटी दिग्गजों में तबाही: इंफोसिस और टीसीएस सबसे बड़े लूजर

इस बाजार की गिरावट के पीछे सबसे मुख्य विलेन देश का आईटी सेक्टर (Nifty IT Index) साबित हुआ है, जिसमें करीब 6 फीसदी तक का क्रैश देखा जा रहा है। दिग्गज आईटी कंपनियां जैसे टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) और इंफोसिस (Infosys) के शेयरों में आज सुबह से ही भारी बिकवाली का दबाव है। इनके साथ ही टेक महिंद्रा और एचसीएल टेक भी आज मार्केट के टॉप लूजर्स की लिस्ट में शामिल हैं।

एक्सेंचर की कमजोर गाइडेंस ने बिगाड़ा खेल

बाजार के जानकारों के मुताबिक, अमेरिकी शेयर बाजार वॉल स्ट्रीट पर ग्लोबल कंसल्टिंग दिग्गज एक्सेंचर (Accenture) के कमजोर रेवेन्यू आउटलुक के कारण भारतीय आईटी शेयरों का सेंटिमेंट पूरी तरह बिगड़ गया। इसके अलावा, ग्लोबल मार्केट में अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावना कम होने और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) द्वारा लगातार की जा रही बिकवाली ने आग में घी का काम किया है।

छोटे निवेशकों को क्या करना चाहिए?

बाजार में आए इस बड़े करेक्शन के बीच एक्सपर्ट्स का मानना है कि निफ्टी का 24,000 के नीचे जाना शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स के लिए चिंता का विषय हो सकता है। हालांकि, ब्रॉडर मार्केट (मिडकैप और स्मॉलकैप) में भी आंशिक दबाव है, लेकिन फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर जैसी रक्षात्मक श्रेणियां इस गिरावट में भी बाजार को थोड़ा सहारा देने की कोशिश कर रही हैं। ऐसे में रिटेल निवेशकों को जल्दबाजी में पैनिक सेलिंग (घबराहट में शेयर बेचना) करने से बचना चाहिए।

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