IND vs NZ : सूर्या का उदय 2025 के पूरे साल में जितने रन नहीं बनाए, सूर्या ने 2026 के पहले महीने में ही ठोक दिए वर्ल्ड रिकॉर्ड
News India Live, Digital Desk : भारतीय टी-20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) ने साल 2026 की शुरुआत किसी धमाके से कम नहीं की है। न्यूजीलैंड के खिलाफ हाल ही में समाप्त हुई टी-20 सीरीज में सूर्या ने न केवल अपनी खोई हुई फॉर्म वापस पाई, बल्कि आंकड़ों के ऐसे शिखर को छू लिया है जिसने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। 2025 का पूरा साल जिस खिलाड़ी के लिए 'दुःस्वप्न' जैसा रहा, उसने 2026 के महज 31 दिनों में पिछले साल का पूरा हिसाब चुकता कर दिया है।
आंकड़ों की जुबानी: 2025 बनाम 2026 का 'शक्ति प्रदर्शन'
सूर्यकुमार यादव के लिए साल 2025 बतौर बल्लेबाज बेहद साधारण रहा था। लेकिन 2026 के पहले महीने (जनवरी) में उन्होंने जो रनों की बारिश की, वह काबिले तारीफ है।
| साल/अवधि | मैच | रन | हाईएस्ट स्कोर | औसत |
|---|---|---|---|---|
| पूरा साल 2025 | 21 | 218 | 48 | 10.38 |
| जनवरी 2026 (NZ सीरीज) | 5 | 242 | 82* | 60.50 |
जैसा कि आंकड़ों से साफ है, सूर्या ने 2025 की 21 पारियों के मुकाबले 2026 की सिर्फ 5 पारियों में ही 24 रन अधिक बना लिए हैं।
बना डाला 'वर्ल्ड रिकॉर्ड': सबसे तेज 3000 टी-20 रन
तिरुवनंतपुरम में खेले गए सीरीज के आखिरी मैच में सूर्या ने 30 गेंदों पर 63 रनों की तूफानी पारी खेली। इस दौरान उन्होंने अंतरराष्ट्रीय टी-20 क्रिकेट में अपने 3000 रन पूरे किए।
सूर्या ने यह मुकाम सिर्फ 1822 गेंदों में हासिल किया।
उन्होंने इंग्लैंड के जोस बटलर (2068 गेंद) का वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ दिया है।
वे अब टी-20 इंटरनेशनल में गेंदों के लिहाज से सबसे तेज 3 हजारी बनने वाले दुनिया के नंबर-1 बल्लेबाज बन गए हैं।
खराब फॉर्म की आलोचना और 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' का जवाब
साल 2025 में 23 पारियों तक कोई अर्धशतक न लगा पाने वाले सूर्या की कप्तानी और जगह पर सवाल उठ रहे थे। आलोचकों का कहना था कि वे फॉर्म खो चुके हैं। हालांकि, न्यूजीलैंड सीरीज में 242 रन बनाकर और 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' का खिताब जीतकर सूर्या ने साबित कर दिया कि "फॉर्म अस्थायी है, लेकिन क्लास स्थायी है।"
टी-20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले टीम इंडिया के लिए शुभ संकेत
7 फरवरी 2026 से शुरू होने वाले टी-20 विश्व कप से ठीक पहले कप्तान का फॉर्म में लौटना भारतीय टीम के लिए संजीवनी की तरह है। ईशान किशन के शतक और सूर्या की आक्रामकता ने भारत को खिताब का प्रबल दावेदार बना दिया है। सूर्या ने अपनी वापसी का श्रेय 'सोशल मीडिया से दूरी' और 'मानसिक ब्रेक' को दिया है।