Bank Minimum Balance Rule 2026: क्या अब खाते में पैसा रखना हुआ आसान? बैंक मिनिमम बैलेंस और पेनल्टी पर RBI के नए नियम, जानें आपकी जेब पर क्या होगा असर
नई दिल्ली। बैंकों में बचत खाता (Savings Account) रखने वाले करोड़ों ग्राहकों के लिए मिनिमम बैलेंस नियम 2026 इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। अक्सर लोग इस बात को लेकर परेशान रहते हैं कि उनके खाते से 'मिनिमम बैलेंस' न होने के नाम पर पैसे कट रहे हैं। सोशल मीडिया पर चल रही खबरों के बीच यह समझना जरूरी है कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के ताजा दिशा-निर्देश क्या कहते हैं और पेनल्टी से बचने का सही तरीका क्या है।
अमर उजाला की रिपोर्टर शैली में समझिए, बैंकिंग के इन तकनीकी नियमों का आपकी रोजमर्रा की जिंदगी पर क्या असर पड़ेगा।
क्या है मिनिमम बैलेंस का गणित? शहर और गांव के लिए अलग नियम
मिनिमम बैलेंस वह न्यूनतम राशि है जो आपको अपने बैंक खाते में हमेशा बनाए रखनी होती है। यदि आप ऐसा नहीं करते, तो बैंक आप पर जुर्माना (Penalty) लगाता है।
मेट्रो और शहरी क्षेत्र: यहाँ अक्सर ₹5,000 से ₹10,000 तक का बैलेंस रखना अनिवार्य होता है।
ग्रामीण क्षेत्र: यहाँ यह सीमा कम होती है, आमतौर पर ₹500 से ₹2,000 के बीच।
बदलाव: 2026 के नए रुझान बताते हैं कि कई बैंक अब ग्राहकों को राहत देने के लिए 'एवरेज मंथली बैलेंस' (AMB) की गणना में ढील दे रहे हैं।
RBI की सख्त हिदायत: पेनल्टी पर लगाम!
हालांकि बैंक अपने नियम खुद तय करते हैं, लेकिन भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने पारदर्शिता के लिए कुछ कड़े दिशा-निर्देश दिए हैं:
सूचना देना अनिवार्य: यदि आपका बैलेंस निर्धारित सीमा से कम होता है, तो बैंक को तुरंत SMS या ईमेल के जरिए आपको सूचित करना होगा।
सुधार का मौका: पेनल्टी काटने से पहले बैंक को ग्राहक को एक निश्चित समय देना होगा ताकि वह खाते में पैसे जमा कर सके।
नेगेटिव बैलेंस नहीं: बैंक पेनल्टी के नाम पर आपके खाते को 'नेगेटिव' (शून्य से नीचे) नहीं ले जा सकते।
जीरो बैलेंस अकाउंट: पेनल्टी से बचने का सबसे अच्छा तरीका
अगर आप हर महीने खाते में एक निश्चित रकम नहीं रख सकते, तो आपके पास BSBDA (बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट अकाउंट) का विकल्प है:
शून्य बैलेंस: इस खाते में ₹0 रहने पर भी कोई पेनल्टी नहीं लगती।
सुविधाएं: इसमें आपको रूपे डेबिट कार्ड, फ्री जमा और निकासी जैसी बुनियादी सुविधाएं मिलती हैं।
उद्देश्य: इसका मुख्य उद्देश्य समाज के हर वर्ग को बैंकिंग सिस्टम से जोड़ना है।
खाताधारकों के लिए जरूरी टिप्स: ऐसे बचाएं अपना पैसा
एवरेज बैलेंस समझें: अधिकतर बैंक रोजाना के बैलेंस के बजाय महीने भर के औसत बैलेंस (Average Monthly Balance) को देखते हैं।
अलर्ट चालू रखें: अपने मोबाइल नंबर को बैंक से लिंक रखें ताकि बैलेंस कम होने पर आपको तुरंत पता चल सके।
खाता अपग्रेड/डाउनग्रेड: यदि आपकी आय कम है, तो अपनी होम ब्रांच में जाकर रेगुलर खाते को 'बेसिक अकाउंट' में बदलने का आवेदन दें।