Income Tax Notice: अमीर परिवारों की खैर नहीं! विदेश में छिपाई संपत्ति तो घर आएगा इनकम टैक्स का नोटिस, इन 8 बड़े शहरों के रडार पर बिजनेस घराने

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नई दिल्ली। देश के बड़े बिजनेस घरानों और रईस परिवारों पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (IT Department) का बड़ा शिकंजा कसने वाला है। आयकर विभाग ने ऐसे सैकड़ों बिजनेस परिवारों की पहचान की है, जिन्होंने कथित तौर पर अपने टैक्स रिटर्न (ITR) में विदेशी संपत्ति (Foreign Assets) या सात समंदर पार से होने वाली कमाई का खुलासा नहीं किया है। विभाग अब इन परिवारों को आने वाले कुछ हफ्तों में 'कारण बताओ' नोटिस भेजने की पूरी तैयारी कर चुका है। सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई उन आंकड़ों के आधार पर की जा रही है जो विभाग को अंतरराष्ट्रीय संधियों के जरिए प्राप्त हुए हैं।

मुंबई से लेकर बेंगलुरु तक, इन शहरों के कारोबारी रडार पर

आयकर विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस बार रडार पर मुख्य रूप से गुजरात और दक्षिण भारत के बड़े कारोबारी केंद्र हैं। विभाग ने अहमदाबाद, सूरत, चेन्नई, हैदराबाद, बेंगलुरु और मुंबई जैसे शहरों के बिजनेस परिवारों की एक विस्तृत सूची तैयार की है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, "इन परिवारों के पास मौजूद विदेशी संपत्तियों की वैल्यू हजारों करोड़ रुपये में है। विभाग के अधिकारी वर्तमान में ठोस आंकड़ों तक पहुंचने के लिए डेटा का गहन विश्लेषण कर रहे हैं। दिल्ली स्थित सीबीडीटी (CBDT) के नोडल ऑफिस में भी कुछ बड़े मामलों की हाई-लेवल जांच चल रही है। जैसे ही पुख्ता सबूत हाथ लगेंगे, कानूनी कार्रवाई और नोटिस भेजने का सिलसिला शुरू हो जाएगा।"

AEOI और OECD फ्रेमवर्क से खुला 'विदेशी खजाना'

भारत को विदेशी बैंक खातों और संपत्तियों की सटीक जानकारी 'ऑटोमैटिक एक्सचेंज ऑफ इंफॉर्मेशन' (AEOI) फ्रेमवर्क के जरिए मिल रही है। यह एक ऐसा सिस्टम है जिसे OECD देशों ने टैक्स चोरी रोकने के लिए बनाया है। इसके तहत 'कॉमन रिपोर्टिंग स्टैंडर्ड' (CRS) का पालन करते हुए दुनिया भर के वित्तीय संस्थान अपने यहां खाता रखने वाले विदेशी नागरिकों का डेटा अपनी टैक्स अथॉरिटीज को देते हैं, जो सालाना आधार पर भारत सरकार को भेजा जाता है।

सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (CBDT) ने साल 2024-25 के लिए डेटा एनालिसिस में पाया कि कई हाई-नेटवर्थ परिवारों ने AY 2025-26 के लिए फाइल किए गए अपने रिटर्न में इन संपत्तियों का जिक्र तक नहीं किया है।

'NUDGE' कैंपेन की सफलता के बाद अब अगली बड़ी तैयारी

आयकर विभाग का पिछला 'NUDGE' कैंपेन बेहद सफल रहा था, जिससे विभाग का हौसला बढ़ा है। इस कैंपेन के तहत उन टैक्सपेयर्स को चुना गया था जिनके बारे में विदेशी ज्यूरिडिक्शन से जानकारी मिली थी लेकिन उन्होंने उसे रिटर्न में नहीं दिखाया था।

चौंकाने वाले नतीजे: विभाग की इस सख्ती के बाद 24,678 टैक्सपेयर्स को अपने रिटर्न रिवाइज करने पड़े थे।

घोषित संपत्ति: इसके जरिए करीब 29,208 करोड़ रुपये की अघोषित विदेशी संपत्तियों का खुलासा हुआ था।

अब विभाग इसी तर्ज पर बड़े बिजनेस परिवारों के खिलाफ 'सेकंड फेज' की कार्रवाई शुरू करने जा रहा है।

विरासत या पुरानी नौकरी का बहाना अब नहीं चलेगा

जांच में यह भी सामने आया है कि कई भारतीय परिवारों के वित्तीय संबंध विदेशों से विरासत (Inheritance), पुरानी नौकरी के दौरान बने निवेश या फैमिली सेटलमेंट के जरिए जुड़े हुए हैं। अक्सर परिवार यह मान लेते हैं कि पुरानी या विरासत में मिली संपत्ति की जानकारी देना जरूरी नहीं है, लेकिन भारतीय कानून (Black Money Act) के तहत दुनिया के किसी भी कोने में मौजूद संपत्ति का ब्यौरा देना अनिवार्य है।