अकासा एयर की नई उड़ान: मोदी सरकार की 'उड़ान' (UDAN) योजना में शामिल होने की तैयारी, खरीदेगी 226 नए विमान
देश की सबसे तेजी से उभरती विमानन कंपनी अकासा एयर (Akasa Air) अब आम जनता को सस्ते में हवाई सफर कराने की तैयारी कर रही है. कंपनी केंद्र सरकार की क्षेत्रीय हवाई संपर्क योजना 'उड़े देश का आम नागरिक' (UDAN) का हिस्सा बनने जा रही है. अकासा एयर के संस्थापक और सीईओ (CEO) विनय दुबे ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया कि कंपनी इस योजना के तहत नए रूटों पर उड़ानें शुरू करने की संभावनाओं का गहराई से अध्ययन कर रही है. हर रूट का अलग-अलग आकलन करने के बाद जल्द ही इस पर अंतिम फैसला लिया जाएगा.
2032 तक बेड़े में शामिल होंगे 226 दमदार विमान
अकासा एयर के सीईओ विनय दुबे ने कंपनी के विस्तार प्लान को लेकर कई बड़ी बातें साझा कीं. उन्होंने बताया कि कंपनी के बेड़े में नए विमानों की एंट्री तय शेड्यूल के मुताबिक हो रही है. साल 2026 में अब तक अकासा एयर को बोइंग 737 मैक्स के 9 नए विमान मिल चुके हैं. कंपनी ने कुल 226 विमानों का बड़ा ऑर्डर दिया है, जिनमें से बचे हुए 186 विमान साल 2032 के अंत तक कंपनी के बेड़े में शामिल हो जाएंगे.
हर साल 40% तक क्षमता बढ़ाने का मेगा प्लान
कंपनी चालू वित्त वर्ष में अपनी क्षमता को करीब 30 फीसदी तक बढ़ाने का लक्ष्य लेकर चल रही है. वहीं, अगले 4 से 5 सालों में हर साल 30 से 40 प्रतिशत क्षमता विस्तार करने की योजना है. गौरतलब है कि सरकार ने 4 जुलाई को ही संशोधित UDAN योजना की शुरुआत की है, जिसका मकसद देश के दूरदराज और बिना हवाई सेवा वाले इलाकों को सस्ते किराए में एयर कनेक्टिविटी से जोड़ना है. अक्टूबर 2016 में शुरू हुई इस योजना के तहत अब तक 669 रूट चालू हो चुके हैं और 95 हवाई अड्डों को जोड़ा जा चुका है.
28 घरेलू और 7 इंटरनेशनल शहरों में नेटवर्क
मौजूदा समय में अकासा एयर देश के 28 घरेलू और 7 अंतरराष्ट्रीय शहरों के लिए अपनी सफल उड़ान सेवाएं दे रही है. विनय दुबे ने बताया कि कंपनी एटीएफ प्राइस स्टेबिलाइजेशन फंड और इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ECLGS) में शामिल होने पर भी विचार कर रही है, जिसकी शर्तों का फिलहाल अध्ययन किया जा रहा है.
5000 कर्मचारियों और सिंगल क्लास मॉडल पर भरोसा
अकासा एयर अपनी पुरानी रणनीति पर कायम रहते हुए फिलहाल सिंगल एयरक्राफ्ट टाइप और सिंगल क्लास मॉडल (बिना बिजनेस क्लास) पर ही काम करती रहेगी, हालांकि बाजार की जरूरतों के हिसाब से इसकी समीक्षा होती रहेगी. वैश्विक स्तर पर विमान इंजन की किल्लत के बीच भी बोइंग कंपनी अकासा को समय पर डिलीवरी दे रही है. मंदी के दौर में भी कर्मचारियों को न निकालने का फायदा कंपनी को मिल रहा है. आज अकासा एयर के पास 5,000 से अधिक कर्मचारी हैं, जिनमें 850 से ज्यादा कर्मठ पायलट शामिल हैं.